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Panipat News: सांस लेना हुआ मुश्किल, एक्यूआई 350 पर पहुंचा
Mon, 24 Nov 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Mon, 24 Nov 2025 01:45 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक ( एक्यूआई ) रविवार को 350 दर्ज किया गया जो शनिवार को 115 के आस-पास था। रविवार को सुबह व शाम धुएं के साथ प्रदूषण की धुंध छाई रही। लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है लेकिन कूड़ा जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। दिल्ली में ग्रैप-3 लागू होने के बाद भी औद्योगिक नगरी में फैक्टरी चल रही है जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( एचएसपीसी ) के मीटर में रविवार को प्रदूषण का स्तर शनिवार की अपेक्षा लगभग 245 बढ़ गया जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
जिला नागरिक अस्पताल में सांस संबंधी बीमारी अस्थमा और सीओपीडी के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों के साथ बच्चों और युवाओं को भी सांस लेने में मुश्किल होनी लगी है लेकिन लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं और शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा व पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं।
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वहीं शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बनी फैक्टरी नियमित रूप से चल रही हैं जिनसे निकलने वाला धुंआ प्रदूषण के स्तर को बढ़ा रहा है। परढ़ाना निवासी 50 वर्षीय शमशेर ने बताया कि उसे अस्थमा की बीमारी है।
उसे पहले ही सांस लेने में तकलीफ होती है और अब दिवाली के बाद तो यह समस्या ओर बढ़ गई है। सुबह व शाम के समय वह घर में ही रहता है फिर भी उसे सांस लेने में परेशानी होती है। इससे बचाव के लिए वह चिकित्सक के बताए अनुसार घर पर ही कुछ योग व एक्सरसाइज करता है लेकिन सांस लेने में परेशानी बढ़ती जा रही है।
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पानीपत। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक ( एक्यूआई ) रविवार को 350 दर्ज किया गया जो शनिवार को 115 के आस-पास था। रविवार को सुबह व शाम धुएं के साथ प्रदूषण की धुंध छाई रही। लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो गया है लेकिन कूड़ा जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं। दिल्ली में ग्रैप-3 लागू होने के बाद भी औद्योगिक नगरी में फैक्टरी चल रही है जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ गया है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ( एचएसपीसी ) के मीटर में रविवार को प्रदूषण का स्तर शनिवार की अपेक्षा लगभग 245 बढ़ गया जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही है।
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जिला नागरिक अस्पताल में सांस संबंधी बीमारी अस्थमा और सीओपीडी के मरीज प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। बुजुर्गों के साथ बच्चों और युवाओं को भी सांस लेने में मुश्किल होनी लगी है लेकिन लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं और शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा व पराली जलाने के मामले कम नहीं हो रहे हैं।
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वहीं शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बनी फैक्टरी नियमित रूप से चल रही हैं जिनसे निकलने वाला धुंआ प्रदूषण के स्तर को बढ़ा रहा है। परढ़ाना निवासी 50 वर्षीय शमशेर ने बताया कि उसे अस्थमा की बीमारी है।
उसे पहले ही सांस लेने में तकलीफ होती है और अब दिवाली के बाद तो यह समस्या ओर बढ़ गई है। सुबह व शाम के समय वह घर में ही रहता है फिर भी उसे सांस लेने में परेशानी होती है। इससे बचाव के लिए वह चिकित्सक के बताए अनुसार घर पर ही कुछ योग व एक्सरसाइज करता है लेकिन सांस लेने में परेशानी बढ़ती जा रही है।