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Panipat News: सेक्टर 29 में अग्रसेन चौक से जीटी रोड तक बाईपास का सवा तीन करोड़ से होगा जीर्णाद्धार
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- शहर के लाखों मजदूरों और हजारों उद्योगपतियों को मिलेगी राहत, अमृत योजना के तहत उखाड़ी गई थी सड़क, तीन साल बाद तक नहीं बनी दोबारा
- नगर निगम को एग्रो माॅल में शिफ्ट करने के सात करोड़ के काम को दो दिन बाद मिलेगी मंजूरी
फोटो: 20
माई सिटी रिपोर्टर
एंकर
पानीपत। सेक्टर 29 में अग्रसेन चौक से लेकर जीटी रोड तक के बाइपास के पुन:निर्माण प्रोजेक्ट को अब निकाय की तरफ से तकनीकी मंजूरी मिल गई है। इस रोड को नगर निगम करीब सवा तीन करोड़ से दोबारा बनाएगा। जिससे इस बाइपास के साथ लगते कई औद्योगिक सेक्टरों में आवागमन करने वाले लाखों कामगारों और हजारों उद्योगपतियों को राहत की सांस मिलेगी। दोनों ओर करीब तीन से चाल किलोमीटर लंबी इस सड़क को निगम तारकोल के साथ बनाने जा रहा है।
सोमवार को नगर निगम अधिकारी इसकी फाइल लेकर फरीदाबाद में चीफ इंजीनियर के पास इसकी तकनीकी मंजूरी के लिए गए थे। चीफ इंजीनियर बीके करदम ने इस प्रोजेक्ट को झंडी दे दी है। अब नगर निगम अधिकारी इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए निविदाएं आमंत्रित करेंगे। जिसके बाद प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसी रोड पर नगर निगम फैंसी लाइटें तक लगा चुका है। अब रोड के पुर्ननिर्माण के बाद ये रोड शहर के सबसे चौड़े और सुंदर रास्तों में से एक बन जाएगा।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने इस रोड को करीब तीन साल पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए उखाड़ा था। तब से लकर आज तक ये रोड दोबारा नहीं बनाया जा सका। अब इस रोड पर हजारों गड्ढे बन चुके हैं। जबकि शहर के उद्योगपति, मजदूर और उनकी मालवाहक गाड़ियां इसी रास्ते का इस्तेमाल करती हैं।
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बॉक्स
एग्रोमॉल में निगम शिफ्ट करने की मंजूरी दो दिन बाद
दूसरी ओर नगर निगम के ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स और पालिका बाजार निगम कार्यालय को एग्रोमॉल में शिफ्ट करने की मंजूरी भी दो दिन बाद मिलने की संभावना है। करीब सात करोड़ रुपये से इन दोनों कार्यालयों को एग्रोमॉल में शिफ्ट किया जाएगा। जिससे शहर के लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।
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ढाई करोड़ से ज्यादा कामों को चीफ की मंजूरी मिलना अनिवार्य
निगम अधिकारियों ने बताया कि 50 लाख से ढाई करोड़ तक के विकास कार्याें को तकनीकी मंजूरी निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के पास होती है। फिलहाल निगम के एसई का अतिरिक्त पदभार विक्रम सिंह मोर के पास है। ढाई करोड़ से ऊपर के सभी विकास कार्याें की मंजूरी चीफ इंजीनियर से मिलनी होती है। नगर निगम में चीफ का पद रिक्त है। इसलिए इनकी फाइलें फरीदाबाद निगम के चीफ इंजीनियर के पास जाती हैं।
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दोनों बड़े प्रोजेक्ट: निगम
नगर निगम के ये दोनों बड़े प्रोजेक्ट हैं। बाइपास रोड को बनाने की तकनीकी मंजूरी मिल गई है। वहीं, एग्रो मॉल में निगम शिफ्ट करने की मंजूरी अभी बाकी है। ये दो दिन में मिल जाएगी। दोनों प्रोजेक्ट से शहर के लोगों को काफी लाभ होगा। दोनों प्रोजेक्ट को नगर निगम गुणवत्तापूर्वक कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।
