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नियमित योग और व्यायाम अस्थमा का कारगर उपाय
panipat
Updated Tue, 03 May 2016 12:39 AM IST
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अस्थमा दिवस पर मदान अस्पताल के डॉ. अनंत मदान ने लोगों को अस्थमा से बचने और उसके उपाय के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि समय पर इलाज करवाकर अस्थमा पर नियंत्रण पाया जा सकता है। अस्थमा को रोकने एक सबसे सरल एक ही उपाय नियमित व्यायाम और योग है। अस्थमा के शुरुआत में इसको हल्के में न लेकर इसका तुरंत इलाज करवाना चाहिए।
सोमवार को विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर मदान अस्पताल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमीनार में लोगों को अस्थमा के प्रति सचेत किया गया। डॉ. मदान ने कहा कि अस्थमा गंभीर बीमारी है। अस्थमा के मरीजों को लंबे इलाज की जरूरत होती है। अस्थमा के मरीज अपना पूरा इलाज न करवाकर अधूरा छोड़ देते है। मरीज खुद को बेहतर महसूस कर इन्हेलर लेना भी छोड़ देते है।
कुछ दिनों के बाद मरीजों को सांस लेने में दोबारा दिक्कत हो जाती है। उन्होंने कहा कि इन्हेल्ड कोरटिकोस्टेरॉयड थेरेपी अस्थमा को नियंत्रित करने का सबसे कारगर इलाज है। प्रभावी और सुरक्षित इलाज में दवाई की डिलीवरी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। आईसीटी के मामले में दवाई की बहुत कम डोज सीधे सूजन भरी सांस की नलियों में पहुंचती है।
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इससे साइड इफेक्ट्स भी सीमित होते है। उन्होंने कहा कि अस्थमा दीर्घकालिक बीमारी है। दुनिया भर के लाखों लोग अस्थमा से प्रभावित है। मरीजों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर मदान अस्पताल के सभी डॉक्टर मौजूद रहे।
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सोमवार को विश्व अस्थमा दिवस के अवसर पर मदान अस्पताल में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमीनार में लोगों को अस्थमा के प्रति सचेत किया गया। डॉ. मदान ने कहा कि अस्थमा गंभीर बीमारी है। अस्थमा के मरीजों को लंबे इलाज की जरूरत होती है। अस्थमा के मरीज अपना पूरा इलाज न करवाकर अधूरा छोड़ देते है। मरीज खुद को बेहतर महसूस कर इन्हेलर लेना भी छोड़ देते है।
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कुछ दिनों के बाद मरीजों को सांस लेने में दोबारा दिक्कत हो जाती है। उन्होंने कहा कि इन्हेल्ड कोरटिकोस्टेरॉयड थेरेपी अस्थमा को नियंत्रित करने का सबसे कारगर इलाज है। प्रभावी और सुरक्षित इलाज में दवाई की डिलीवरी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है। आईसीटी के मामले में दवाई की बहुत कम डोज सीधे सूजन भरी सांस की नलियों में पहुंचती है।
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इससे साइड इफेक्ट्स भी सीमित होते है। उन्होंने कहा कि अस्थमा दीर्घकालिक बीमारी है। दुनिया भर के लाखों लोग अस्थमा से प्रभावित है। मरीजों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर मदान अस्पताल के सभी डॉक्टर मौजूद रहे।