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Panipat News: दो बाइकों की टक्कर में घायल कारीगर की इलाज के दौरान मौत
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पानीपत। रसलापुर गांव के पास गत दिनों दो बाइक सवारों की टक्कर में घायल कारीगर की शुक्रवार रात इलाज के दौरान मौत हो गई। घटना के दौरान कारीगर साइकिल से अपनी ड्यूटी पर जा रहा था। उसका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चला। पिछले 10 दिनों से कारीगर पानीपत के सामान्य अस्पताल में भर्ती था। बापौली थाने की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के रामनगर गांव निवासी मनोज कुमार (30) पांच साल से पानीपत में रहता था। वह हाल में बापौली गांव के एक मुर्गी फार्म पर अपने तीन बेटों और मां के साथ रहता था। वह रसलापुर गांव में एक रुई फैक्टरी में काम करता था। सात सितंबर को सुबह ड्यूटी पर जा रहा था। फैक्टरी के सामने पीछे से आए तेज रफ्तार बाइक सवार दो युवकों ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद बाइक सवार ही उसे सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे। वहां से उसे सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। पानीपत से रोहतक, रोहतक से दिल्ली, दिल्ली से पानीपत, पानीपत से करनाल और करनाल से फिर चंडीगढ़ रेफर किया गया। चंडीगढ़ से जवाब मिलने पर परिजन 21 सितंबर को उसे पानीपत सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसका इलाज चल रहा था। 28 सितंबर की रात उसने दम तोड़ दिया। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है।
मृतक की मां शांति ने बताया कि उसके पति धनपाल की कई साल पहले मौत हो गई थी। उसके चार बच्चे थे, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी है। दो बेटों की पहले मौत हो गई थी। घर का मुखिया मनोज ही था। उसकी 13 साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन बेटे हैं। शादी के तीन साल बाद ही उसकी पत्नी की मौत हो गई थी।
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हादसे में घायल हुए युवक की मौत की सूचना मिली है। परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जा रही है।
- अतर सिंह, प्रभारी, थाना पुलिस बापौली।
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मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले के रामनगर गांव निवासी मनोज कुमार (30) पांच साल से पानीपत में रहता था। वह हाल में बापौली गांव के एक मुर्गी फार्म पर अपने तीन बेटों और मां के साथ रहता था। वह रसलापुर गांव में एक रुई फैक्टरी में काम करता था। सात सितंबर को सुबह ड्यूटी पर जा रहा था। फैक्टरी के सामने पीछे से आए तेज रफ्तार बाइक सवार दो युवकों ने उसे टक्कर मार दी। हादसे के बाद बाइक सवार ही उसे सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे। वहां से उसे सामान्य अस्पताल पहुंचाया गया। पानीपत से रोहतक, रोहतक से दिल्ली, दिल्ली से पानीपत, पानीपत से करनाल और करनाल से फिर चंडीगढ़ रेफर किया गया। चंडीगढ़ से जवाब मिलने पर परिजन 21 सितंबर को उसे पानीपत सामान्य अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां उसका इलाज चल रहा था। 28 सितंबर की रात उसने दम तोड़ दिया। पुलिस अब मामले की जांच में जुट गई है।
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मृतक की मां शांति ने बताया कि उसके पति धनपाल की कई साल पहले मौत हो गई थी। उसके चार बच्चे थे, जिनमें तीन बेटे और एक बेटी है। दो बेटों की पहले मौत हो गई थी। घर का मुखिया मनोज ही था। उसकी 13 साल पहले शादी हुई थी। उसके तीन बेटे हैं। शादी के तीन साल बाद ही उसकी पत्नी की मौत हो गई थी।
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हादसे में घायल हुए युवक की मौत की सूचना मिली है। परिजनों के बयान पर कार्रवाई की जा रही है।
- अतर सिंह, प्रभारी, थाना पुलिस बापौली।