फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   bussnes

दो माह के संघर्ष के बाद सरकार को अपना पक्ष समझाने में कामयाब हुए उद्यमी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 04 Sep 2019 02:27 AM IST
विज्ञापन
bussnes
शहर के 1200 उद्योगों पर लटक रही हरियाणा स्टेट प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपिीसीबी) की तलवार फिलहाल टल गई है। सीपीसीबी ने उद्योगों को राहत देते हुए पीएनजी लेने के लिए समय दिया है। उद्यमियों को यह राहत कितने वक्त के लिए है, इसका आदेश में कोई जिक्र नहीं किया गया है। फिलहाल पानीपत के उद्योग पूर्व की तरह ही चलेंगे। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि उद्योगों को पीएनजी नहीं लेनी होगी, उद्यमियों को पीएनजी लेने के उद्देश्य से ही यह समय दिया गया है। फिलहाल पीएनजी नहीं होने की दिशा में उद्योगों को पूर्व के आदेश के तहत बंद नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन

उद्योगों को पाइप नेचुरल गैस (पीएनजी) मामले में केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दे दी है। पानीपत के 1200 उद्योगों पर पीएनजी की तलवार लटक रही थी। उद्योगों ने सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया है। उद्यमियों ने कहा कि आर्थिक मंदी के दौर में इंडस्ट्री के लिए यह ऑक्सीजन से कम नहीं है। सरकार ने एनसीआर क्षेत्र में पर्यावरण मानकों को पूरा करने वाले उद्योगों को पीएनजी बॉयलर लगाने के लिए बाध्य नहीं करने का फैसला लिया है। इस दायरे में पानीपत के 1200 उद्योग आएंगे। इससे पहले केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जुलाई में आदेश जारी किया गया था कि एनसीआर क्षेत्र की सभी औद्योगिक इकाइयों में सभी बॉयलर को पीएनजी में बदला किया जाए। ऐसा नहीं करने वाली इकाइयों पर कार्रवाई की जाएगी। इसे लेकर उद्योग जगत बेचैन था। विभिन्न औद्योगिक संगठनों द्वारा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से लेकर सीपीसीबी तक से इस मामले में राहत की अर्जी लगाई गई।
विज्ञापन

उद्यमियों ने सरकार को समझाने का किया प्रयास
उद्यमियों ने केंद्र सरकार को समझाने का प्रयास किया था कि टैक्सटाइल इंडस्ट्री पीएनजी का खर्च उठाने में सक्षम नहीं है, क्योंकि इंडस्ट्री की ओर से वर्तमान में इस्तेमाल किए जा रहे ईंधन से इसकी कीमत तीन गुना अधिक है। औद्योगिक इकाइयों को अभी बॉयो फ्यूल, कोयला और डीजल से बायलर चलाया जा रहा है। इनका इस्तेमाल उद्यमी तब तक जारी रखना चाहते हैं जब तक पीएनजी आपूर्ति का बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर किफायती दर पर न मुहैया करा दी जाए। सरकारी आदेश के अनुसार औद्योगिक एसोसिएशनों और औद्योगिक प्रतिनिधियों के अनुरोध को देखते हुए इस मामले में फिलहाल उद्योगों की बंदी रुक गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार को अपनी बातें समझाने में सफल रहे हैं
पिछले दो माह से सरकार को ये समझाने का प्रयास कर रहे थे कि पीएनजी उद्यमियों के लिए तीन गुना महंगी पड़ेगी। फिलहाल इंफ्रास्ट्रचर भी तैयार नहीं है। 12 हजार करोड़ के 1200 उद्योगों पर तलवार लटक रही थी। फिलहाल उनको राहत मिली है। सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं। वो सरकार को अपनी बातें समझाने में सफल रहे।
- भीम राणा, प्रधान डायर्स एसोसिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed