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दिल्ली में यमुना में बढ़ी अमोनिया की मात्रा, एचएसपीसीबी ने लिए यमुना के पानी के तीन स्थानों से सैंपल
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दिल्ली में यमुना नदी के पानी में अमोनिया की मात्रा बढ़ी हुई है। इसको लेकर हरियाणा को दोषी ठहराया जा रहा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को यमुना के जल की जांच करने के निर्देश दिए हैं। पानीपत प्रदूषण बोर्ड ने पानीपत में गांव खोजगीपुर, संजोली और डाडोला के पास से यमुना के पानी के तीन सैंपल लिए हैं।
सैंपल को जांच के लिए पंचकूला लैब में भेज दिया गया है। 10 दिन बाद सैंपल की रिपोर्ट आएगी। ये रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपी जाएगी। वहीं दूसरी ओर सीपीसीबी ने एचएसपीसीबी को यमुना में केमिकल युक्त पानी डालने वालों पर नजर रखने एवं उन पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। सीपीसीबी की ओर से ये भी निर्देश जारी हुए हैं कि यमुना को प्रदूषित होने से बचाया जाए इसलिए सिंचाई, नगर निगम, एसएसवीपी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मिलकर काम करें।
यमुना में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंचा
दरअसल, यमुना नदी में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंच चुका है, जो कि सामान्य स्तर में 0.5 पीपीएम होता है। आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि दिल्ली के यमुना के पानी में अमोनिया का लेवल सामान्य से 6 गुना ज्यादा हो गया है। ये पानी काफी नुकसानदायक हो गया है।
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तीन बार लिए जा चुके हैं यमुना से सैंपल:
वर्ष 2018, 2020 और 2021 में यमुना के पानी के सैंपल लिए गए हैं। 2018 में लैब जांच रिपोर्ट में यमुना का पानी प्रदूषित मिला था। 2020 में भी यमुना के पानी में एमोनिया की मात्रा अधिक मिली थी। अब इस साल भी सैंपल लिए गए हैं। 10 दिन बाद आने वाली रिपोर्ट में पता चलेगा कि किस वजह से पानी प्रदूषित हो रहा है।
वर्जन:
सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी: आरओ
दिल्ली में यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। ऐसे क्यों हुआ है, इसका कारण जानने के लिए यमुना के जल के तीन सैंपल लिए हैं। सैंपल पंचकूला लैब में भेजे जा चुके हैं। 10 दिन में सैंपल की रिपोर्ट आएगी। ये रिपोर्ट सीपीसीबी को भेज दी जाएगी। उसके बाद जो भी दिशा निर्देश आएंगे, उसका पालन किया जाएगा।
- कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी पानीपत
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सैंपल को जांच के लिए पंचकूला लैब में भेज दिया गया है। 10 दिन बाद सैंपल की रिपोर्ट आएगी। ये रिपोर्ट सीपीसीबी को सौंपी जाएगी। वहीं दूसरी ओर सीपीसीबी ने एचएसपीसीबी को यमुना में केमिकल युक्त पानी डालने वालों पर नजर रखने एवं उन पर कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं। सीपीसीबी की ओर से ये भी निर्देश जारी हुए हैं कि यमुना को प्रदूषित होने से बचाया जाए इसलिए सिंचाई, नगर निगम, एसएसवीपी और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मिलकर काम करें।
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यमुना में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंचा
दरअसल, यमुना नदी में अमोनिया का स्तर 3 पीपीएम तक पहुंच चुका है, जो कि सामान्य स्तर में 0.5 पीपीएम होता है। आप इसे ऐसे भी समझ सकते हैं कि दिल्ली के यमुना के पानी में अमोनिया का लेवल सामान्य से 6 गुना ज्यादा हो गया है। ये पानी काफी नुकसानदायक हो गया है।
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तीन बार लिए जा चुके हैं यमुना से सैंपल:
वर्ष 2018, 2020 और 2021 में यमुना के पानी के सैंपल लिए गए हैं। 2018 में लैब जांच रिपोर्ट में यमुना का पानी प्रदूषित मिला था। 2020 में भी यमुना के पानी में एमोनिया की मात्रा अधिक मिली थी। अब इस साल भी सैंपल लिए गए हैं। 10 दिन बाद आने वाली रिपोर्ट में पता चलेगा कि किस वजह से पानी प्रदूषित हो रहा है।
वर्जन:
सैंपल जांच के लिए भेजे हैं, रिपोर्ट आने पर ही स्थिति स्पष्ट होगी: आरओ
दिल्ली में यमुना के पानी में अमोनिया की मात्रा बहुत अधिक बढ़ गई है। ऐसे क्यों हुआ है, इसका कारण जानने के लिए यमुना के जल के तीन सैंपल लिए हैं। सैंपल पंचकूला लैब में भेजे जा चुके हैं। 10 दिन में सैंपल की रिपोर्ट आएगी। ये रिपोर्ट सीपीसीबी को भेज दी जाएगी। उसके बाद जो भी दिशा निर्देश आएंगे, उसका पालन किया जाएगा।
- कमलजीत सिंह, रिजनल ऑफिसर, एचएसपीसीबी पानीपत