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Panipat News: पुलिस की जांच से नाराज परिजनों ने किया सनौली-बापौली रोड जाम
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पानीपत। जलालपुर गांव के पास कंबल फैक्ट्री में तीन लोगों की मौत के मामले में तीन दिन बाद भी फैक्ट्री मालिकों की गिरफ्तारी न होने से परिजनों में आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि तीन लोगों की हत्या में आरोपी फैक्ट्री मालिकों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। इस संबंध में मंगलवार को परिजन एएसपी से मिलने पहुंचे। इस दौरान उनके न मिलने से आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सनौली-बापौली रोड जाम कर दिया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। आधे घंटे जाम के बाद बापौली थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को एसपी से मिलवाने का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। फिर थाना प्रभारी ने आठ सदस्यीय एक कमेटी की एसपी से मुलाकात कराई, जिसने आरोपियों की गिरफ्तारी और मुआवजे की मांग की। इस पर एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित की और परिवार को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद परिजन वापस लौट गए।
फैक्ट्री के केमिकल युक्त टैंक में चाचा-भतीजा समेत तीन की मौत के मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोप है कि ओवरटाइम के भुगतान की मांग को लेकर चाचा-भतीजा का फैक्ट्री मालिकों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था, जिसके बाद फैक्ट्री मालिकों की ओर से हत्या कर शव गायब कराने की धमकी दी गई थी। मामले में मृतक कुर्बान के चाचा अयूब ने कहा कि हत्या को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पीड़ित परिवार सनौली थाना प्रभारी से मिलने जाते हैं तो उनको थाने के बाहर बैठाया जाता है। जांच अधिकारी उल्टे पीड़ित के परिजनों को ही धमकाता है। आरोप है कि सनौली थाना पुलिस की आरोपियों के साथ मिलीभगत है, जिस वजह से गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। एएसपी ने उनको सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया था, वह मंगलवार सुबह 11 बजे मिलने पहुंचे, लेकिन उनके रीडर ने कहा कि उनकी ड्यूटी सीएम प्रोग्राम में लगी है, इसलिए वह नहीं मिल सकते, दो दिन बाद आना। यही कारण है कि परिजनों को मजबूरन सड़क पर उतरकर सनौली-बापौली रोड पर जाम लगाकर धरना देना पड़ा। इस दौरान आधे घंटे में ही लंबा जाम लग गया, जिसके बाद बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को एसपी से मिलवाने का आश्वासन दिया और सड़क से उठाया। इसके बाद मार्ग पर आवाजाही शुरू हो सकी।
एसपी से बोले परिजन- हम सनौली थाना प्रभारी की कार्रवाई से अंतुष्ट
बापौली रोड जाम करने के बाद परिजन जिला सचिवालय पहुंचे। बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह ने एक महिला समेत आठ सदस्यों की कमेटी को एसपी से मिलवाया। परिजनों ने कहा कि वह सनौली थाना प्रभारी की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। परिजनों ने फैक्ट्री मालिकों समेत, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही किसी दूसरे इंस्पेक्टर को जांच सौंपने की मांग की, जिसके बाद एसपी ने एसआईठी गठित कर जांच का भरोसा दिलाया।
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वर्जन
परिजनों की मांग के बाद एसआईटी गठित की गई है। एएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में सीआईए-3 और बापौली थाना प्रभारी मामले की जांच करेंगे। मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।
- अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक, पानीपत
फैक्ट्री के केमिकल युक्त टैंक में चाचा-भतीजा समेत तीन की मौत के मामले में शिकायत के आधार पर पुलिस ने तीन फैक्ट्री मालिकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया है। आरोप है कि ओवरटाइम के भुगतान की मांग को लेकर चाचा-भतीजा का फैक्ट्री मालिकों से कुछ दिन पहले विवाद हुआ था, जिसके बाद फैक्ट्री मालिकों की ओर से हत्या कर शव गायब कराने की धमकी दी गई थी। मामले में मृतक कुर्बान के चाचा अयूब ने कहा कि हत्या को तीन दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की तरफ से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पीड़ित परिवार सनौली थाना प्रभारी से मिलने जाते हैं तो उनको थाने के बाहर बैठाया जाता है। जांच अधिकारी उल्टे पीड़ित के परिजनों को ही धमकाता है। आरोप है कि सनौली थाना पुलिस की आरोपियों के साथ मिलीभगत है, जिस वजह से गिरफ्तारी नहीं की जा रही है। एएसपी ने उनको सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया था, वह मंगलवार सुबह 11 बजे मिलने पहुंचे, लेकिन उनके रीडर ने कहा कि उनकी ड्यूटी सीएम प्रोग्राम में लगी है, इसलिए वह नहीं मिल सकते, दो दिन बाद आना। यही कारण है कि परिजनों को मजबूरन सड़क पर उतरकर सनौली-बापौली रोड पर जाम लगाकर धरना देना पड़ा। इस दौरान आधे घंटे में ही लंबा जाम लग गया, जिसके बाद बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह सिंह मौके पर पहुंचे और परिजनों को एसपी से मिलवाने का आश्वासन दिया और सड़क से उठाया। इसके बाद मार्ग पर आवाजाही शुरू हो सकी।
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एसपी से बोले परिजन- हम सनौली थाना प्रभारी की कार्रवाई से अंतुष्ट
बापौली रोड जाम करने के बाद परिजन जिला सचिवालय पहुंचे। बापौली थाना प्रभारी अतर सिंह ने एक महिला समेत आठ सदस्यों की कमेटी को एसपी से मिलवाया। परिजनों ने कहा कि वह सनौली थाना प्रभारी की कार्रवाई से असंतुष्ट हैं। उन पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। परिजनों ने फैक्ट्री मालिकों समेत, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड की गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही किसी दूसरे इंस्पेक्टर को जांच सौंपने की मांग की, जिसके बाद एसपी ने एसआईठी गठित कर जांच का भरोसा दिलाया।
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परिजनों की मांग के बाद एसआईटी गठित की गई है। एएसपी मयंक मिश्रा के नेतृत्व में सीआईए-3 और बापौली थाना प्रभारी मामले की जांच करेंगे। मामले में निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए हैं।
- अजीत सिंह शेखावत, पुलिस अधीक्षक, पानीपत