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मानवता की मिसाल : कथूरिया परिवार ने माता के नेत्रदान से दो जिंदगियों में भरा उजाला
Fri, 16 Jan 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:38 AM IST
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नेत्रदान करने पर कटोरिया परिवार को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते जनसेवा दल के पदाधिकारी।
पानीपत। इंसार बाजार की महाजन वाली गली निवासी कथूरिया परिवार ने अपनी माता स्वर्गीय शोभा रानी कथूरिया की अंतिम इच्छा को सम्मान देते हुए उनके दोनों नेत्र दान कर मानवता की अनुकरणीय मिसाल पेश की है। इस नेक पहल से दो दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद जगी है। परिवार के इस सराहनीय कदम की पूरे क्षेत्र में प्रशंसा हो रही है।
जन सेवा दल के सदस्य चमन गुलाटी ने बताया कि पानीपत धार्मिक और सेवाभावी लोगों की नगरी है, जहां धर्म और मानवता की भावना सदैव जागृत रहती है। कथूरिया परिवार द्वारा किया गया नेत्रदान इसी भावना को और अधिक सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि यह कार्य समाज को नेत्रदान के प्रति प्रेरित करने वाला है। इस सेवा कार्य में करनाल स्थित माधव नेत्र बैंक के चिकित्सकों ने नेत्र ग्रहण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया। उनकी तत्परता और समर्पण से यह पुनीत कार्य संभव हो सका। आनंदपुर के सुखपुर आश्रम से आए महात्मा निष्काम ब्रह्मानंद ने कहा कि मनुष्य का शरीर मृत्यु के बाद मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन नेत्रदान के माध्यम से वह किसी के जीवन में प्रकाश बनकर जीवित रहता है। जन सेवा दल से सचिन चमन गुलाटी ने बताया कि ब्रेन हेमरेज या ब्रेन डेड की स्थिति में यदि डॉक्टर जवाब दे दें, तो परिवार को मानवता के हित में अंगदान का निर्णय लेना चाहिए, जिससे चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इस अवसर पर जन सेवा दल के प्रधान चमन गुलाटी व कमल गुलाटी उपस्थित रहे।
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जन सेवा दल के सदस्य चमन गुलाटी ने बताया कि पानीपत धार्मिक और सेवाभावी लोगों की नगरी है, जहां धर्म और मानवता की भावना सदैव जागृत रहती है। कथूरिया परिवार द्वारा किया गया नेत्रदान इसी भावना को और अधिक सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि यह कार्य समाज को नेत्रदान के प्रति प्रेरित करने वाला है। इस सेवा कार्य में करनाल स्थित माधव नेत्र बैंक के चिकित्सकों ने नेत्र ग्रहण की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया। उनकी तत्परता और समर्पण से यह पुनीत कार्य संभव हो सका। आनंदपुर के सुखपुर आश्रम से आए महात्मा निष्काम ब्रह्मानंद ने कहा कि मनुष्य का शरीर मृत्यु के बाद मिट्टी में मिल जाता है, लेकिन नेत्रदान के माध्यम से वह किसी के जीवन में प्रकाश बनकर जीवित रहता है। जन सेवा दल से सचिन चमन गुलाटी ने बताया कि ब्रेन हेमरेज या ब्रेन डेड की स्थिति में यदि डॉक्टर जवाब दे दें, तो परिवार को मानवता के हित में अंगदान का निर्णय लेना चाहिए, जिससे चार लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती है। इस अवसर पर जन सेवा दल के प्रधान चमन गुलाटी व कमल गुलाटी उपस्थित रहे।
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