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Panipat News: अहर गांव के सरपंच चुनाव रद्द पर अदालत ने लगाया स्टे
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पानीपत। हरियाणा के पानीपत में अहर गांव के सरपंच पद का चुनाव रद्द करने के फैसले पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायधीश एनके सिंहल की अदालत ने फिलहाल स्टे लगा दिया है। किसने-किसकी वोट फर्जी डाली, इसका खुलासा नहीं हो पाया है। अब इस मामले में 14 दिसंबर 2023 को अगली सुनवाई होगी।
अब दूसरे पक्ष चुनाव पर स्टे लगाने के फैसले पर हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगे। विदित है कि नौ अक्टूबर को सिविल जज जूनियर डिवीजन हरलील पाल सिंह की कोर्ट ने इसराना खंड के अहर गांव के सरपंच का चुनाव रद्द कर दिया था। कोर्ट ने पाया है कि मतदान के दौरान 61 वोट फर्जी तरीके से डाले गए। जबकि याचिकाकर्ता 34 वोटों से सरपंच का चुनाव हार गया था। उन्होंने कोर्ट से सरपंंच घोषित करने की भी मांग की थी। कोर्ट ने इसमें चुनाव दोबारा कराने का फैसला सुनाया था। सरपंच महेंद्र सिंह ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया था। हालांकि उसके बाद अब महेंद्र ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनके सिंहल की अदालत में याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सरपंच पद चुनाव रद्द करने पर स्टे लगा दिया है।
वहीं याचिकाकर्ता भगवान दास पक्ष के वकील राजकुमार जीवन ने बताया कि अहर गांव में नवंबर 2022 में सरपंच का चुनाव हुआ था। इसमें भगवान दास भी सरपंच के प्रत्याशी थे। दूसरी तरफ से महेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे। भगवान दास का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने पोलिंग पार्टी से मिलीभगत कर मृत लोगों का भी मतदान करा दिया। कुछ लोगों के दो बार मतदान किए। गांव से विदेश में गए लोगों तक का मतदान करा दिया गया। इन सबके चलते भगवान दास 34 वोट से चुनाव हार गए। सिविल जज की अदालत ने उनकी याचिका पर पोलिंग पार्टी और सरपंच महेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया। पोलिंग पार्टी ने अपना सारा रिकॉर्ड पेश किया और सरपंच महेंद्र सिंह की तरफ से एडवोकेट बलराज खर्ब ने अपना पक्ष रखा।
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कोर्ट के सामने खुली थी मिलीभगत की पोल
एडवोकेट राजकुमार जीवन ने बताया कि पोलिंग पार्टी से रिकॉर्ड मंगवाया गया। इसमें साफ हुआ था कि 15 वोट पोलिंग पार्टी ने अपनी मर्जी से प्रयोग किया था। 31 वोट दोबारा प्रयोग में लाए गए थे। कुछ वोट तीन बार भी पोल हुए। इस तरह 61 वोट फर्जी तरीके से डलवाए गए। जबकि भगवान दास 34 वोटों से पीछे रहे थे। उन्होंने कोर्ट को भगवान दास को सरपंच घोषित करने की मांग की थी।
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अब दूसरे पक्ष चुनाव पर स्टे लगाने के फैसले पर हाईकोर्ट में याचिका लगाएंगे। विदित है कि नौ अक्टूबर को सिविल जज जूनियर डिवीजन हरलील पाल सिंह की कोर्ट ने इसराना खंड के अहर गांव के सरपंच का चुनाव रद्द कर दिया था। कोर्ट ने पाया है कि मतदान के दौरान 61 वोट फर्जी तरीके से डाले गए। जबकि याचिकाकर्ता 34 वोटों से सरपंच का चुनाव हार गया था। उन्होंने कोर्ट से सरपंंच घोषित करने की भी मांग की थी। कोर्ट ने इसमें चुनाव दोबारा कराने का फैसला सुनाया था। सरपंच महेंद्र सिंह ने कोर्ट के इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया था। हालांकि उसके बाद अब महेंद्र ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश एनके सिंहल की अदालत में याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सरपंच पद चुनाव रद्द करने पर स्टे लगा दिया है।
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वहीं याचिकाकर्ता भगवान दास पक्ष के वकील राजकुमार जीवन ने बताया कि अहर गांव में नवंबर 2022 में सरपंच का चुनाव हुआ था। इसमें भगवान दास भी सरपंच के प्रत्याशी थे। दूसरी तरफ से महेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे। भगवान दास का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने पोलिंग पार्टी से मिलीभगत कर मृत लोगों का भी मतदान करा दिया। कुछ लोगों के दो बार मतदान किए। गांव से विदेश में गए लोगों तक का मतदान करा दिया गया। इन सबके चलते भगवान दास 34 वोट से चुनाव हार गए। सिविल जज की अदालत ने उनकी याचिका पर पोलिंग पार्टी और सरपंच महेंद्र सिंह को नोटिस जारी किया। पोलिंग पार्टी ने अपना सारा रिकॉर्ड पेश किया और सरपंच महेंद्र सिंह की तरफ से एडवोकेट बलराज खर्ब ने अपना पक्ष रखा।
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कोर्ट के सामने खुली थी मिलीभगत की पोल
एडवोकेट राजकुमार जीवन ने बताया कि पोलिंग पार्टी से रिकॉर्ड मंगवाया गया। इसमें साफ हुआ था कि 15 वोट पोलिंग पार्टी ने अपनी मर्जी से प्रयोग किया था। 31 वोट दोबारा प्रयोग में लाए गए थे। कुछ वोट तीन बार भी पोल हुए। इस तरह 61 वोट फर्जी तरीके से डलवाए गए। जबकि भगवान दास 34 वोटों से पीछे रहे थे। उन्होंने कोर्ट को भगवान दास को सरपंच घोषित करने की मांग की थी।