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Panipat News: ड्रेन की 10 लाख में होती थी सफाई, निगम 58 लाख में करा रहा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jun 2023 03:00 AM IST
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ASI and Havaldar line up in Sarpanch husband assault case
पानीपत। शहर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली ड्रेन नंबर एक की सफाई पहले सिंचाई विभाग करवाता रहा है। जिसमें करीब 10 से 11 लाख रुपये की लागत आती थी। अबकी बार ड्रेन की सफाई का काम नगर निगम ने लिया है। जिस पर निगम ने करीब 58 लाख रुपये से ड्रेन की सफाई का टेंडर लगा दिया है, जो पहले के बजट से पांच गुना अधिक है। इतना महंगा काम देने के बाद निगम अधिकारी जवाब देने की बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
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उल्लेखनीय है कि ये ड्रेन काबड़ी से लेकर सचिवालय के पीछे से होते हुए शहर के बीचों बीच गुजरती है, जो आगे चौटाला रोड तक जाती है। करीब 12 किलोमीटर एरिया में सफाई की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग की थी। अबकी बार शहर के इस एरिया को निगम के अधीन कर दिया गया है। जिस पर निगम ने सफाई भी शुरू करवा दी है।
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बड़ा सवाल : रेट में इतना अंतर कैसे?


निगम अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने सिंचाई विभाग के एस्टीमेट से ही एस्टीमेट तैयार किया है। पहले काबड़ी से लेकर सचिवालय तक का विभाग ने करीब 14 लाख का एस्टीमेट बनाया था। भले ही इस काम में एस्टीमेट से कम या ज्यादा खर्च हुआ हो। ये एरिया करीब चार किलोमीटर बनता था। अब पूरे 12 किलोमीटर एरिया का एस्टीमेट उसी हिसाब से बनाया गया है। दूसरा पहले एचएसआर आइटम के रेट काफी कम थे। जो अब बढ़ चुके हैं। इन दो कारणों की वजह से ड्रेन की सफाई का बजट बढ़ा है। जिसकी वजह से पहले के रेट और अब में ज्यादा अंतर आया है।
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चर्चा का बना विषय:
अचानक से ड्रेन की सफाई पर 58 लाख खर्च होना शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोग इसे गड़बड़झाले से भी जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इसका एस्टीमेट और टेंडर नियमों के अनुसार बनाया है। जिसमें कोई लापरवाही नहीं बरती गई है। टेंडर में 13 ऐसे प्वाइंट भी निर्धारित किए गए हैं, जहां से ड्रेन में से ज्यादा सील्ट निकलती है। इन प्वाइंट की भी सफाई कराई जाएगी।





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रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगा
इस बारे में सिंचाई विभाग के एसडीओ सर्वजीत ने कहा कि ऐसे पुराने एस्टीमेट और लागत नहीं बताई जा सकती है। ये रिकॉर्ड देखने के बाद ही पता चलेगा। वहीं निगम आयुक्त और दूसरे अधिकारियों ने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
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