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Panipat News: एनडीसी पोर्टल में बड़ा बदलाव, रिजेक्ट नहीं सिर्फ वापस होंगी आपत्तियां
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पानीपत। प्रॉपर्टी आईडी की त्रुटि ठीक करवाने के लिए निकाय स्तर पर एनडीसी पोर्टल में बड़ा बदलाव किया गया है। अब पोर्टल पर लगाई जाने वाली आपत्तियां रिजेक्ट नहीं होंगी। उन्हें केवल रिवर्ट किया जा सकेगा। यानी अगर किसी ने किसी त्रुटि के लिए पोर्टल पर आपत्ति दर्ज करवाई है और संबंधित दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड नहीं किए तो हैं अधिकारी इसे वापस आवेदन करने वाले या आपत्ति दर्ज करवाने वाले के पास भेज देंगे। इसमें संबंधित दस्तावेज लगाकर दोबारा आवेदन किया जा सकेगा।
अगर दस्तावेज नहीं होंगे तो यह आवेदन यूं ही पड़ा रहेगा। न तो इसे स्वीकार कर पास किया जाएगा और न ही इसे रद्द किया जाएगा। इससे निगम के पास रिजेक्ट किए आवेदनों की संख्या भी समाप्त हो जाएगी और आवेदनकर्ताओं के पास दस्तावेज उपलब्ध करवाने का भार भी आ जाएगा। खास बात यह है कि संंबंधित आवेदन में आपत्ति दर्ज करवाने वाला नंबर यानी ऑब्जेक्शन नंबर एक ही रहेगा। अब तक जो आवेदन या आपत्तियां निगम अधिकारी रद्द कर देते थे, आवेदनकर्ता उन्हें दोबारा नए ऑब्जेक्शन नंबर के साथ अपलोड कर देते थे। जो अब नहीं हो सकेगा।
शहरवासियों के अनुसार इस अपडेट का फायदा सिर्फ अधिकारियों को होगा। अधिकारियों के पास लंबित आवेदन नहीं होंगे। रिजेक्ट करने का कारण नहीं बताना पड़ेगा। वापसी में उल्टा जनता से सवाल होंगे कि उन्होंने संबंधित त्रुटि ठीक करवाने के लिए संबंधित दस्तावेज नहीं लगाए। आम जन को यह नुकसान होगा कि अगर उनका आवेदन स्वीकार नहीं हुआ तो वे निगम कार्यालय के चक्कर पर चक्कर ही काटते रहेंगे। हालांकि अभी यह बदलाव हुआ है, जिसके परिणाम आने बाकी हैं।
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एनडीसी पोर्टल पर यह बदलाव अभी शुरू किया गया है। इससे निगम अधिकारियों का समय बचेगा और लोगों के काम भी समय से होंगे। एक आपत्ति बार- बार नहीं लगानी पड़ेगी। एक ही बार में सभी समस्याओं का समाधान होगा।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।
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अगर दस्तावेज नहीं होंगे तो यह आवेदन यूं ही पड़ा रहेगा। न तो इसे स्वीकार कर पास किया जाएगा और न ही इसे रद्द किया जाएगा। इससे निगम के पास रिजेक्ट किए आवेदनों की संख्या भी समाप्त हो जाएगी और आवेदनकर्ताओं के पास दस्तावेज उपलब्ध करवाने का भार भी आ जाएगा। खास बात यह है कि संंबंधित आवेदन में आपत्ति दर्ज करवाने वाला नंबर यानी ऑब्जेक्शन नंबर एक ही रहेगा। अब तक जो आवेदन या आपत्तियां निगम अधिकारी रद्द कर देते थे, आवेदनकर्ता उन्हें दोबारा नए ऑब्जेक्शन नंबर के साथ अपलोड कर देते थे। जो अब नहीं हो सकेगा।
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शहरवासियों के अनुसार इस अपडेट का फायदा सिर्फ अधिकारियों को होगा। अधिकारियों के पास लंबित आवेदन नहीं होंगे। रिजेक्ट करने का कारण नहीं बताना पड़ेगा। वापसी में उल्टा जनता से सवाल होंगे कि उन्होंने संबंधित त्रुटि ठीक करवाने के लिए संबंधित दस्तावेज नहीं लगाए। आम जन को यह नुकसान होगा कि अगर उनका आवेदन स्वीकार नहीं हुआ तो वे निगम कार्यालय के चक्कर पर चक्कर ही काटते रहेंगे। हालांकि अभी यह बदलाव हुआ है, जिसके परिणाम आने बाकी हैं।
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एनडीसी पोर्टल पर यह बदलाव अभी शुरू किया गया है। इससे निगम अधिकारियों का समय बचेगा और लोगों के काम भी समय से होंगे। एक आपत्ति बार- बार नहीं लगानी पड़ेगी। एक ही बार में सभी समस्याओं का समाधान होगा।
- दुष्यंत भट्ट, सीनियर डिप्टी मेयर।