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पशुओं को बीमारियों से बचाने में जुटा पशुपालन विभाग

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:30 AM IST
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Animal Husbandry Department engaged in saving animals from diseases
पानीपत। जिले में पशुओं में गलघोटू व मुंह खुर बीमारी के बचाव के लिए टीकाकरण अभियान शुरू किया जा चुका है। कोरोना की स्थिति को देखते हुए हालांकि इस बार सितंबर की बजाय नवंबर में शुरू किया गया है। मुंह खुर, गलघोटू संयुक्त टीकाकरण के लिए जिले में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिले में अब तक करीब 1.60 लाख पशुओं को मुंह खुर व गलघोटू का संयुक्त टीका लगाया जा चुका है।
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अभियान के तहत जिले के करीब 2.15 लाख पशुओं को पशुपालन एवं डेयरी विभाग के कर्मचारियों द्वारा टीकाकरण किया जाएगा जबकि जिले में पशुओं की संख्या करीब 2.35 लाख है। इसके अतिरिक्त यह वैक्सीन जिले में स्थित सभी गोशालाओं व नंदीशालाओं में पशुओं को लगाई जाएगी। पशुपालन विभाग का दावा है कि यह इंजेक्शन हर सरकारी वेटरनरी और डिस्पेंसरी पर उपलब्ध होगा।
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टीकाकरण को लेकर भ्रम न रखें पशुपालक
डॉ. माणिक पंवार ने बताया कि कुछ पशुपालकों में यह भ्रम है कि टीकाकरण से दूध उत्पादन में कमी आती है और गर्भपात होता है, यह सही नहीं है। पशुओं को बुखार आ सकता है या टीके वाले स्थान पर गांठ बन सकती है, इससे घबराना नहीं है। टीका लगने वाले उस स्थान पर तुरंत मालिश कर देनी चाहिए, जिससे गांठ नहीं बनेगी। टीका चार मास से कम वाले पशुओं और सात मास से अधिक गाभिन पशुओं को छोड़कर सभी गो एवं भैंस प्रजाति के पशुओं को लगाया जा रहा है।
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जीवाणु जनित रोग संक्रमित है, तेजी से फैलता है
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मलिक ने बताया कि पशुओं में लगने वाला यह जीवाणु जनित रोग संक्रमित है और तेजी से फैलता है। अगर शीघ्र इलाज शुरू न किया जाए तो 24 घंटे के भीतर पशु की मौत हो जाती है। यह रोग पास्चुरेला मल्टोसीडा नामक जीवाणु के संक्रमण से होता है। यह जीवाणु सांस नली में तंत्र के ऊपरी भाग में मौजूद होता है।

जिले में पशुओं को मुंह-खुर व गलघोंटू जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव को लेकर वर्ष में दो बार गलघोंटू रोकथाम का टीका अवश्य लगाना चाहिए। जिले में लगभग एक पखवाड़े से टीकाकरण अभियान जारी है। सभी पशुपालक अपने-अपने पशुओं को ये वैक्सीन जरूर लगवाएं। सभी पशुओं के 12 अंकों वाला बार कोड सहित लगाकर इनाफ पोर्टल पर पशुओं के पंजीकरण व पशुपालक से संबंधित जानकारी दर्ज की जाएगी।
डॉ. संजय अंतिल, उपनिदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग, पानीपत।
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