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नहर में छलांग लगाने वाले दुकानदार का शव मिला

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 28 Jan 2022 02:00 AM IST
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Body of shopkeeper who jumped in canal was found
पानीपत। फाइनेंसरों की धमकी से परेशान होकर नहर में छलांग लगाने वाले दुकानदार नरेंद्र सिंह का वीरवार को दोपहर डेढ़ बजे सोनीपत क्षेत्र में शव मिला। परिजन शव को नहर से निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एंबुलेंस में पानीपत सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे और शव गृह में रखवाया। वहीं इसके अलावा पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस की कागजी कार्रवाई में देरी हुई, जिस वजह वीरवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका।
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तहसील कैंप के दुष्यंत नगर निवासी विक्रम सिंह ने बताया था कि उसके पिता नरेंद्र सिंह(50) की तहसील कैंप में किराना स्टोर है। वह 20 जनवरी की सुबह छह बजे घर से निकले थे। उन्होंने पिता के फोन पर कॉल किया, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला। उन्होंने पिता की तलाश शुरू की, लेकिन उनका कहीं कोई सुराग नहीं लगा। वह पिता को ढूंढते-ढूंढते 21 जनवरी को नहर किनारे पहुंचे तो पिता की शॉल और कपड़े मिले थे।
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नरेंद्र के कपड़ों से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि फाइनेंसर ज्यादा टार्चर कर रहे हैं। बच्चों को धमका रहे हैं। मैंने पैसे वापस करने के लिए लोन की फाइल लगा रखी थी। प्रॉपर्टी बेचने का भी निश्चय कर लिया था, लेकिन बाजार में मंदी के कारण ग्राहक लेट है। लोन पास होने में भी देरी हो रही है। ये लोग मुझे सुसाइड करने पर मजबूर कर रहे है। अंत में फाइनरों के नाम और मोबाइल नंबर लिखे थे, बलबीर सिंह से दो लाख, दर्शन लाल से चार लाख, तजेंद्र मान से साढ़े तीन लाख, यशपाल शर्मा से डेढ़ लाख, दीपक कादियान से साढ़े तीन लाख, इकलैश बस स्टैंड और एक कबाड़ी से डेढ़-डेढ़ लाख, मदनलाल से एक लाख रुपये का लेन-देन था। इसके अलावा एक सुसाइड नोट नरेंद्र के घर से भी मिला है।
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छोटे बेटे ने लगाया हत्या का आरोप
नरेंद्र के सबसे छोटे बेटे दिलजीत ने बताया कि सिख के लिए सबसे अहम उसकी पगड़ी होती है, एक सिख अपनी जान दे सकता है, लेकिन पगड़ी को झुकने नहीं दे सकता, लेकिन पिता की पगड़ी जूतों पर रखी मिली, जो कि एक हादसे को नहीं बल्कि एक साजिश की तरफ इशारा कर रही है। उनके पिता की हत्या हुई है, पुलिस गहनता से जांच करे और आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाएं।
नरेंद्र की बेटी मनप्रीत ने पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए। पिता के शव मिलने के बाद अस्पताल में विलाप करते हुए मनप्रीत ने कहा कि पुलिस कहां हैं, हमें बता दो, क्योंकि 20 जनवरी से लेकर अब तक पुलिस ने उनकी कोई सुध नहीं ली। उन्होंने अपने प्राइवेट गोताखोर प्रकट सिंह से नहर में तलाश कराई। दिन रात वह नहर में पिता को ढूंढते रहे, लेकिन इस बीच कोई पुलिसकर्मी नहीं दिखा।
सबसे बड़े बेटे विक्रम सिंह ने बताया कि उनके पिता का आठों फाइनेंसरों से करीब 20-22 लाख रुपये का लेन-देन था। वह हर माह ब्याज दे रहे थे, लेकिन अब आरोपी उन पर दबाव बना रहे थे। पिता 19 जनवरी को भी फाइनेंसर से मिलने गए थे, वहां उन्हें धमकी दी गई। आरोप है कि दीपक कादियान ने पिता को रिवाल्वर दिखाते हुए रुपये न लौटाने पर जान से मारने की धमकी दी थी।

वर्जन
शव को पोस्टमार्टम के लिए शवगृह में रखवा दिया है, शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर आगामी कार्रवाई की अमल में लाई जाएगी। - इंस्पेक्टर हरि राम, तहसील कैंप थाना प्रभारी
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