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नहर किनारे प्रमाणपत्रों की फाइलों को लगाई आग
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पानीपत। नहर किनारे पड़े हुए जले हुए प्रमाण पत्र।
- फोटो : Panipat
पानीपत। गणतंत्र दिवस पर बुधवार को दिल्ली पैरलल नहर के पास कुछ लोगों ने हजारों प्रमाणत्र की फाइलों को आग के हवाले कर दिया। इसका मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और गोताखोरों ने विरोध किया। इस बीच प्रमाणपत्रों में आग लगाने वाले भाग गए।
स्थानीय लोगों के पूछने पर बताया कि ये अफसरों का हुकम था उन्हें तो बस पूरा करना था। जल रहे प्रमाणपत्रों के ढेर के बाद पूरे एरिया में धुआं ही धुआं हो गया। इसमें से कुछ फाइल को लोगों ने उठाकर देखा तो कोई फाइल रिहायाशी प्रमाणपत्र की मिली तो कोई जाति प्रमाणपत्र की। वहीं अब तक ये इन प्रमाणपत्रों को जलाने और इसके आदेश देने की जिम्मेदारी किसी विभाग ने नहीं ली है।
हुआ यूं कि बुधवार सुबह कुछ लोग एक गाड़ी में हजारों प्रमाणपत्रों की फाइलें लेकर दिल्ली पैरलल नहर के किनारे पहुंचे। इस दौरान हजारों फाइलों के बड़े बड़े बंडल नहर में फेंकने लगे। यह देख स्थानीय गोताखोरों ने विरोध किया तो फाइलों का ढेर लगा दिया और फिर इसमें आग लगा दी। धुआं देखकर स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। विरोध बढ़ते देख आग लगाने वाले कर्मचारी अपने वाहन से भाग निकले। लोगों के पूछने पर उन्होंने सिर्फ आदेशों का पालन करने की बात कही लेकिन ये नहीं बताया कि ये फाइलें व कहां से लेकर आए थे। अनुुमान लगाया जा रहा है ये रिकार्ड नगर निगम या किसी सीएससी सेंटर का ही हो सकता है।
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करवाई जाएगी जांच
मामले की जांच करवाई जाएगी कि किसने ये रिकार्ड जलवाया है। इसके बाद जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी वह अमल में लाई जाएगी। -धीरज चहल, एसडीएम, पानीपत।
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स्थानीय लोगों के पूछने पर बताया कि ये अफसरों का हुकम था उन्हें तो बस पूरा करना था। जल रहे प्रमाणपत्रों के ढेर के बाद पूरे एरिया में धुआं ही धुआं हो गया। इसमें से कुछ फाइल को लोगों ने उठाकर देखा तो कोई फाइल रिहायाशी प्रमाणपत्र की मिली तो कोई जाति प्रमाणपत्र की। वहीं अब तक ये इन प्रमाणपत्रों को जलाने और इसके आदेश देने की जिम्मेदारी किसी विभाग ने नहीं ली है।
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हुआ यूं कि बुधवार सुबह कुछ लोग एक गाड़ी में हजारों प्रमाणपत्रों की फाइलें लेकर दिल्ली पैरलल नहर के किनारे पहुंचे। इस दौरान हजारों फाइलों के बड़े बड़े बंडल नहर में फेंकने लगे। यह देख स्थानीय गोताखोरों ने विरोध किया तो फाइलों का ढेर लगा दिया और फिर इसमें आग लगा दी। धुआं देखकर स्थानीय लोग भी मौके पर जमा हो गए। विरोध बढ़ते देख आग लगाने वाले कर्मचारी अपने वाहन से भाग निकले। लोगों के पूछने पर उन्होंने सिर्फ आदेशों का पालन करने की बात कही लेकिन ये नहीं बताया कि ये फाइलें व कहां से लेकर आए थे। अनुुमान लगाया जा रहा है ये रिकार्ड नगर निगम या किसी सीएससी सेंटर का ही हो सकता है।
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करवाई जाएगी जांच
मामले की जांच करवाई जाएगी कि किसने ये रिकार्ड जलवाया है। इसके बाद जो भी नियमानुसार कार्रवाई होगी वह अमल में लाई जाएगी। -धीरज चहल, एसडीएम, पानीपत।

पानीपत। नहर किनारे पडे़ हुए प्रमाण पत्र दिखाते हुए।- फोटो : Panipat