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Panipat News: सेना के हवलदार सत्यजीत की गोली लगने से मौत, पांच अप्रैल को होनी थी शादी
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पानीपत। श्रीनगर में शेरा गांव का बेटे सेना के हवलदार सत्यजीत कंधोल (25) की उसकी ही राइफल से गोली लगने से मौत हो गई। सत्यजीत के माथे में में गोली लगी है। सत्यजीत की पांच अप्रैल को शादी होनी थी। वह नौ फरवरी को ही ड्यूटी पर गए थे। सत्यजीत छह साल पहले स्पोर्ट्स कोटे से सेना की आरआर राइफल बटालियन में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। वह दो साल पहले हवलदार के पद पर पदोन्नत हुए थे। सत्यजीत के शव को श्रीनगर से हेलीकॉप्टर से दिल्ली भेजा गया है। सेना की ओर से पानीपत प्रशासन को इसकी सूचना दे दी गई है। बुधवार को राजकीय सम्मान के साथ सत्यजीत कंधोल के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार होगा।
सत्यजीत कंधोल के पिता सज्जन सिंह सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हैं। आठ साल पहले वह सेना से रिटायर हुए थे। सत्यजीत अपने पिता सज्जन सिंह से प्रभावित था। छह साल पहले सत्यजीत निशानेबाजी के स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती हुआ था। सत्यजीत ने राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीता था। पांच अप्रैल को सत्यजीत की शादी होनी थी। उसको हाल में ही आर्मी कमांडर पत्र से नवाजा गया था। अब परिवार में सत्यजीत का एक छोटा भाई और परिवार दो साल से मतलौडा में रहता है। सत्यजीत की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। सेना के जवान उनके शव को लेकर मंगलवार शाम को दिल्ली में सेना के कैंप में पहुंचे हैं। वहां से बुधवार सुबह नौ बजे सेना की टुकड़ी शव को लेकर मतलौडा के लिए रवाना होगी। उनके अंतिम संस्कार में मंत्री,विधायक व प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे। परिवार के सदस्य उनके शव को लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
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शादी की तैयारी कर लौटा था ड्यूटी
सत्यजीत की पांच अप्रैल को शादी है। वह कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आया था। घर आने के बाद उसने शादी की तैयारियों के लिए खरीदारी भी की थी। परिवार घर में बड़े बेटे की तैयारियों में जुटा था। नौ फरवरी को सत्यजीत वापस ड्यूटी पर गया था। ड्यूटी पर जाने के दो दिन बाद ही सत्यजीत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
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सत्यजीत कंधोल के पिता सज्जन सिंह सेना से सूबेदार के पद से रिटायर हैं। आठ साल पहले वह सेना से रिटायर हुए थे। सत्यजीत अपने पिता सज्जन सिंह से प्रभावित था। छह साल पहले सत्यजीत निशानेबाजी के स्पोर्ट्स कोटे से सेना में भर्ती हुआ था। सत्यजीत ने राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीता था। पांच अप्रैल को सत्यजीत की शादी होनी थी। उसको हाल में ही आर्मी कमांडर पत्र से नवाजा गया था। अब परिवार में सत्यजीत का एक छोटा भाई और परिवार दो साल से मतलौडा में रहता है। सत्यजीत की मौत से पूरे क्षेत्र में मातम छाया हुआ है। सेना के जवान उनके शव को लेकर मंगलवार शाम को दिल्ली में सेना के कैंप में पहुंचे हैं। वहां से बुधवार सुबह नौ बजे सेना की टुकड़ी शव को लेकर मतलौडा के लिए रवाना होगी। उनके अंतिम संस्कार में मंत्री,विधायक व प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल होंगे। परिवार के सदस्य उनके शव को लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गए हैं।
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शादी की तैयारी कर लौटा था ड्यूटी
सत्यजीत की पांच अप्रैल को शादी है। वह कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आया था। घर आने के बाद उसने शादी की तैयारियों के लिए खरीदारी भी की थी। परिवार घर में बड़े बेटे की तैयारियों में जुटा था। नौ फरवरी को सत्यजीत वापस ड्यूटी पर गया था। ड्यूटी पर जाने के दो दिन बाद ही सत्यजीत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
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