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- नगर निगम को एग्रो माॅल में शिफ्ट करने के सात करोड़ के काम को दो दिन बाद मिलेगी मंजूरी
फोटो: 20
माई सिटी रिपोर्टर
एंकर
पानीपत। सेक्टर 29 में अग्रसेन चौक से लेकर जीटी रोड तक के बाइपास के पुन:निर्माण प्रोजेक्ट को अब निकाय की तरफ से तकनीकी मंजूरी मिल गई है। इस रोड को नगर निगम करीब सवा तीन करोड़ से दोबारा बनाएगा। जिससे इस बाइपास के साथ लगते कई औद्योगिक सेक्टरों में आवागमन करने वाले लाखों कामगारों और हजारों उद्योगपतियों को राहत की सांस मिलेगी। दोनों ओर करीब तीन से चाल किलोमीटर लंबी इस सड़क को निगम तारकोल के साथ बनाने जा रहा है।
सोमवार को नगर निगम अधिकारी इसकी फाइल लेकर फरीदाबाद में चीफ इंजीनियर के पास इसकी तकनीकी मंजूरी के लिए गए थे। चीफ इंजीनियर बीके करदम ने इस प्रोजेक्ट को झंडी दे दी है। अब नगर निगम अधिकारी इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए निविदाएं आमंत्रित करेंगे। जिसके बाद प्रोजेक्ट को अमलीजामा पहनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि इसी रोड पर नगर निगम फैंसी लाइटें तक लगा चुका है। अब रोड के पुर्ननिर्माण के बाद ये रोड शहर के सबसे चौड़े और सुंदर रास्तों में से एक बन जाएगा।
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उल्लेखनीय है कि नगर निगम ने इस रोड को करीब तीन साल पहले सीवर लाइन बिछाने के लिए उखाड़ा था। तब से लकर आज तक ये रोड दोबारा नहीं बनाया जा सका। अब इस रोड पर हजारों गड्ढे बन चुके हैं। जबकि शहर के उद्योगपति, मजदूर और उनकी मालवाहक गाड़ियां इसी रास्ते का इस्तेमाल करती हैं।
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एग्रोमॉल में निगम शिफ्ट करने की मंजूरी दो दिन बाद
दूसरी ओर नगर निगम के ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स और पालिका बाजार निगम कार्यालय को एग्रोमॉल में शिफ्ट करने की मंजूरी भी दो दिन बाद मिलने की संभावना है। करीब सात करोड़ रुपये से इन दोनों कार्यालयों को एग्रोमॉल में शिफ्ट किया जाएगा। जिससे शहर के लोगों को एक ही छत के नीचे सभी सुविधाएं मिल सकेंगी।
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ढाई करोड़ से ज्यादा कामों को चीफ की मंजूरी मिलना अनिवार्य
निगम अधिकारियों ने बताया कि 50 लाख से ढाई करोड़ तक के विकास कार्याें को तकनीकी मंजूरी निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर के पास होती है। फिलहाल निगम के एसई का अतिरिक्त पदभार विक्रम सिंह मोर के पास है। ढाई करोड़ से ऊपर के सभी विकास कार्याें की मंजूरी चीफ इंजीनियर से मिलनी होती है। नगर निगम में चीफ का पद रिक्त है। इसलिए इनकी फाइलें फरीदाबाद निगम के चीफ इंजीनियर के पास जाती हैं।
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दोनों बड़े प्रोजेक्ट: निगम
नगर निगम के ये दोनों बड़े प्रोजेक्ट हैं। बाइपास रोड को बनाने की तकनीकी मंजूरी मिल गई है। वहीं, एग्रो मॉल में निगम शिफ्ट करने की मंजूरी अभी बाकी है। ये दो दिन में मिल जाएगी। दोनों प्रोजेक्ट से शहर के लोगों को काफी लाभ होगा। दोनों प्रोजेक्ट को नगर निगम गुणवत्तापूर्वक कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
राहुल पूनिया, एक्सईएन, नगर निगम।