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Panipat News: एक्यूआई 105 अंक पर, फिर यलो जोन में, बढ़ी चिंता
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। औद्योगिक नगरी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 46 दिन बाद सोमवार को ग्रीन जोन में आया था। यह दूसरे ही दिन 105 अंक बढ़कर मंगलवार को 186 पहुंच गया। यह 28 नवंबर के बाद शहर के एक्यूआई की मात्रा सबसे अधिक है। मंगलवार को शहर की हवा की गुणवत्ता यलो जोन में रही।
मंगलवार को पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 500 माइक्रो ग्राम घन मीटर और औसत 189 दर्ज की गई है।पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 480 व औसत 157 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। मंगलवार को कार्बन की मात्रा छह माइक्रो ग्राम घन मीटर से बढ़कर 22 तक पहुंच गई। कार्बन की अधिकतम मात्रा 71 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। अब मंगलवार को एक दम बढ़े एक्यूआई ने फिर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार से हवा की रफ्तार कम हुई।
पिछले चार दिन से हवा की रफ्तार 11 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच थी। अब यह घटकर सात किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई है। इसलिए धूल व धुआं ऊपर नहीं उठ पा रहा है। दोबारा स्मॉग की चादर बनने का भय नजर आने लगा है। सोमवार को पानीपत में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 80 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक थी। हवा में धुएं की मात्रा भी 82, कार्बन की मात्रा 06 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई थी। हवा में सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 7 और नाइट्रोजनऑक्साइड की मात्रा 31 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई थी। अब यह बढ़ रही है।
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पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि हवा की रफ्तार मंगलवार को कम हो गई है। इसलिए धुआं व धूल के कण ऊपर नहीं उठ पा रहे है। इसलिए एक्यूआई एकाएक बढ़ा है। दोबारा स्मॉग की चादर बनने का भय है। प्रशासन को ढील नहीं देनी चाहिए। ग्रैप के चौथे चरण के तहत गंभीरता से काम करना चाहिए।
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पानीपत। औद्योगिक नगरी का एयर क्वालिटी इंडेक्स 46 दिन बाद सोमवार को ग्रीन जोन में आया था। यह दूसरे ही दिन 105 अंक बढ़कर मंगलवार को 186 पहुंच गया। यह 28 नवंबर के बाद शहर के एक्यूआई की मात्रा सबसे अधिक है। मंगलवार को शहर की हवा की गुणवत्ता यलो जोन में रही।
मंगलवार को पीएम 10 की अधिकतम मात्रा 500 माइक्रो ग्राम घन मीटर और औसत 189 दर्ज की गई है।पीएम 2.5 की अधिकतम मात्रा 480 व औसत 157 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। मंगलवार को कार्बन की मात्रा छह माइक्रो ग्राम घन मीटर से बढ़कर 22 तक पहुंच गई। कार्बन की अधिकतम मात्रा 71 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई है। अब मंगलवार को एक दम बढ़े एक्यूआई ने फिर प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार से हवा की रफ्तार कम हुई।
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पिछले चार दिन से हवा की रफ्तार 11 किलोमीटर प्रतिघंटा के बीच थी। अब यह घटकर सात किलोमीटर प्रतिघंटा हो गई है। इसलिए धूल व धुआं ऊपर नहीं उठ पा रहा है। दोबारा स्मॉग की चादर बनने का भय नजर आने लगा है। सोमवार को पानीपत में हवा में पीएम 2.5 की मात्रा 80 माइक्रो ग्राम घन मीटर तक थी। हवा में धुएं की मात्रा भी 82, कार्बन की मात्रा 06 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई थी। हवा में सल्फर ऑक्साइड की मात्रा 7 और नाइट्रोजनऑक्साइड की मात्रा 31 माइक्रो ग्राम घन मीटर दर्ज की गई थी। अब यह बढ़ रही है।
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पर्यावरण मामलों के विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि हवा की रफ्तार मंगलवार को कम हो गई है। इसलिए धुआं व धूल के कण ऊपर नहीं उठ पा रहे है। इसलिए एक्यूआई एकाएक बढ़ा है। दोबारा स्मॉग की चादर बनने का भय है। प्रशासन को ढील नहीं देनी चाहिए। ग्रैप के चौथे चरण के तहत गंभीरता से काम करना चाहिए।