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अमेरिका का टैरिफ कार्ड बड़ा खेल, खाद्य सामग्री का आयात बढ़ाने की तैयारी : चढूनी
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पानीपत। अमेरिका में नए टैरिफ पर तीन महीने की छूट को भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप ने बड़ा खेल बताया है। आरोप लगाया है कि केंद्र की सरकार अमेरिका से मक्का समेत सात खाद्य पदार्थों का आयात बढ़ाना चाहती है। इसमें मक्का सबसे प्रमुख हैं। अमेरिका से खाद्य पदार्थों का आयात बढ़ता है तो यहां के मक्का व दूसरी फसलों की मांग घट जाएगी। यह एक तरह से किसानों पर हमला होगा।
ये बात भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मंगलवार को पानीपत के किसान भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने इससे पहले किसानों की बैठक लेकर विषय के बारे में विस्तार से चर्चा की।
गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने पिछले दिनों नए टैरिफ लागू किए थे। इनमें बाद में तीन महीने की छूट दी गई। देश से उच्च स्तरीय दल दो महीने से अमेरिका में गया हुआ है। इस बीच वाणिज्य मंत्री भी आठ-दस दिन की यात्रा पर अमेरिका गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार टैरिफ के मामले में देश से बहुत कुछ छुपा रही है। जिसको सामने लाने की जरूरत है। उनको पता चला है कि अमेरिका से मक्का, गेहूं, सोयाबीन, कपास, डेयरी और मीट का आयात बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। ऐसा होता है तो प्रदेश व देश में स्थानीय फसलों की मांग घट जाएगी। इसका सीधा नुकसान किसान को होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मक्का अब 2400 रुपये क्विंटल तक बिक रहा है। अमेरिका से मक्के का आयात बढ़ने पर इसकी कीमत 1500 रुपये तक आ सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में खेती एक तरह से व्यापार है, जबकि देश में आजीविका है। वहां एक-एक व्यक्ति 10 से 50 हजार एकड़ तक की खेती करता है। यहां ढाई से पांच एकड़ तक किसान हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका रकबा भारत से सात गुना अधिक है, जबकि भारत की जनसंख्या अमेरिका से चार गुना अधिक है।
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गुरनाम चढूनी ने कहा कि सरकार अमेरिका के टैरिफ को देश के सामने रखे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने एक बार कपास की किस्म बीटी-1 के लिए सेमिनार किए थे। किसान संगठनों व किसानों ने इसको सही नहीं बताया था तो उन्होंने इसे छोड़ दिया था। इसी तरह केंद्र की सरकार को अब सेमिनार करने चाहिए। अगर प्रदेश व देश की जनता इसके पक्ष में नहीं है तो इसको लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाकियू ने उत्तर भारत का तीन दिवसीय सम्मेलन हरिद्वार में बुलाया है। यह 19 से 21 जून को आयोजित किया जाएगा। जिसमें किसान नेताओं को टैरिफ के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि किसान की आय दोगुना करने की केवल बात कही जा रही है। धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है। इस मौके पर सुधीर जाखड़, जिलाध्यक्ष राम सिंह कुंडू, प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, जिला उप प्रधान रामबीर झट्टीपुर, जिला महासचिव देवेंद्र जाटल, महेंद्र लठवाल, मोहित रुहल मौजूद रहे।
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ये बात भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने मंगलवार को पानीपत के किसान भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। उन्होंने इससे पहले किसानों की बैठक लेकर विषय के बारे में विस्तार से चर्चा की।
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गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अमेरिका की ट्रंप सरकार ने पिछले दिनों नए टैरिफ लागू किए थे। इनमें बाद में तीन महीने की छूट दी गई। देश से उच्च स्तरीय दल दो महीने से अमेरिका में गया हुआ है। इस बीच वाणिज्य मंत्री भी आठ-दस दिन की यात्रा पर अमेरिका गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार टैरिफ के मामले में देश से बहुत कुछ छुपा रही है। जिसको सामने लाने की जरूरत है। उनको पता चला है कि अमेरिका से मक्का, गेहूं, सोयाबीन, कपास, डेयरी और मीट का आयात बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। ऐसा होता है तो प्रदेश व देश में स्थानीय फसलों की मांग घट जाएगी। इसका सीधा नुकसान किसान को होगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में मक्का अब 2400 रुपये क्विंटल तक बिक रहा है। अमेरिका से मक्के का आयात बढ़ने पर इसकी कीमत 1500 रुपये तक आ सकती है। उन्होंने कहा कि अमेरिका में खेती एक तरह से व्यापार है, जबकि देश में आजीविका है। वहां एक-एक व्यक्ति 10 से 50 हजार एकड़ तक की खेती करता है। यहां ढाई से पांच एकड़ तक किसान हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका रकबा भारत से सात गुना अधिक है, जबकि भारत की जनसंख्या अमेरिका से चार गुना अधिक है।
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गुरनाम चढूनी ने कहा कि सरकार अमेरिका के टैरिफ को देश के सामने रखे। उन्होंने कहा कि तत्कालीन केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने एक बार कपास की किस्म बीटी-1 के लिए सेमिनार किए थे। किसान संगठनों व किसानों ने इसको सही नहीं बताया था तो उन्होंने इसे छोड़ दिया था। इसी तरह केंद्र की सरकार को अब सेमिनार करने चाहिए। अगर प्रदेश व देश की जनता इसके पक्ष में नहीं है तो इसको लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाकियू ने उत्तर भारत का तीन दिवसीय सम्मेलन हरिद्वार में बुलाया है। यह 19 से 21 जून को आयोजित किया जाएगा। जिसमें किसान नेताओं को टैरिफ के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। उन्होंने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि किसान की आय दोगुना करने की केवल बात कही जा रही है। धरातल पर ऐसा कुछ नहीं है। इस मौके पर सुधीर जाखड़, जिलाध्यक्ष राम सिंह कुंडू, प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, जिला उप प्रधान रामबीर झट्टीपुर, जिला महासचिव देवेंद्र जाटल, महेंद्र लठवाल, मोहित रुहल मौजूद रहे।