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Panipat News: बेसहारा पशुओं के खिलाफ अभियान शुरू, पहले दिन 15 गोवंश हटाए
Tue, 02 Dec 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 02 Dec 2025 12:54 AM IST
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गोवंश पकड़ते निगम की टीम। संवाद
- फोटो : शहर में दुकान पर खादी का वस्त्र खरीदते लोग।
पानीपत। बेसहारा गोवंश हादसों का कारण बन रहे हैं। सड़क किनारे खड़े गोवंश अचानक बीच में आ जाते हैं। शहर के सेक्टरों में पालतू पशु भी खुलेआम घूम रहे हैं। शहर की बाहरी कॉलोनियों में गोवंश की भरमार है। वहीं समालखा में रेलवे रोड, अनाज मंडी और सब्जी मंडी में गोवंश दिनभर झुंड में खड़े रहते हैं। नगर निगम ने सोमवार को शहर से करीब 15 गोवंश को सड़कों से हटाया।
नगर निगम करीब चार महीने से शहर में सड़कों से गोवंश हटा रहा है। एक एजेंसी को करीब 980 रुपये प्रति गोवंश का ठेका दिया गया है। नगर निगम ने करीब दो हजार गोवंश सड़कों से हटाकर गोशाला में छोड़ने का दावा किया है। शहर के बाहरी क्षेत्र में अब भी करीब 300 गोवंश घूम रहे हैं। वहीं सेक्टरों में पालतू पशु शाम के समय खुले छोड़ दिए जाते हैं। नियमानुसार नगर निगम को कार्रवाई करनी होती है। इन पर अपेक्षाकृत कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन सबके बीच नगर निगम अधिकारियों ने सोमवार को फिर से अभियान चलाया। पहले दिन करीब 15 गोवंश को पकड़ा गया।
बच्चे और सांड पकड़ने में ज्यादा दिक्कत
ठेकेदार सुभाष ने बताया एक गोवंश पकड़ने में आधा से पौने घंटे तक का समय लग जाता है। गोवंश के बच्चे और सांड को पकड़ना तो और भी मुश्किल हो जाता है। इनमें कई बार तो एक घंटा तक लग जाता है। वे इनको पकड़कर नैन गांव स्थित गोअभ्यारण्य में लेकर जाते हैं।
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निगम नैन गोअभ्यारण्य को देता है सहयोग
नगर निगम नैन गांव स्थित गोअभ्यारण्य में हर महीने करीब साढ़े सात लाख रुपये की सहयोग राशि देता है। बदले में शहर से गोवंश भेजे जाते हैं। वहीं समालखा के गोवंश नजदीकी की गोशाला में ले जाए जाते हैं। गोशाला प्रबंधन ने इसको बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की थी। नगर निगम ने हाउस की पिछली बैठक में इस प्रस्ताव को रखा था। हाउस ने एक ध्वनि के साथ इसको मंजूर कर दिया था।
शहर से गोवंश नैन गोअभ्यारण्य में ले जाए जाते हैं। इसके लिए लगातार काम चल रहा है। सर्दी के मौसम में इनको पकड़ने के लिए और अभियान चलाया जाएगा। समालखा नगर पालिका क्षेत्र से भी बेसहारा गोवंश को उठाया जाएगा।
- डाॅ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम
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नगर निगम करीब चार महीने से शहर में सड़कों से गोवंश हटा रहा है। एक एजेंसी को करीब 980 रुपये प्रति गोवंश का ठेका दिया गया है। नगर निगम ने करीब दो हजार गोवंश सड़कों से हटाकर गोशाला में छोड़ने का दावा किया है। शहर के बाहरी क्षेत्र में अब भी करीब 300 गोवंश घूम रहे हैं। वहीं सेक्टरों में पालतू पशु शाम के समय खुले छोड़ दिए जाते हैं। नियमानुसार नगर निगम को कार्रवाई करनी होती है। इन पर अपेक्षाकृत कार्रवाई नहीं की जा रही है। इन सबके बीच नगर निगम अधिकारियों ने सोमवार को फिर से अभियान चलाया। पहले दिन करीब 15 गोवंश को पकड़ा गया।
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बच्चे और सांड पकड़ने में ज्यादा दिक्कत
ठेकेदार सुभाष ने बताया एक गोवंश पकड़ने में आधा से पौने घंटे तक का समय लग जाता है। गोवंश के बच्चे और सांड को पकड़ना तो और भी मुश्किल हो जाता है। इनमें कई बार तो एक घंटा तक लग जाता है। वे इनको पकड़कर नैन गांव स्थित गोअभ्यारण्य में लेकर जाते हैं।
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निगम नैन गोअभ्यारण्य को देता है सहयोग
नगर निगम नैन गांव स्थित गोअभ्यारण्य में हर महीने करीब साढ़े सात लाख रुपये की सहयोग राशि देता है। बदले में शहर से गोवंश भेजे जाते हैं। वहीं समालखा के गोवंश नजदीकी की गोशाला में ले जाए जाते हैं। गोशाला प्रबंधन ने इसको बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की मांग की थी। नगर निगम ने हाउस की पिछली बैठक में इस प्रस्ताव को रखा था। हाउस ने एक ध्वनि के साथ इसको मंजूर कर दिया था।
शहर से गोवंश नैन गोअभ्यारण्य में ले जाए जाते हैं। इसके लिए लगातार काम चल रहा है। सर्दी के मौसम में इनको पकड़ने के लिए और अभियान चलाया जाएगा। समालखा नगर पालिका क्षेत्र से भी बेसहारा गोवंश को उठाया जाएगा।
- डाॅ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम

गोवंश पकड़ते निगम की टीम। संवाद- फोटो : शहर में दुकान पर खादी का वस्त्र खरीदते लोग।