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Panipat News: युवाओं में शिक्षा के साथ-साथ चरित्र निर्माण जरूरी
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पानीपत। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर अमर उजाला कार्यालय में संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान स्कूल, कॉलेज और डायट के शिक्षकों ने अपनी राय साझा की। वक्ताओं ने कहा कि युवाओं में शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण जरूरी है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान डायट के सहायक प्रोफेसर तकदीर सिंह ने कहा कि युवाओं में पढ़ाई के साथ चरित्र निर्माण भी जरूरी है। किसी भी परिस्थिति में हमें प्रतिक्रिया न करके जवाब देना आना चाहिए।
आर्य पीजी महाविद्यालय से डॉ. दिनेश गाहल्याण ने बताया कि सोशल मीडिया के इस दौर में आज के युवाओं और विद्यार्थियों को पुस्तकों, पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों को पढ़ने की आदत डालनी होगी, क्योंकि यही वो माध्यम हैं जहां से हम अच्छा कंटेंट, सच्ची और विश्वसनीय खबरें पढ़ सकते हैं। वहीं, विद्यार्थियों को ख़ासकर उन विद्यार्थियों को जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे हैं, उनको अपने विषयों को और गहराई से समझने के लिए समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं के संपादकीय लेख अवश्य पढ़ना चाहिए।
आईबी कॉलेज से डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि वर्तमान में युवाओं को नैतिक शिक्षा को अपनाना चाहिए। यह जरूरी है। आर्य महाविद्यालय के हिंदी के सहायक प्राध्यापक विजय सिंह ने बताया कि युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करनी चाहिए।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को मजबूत बनाने वाली है। एसडी महाविद्यालय से अंग्रेजी प्रवक्ता डॉ. संतोष ने बताया कि युवाओं को भाषा पर पकड़ बनानी चाहिए। इसके साथ अपनी प्रतिभा में निखार लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में युवाओं के लिए कई अवसर हैं। वे प्रतिभा निखार सकते हैं। डायट के सहायक प्रोफेसर विजय कुमार ने कहा कि युवाओं को प्रतिभा निखार के लिए आगे आना होगा।
आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के हिंदी प्रवक्ता डॉ. अनिल कौशिक व राजकीय वरिष्ठ मा. विद्यालय निजामपुर के सुरेंद्र राठी ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को संस्कारित करना होगा। अच्छे संस्कार घर से ही मिलते हैं।
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आर्य पीजी महाविद्यालय से डॉ. दिनेश गाहल्याण ने बताया कि सोशल मीडिया के इस दौर में आज के युवाओं और विद्यार्थियों को पुस्तकों, पत्रिकाओं और समाचार-पत्रों को पढ़ने की आदत डालनी होगी, क्योंकि यही वो माध्यम हैं जहां से हम अच्छा कंटेंट, सच्ची और विश्वसनीय खबरें पढ़ सकते हैं। वहीं, विद्यार्थियों को ख़ासकर उन विद्यार्थियों को जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारियां कर रहे हैं, उनको अपने विषयों को और गहराई से समझने के लिए समाचार-पत्रों और पत्रिकाओं के संपादकीय लेख अवश्य पढ़ना चाहिए।
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आईबी कॉलेज से डॉ. गुरनाम सिंह ने बताया कि वर्तमान में युवाओं को नैतिक शिक्षा को अपनाना चाहिए। यह जरूरी है। आर्य महाविद्यालय के हिंदी के सहायक प्राध्यापक विजय सिंह ने बताया कि युवाओं को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करनी चाहिए।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति युवाओं को मजबूत बनाने वाली है। एसडी महाविद्यालय से अंग्रेजी प्रवक्ता डॉ. संतोष ने बताया कि युवाओं को भाषा पर पकड़ बनानी चाहिए। इसके साथ अपनी प्रतिभा में निखार लाना चाहिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति में युवाओं के लिए कई अवसर हैं। वे प्रतिभा निखार सकते हैं। डायट के सहायक प्रोफेसर विजय कुमार ने कहा कि युवाओं को प्रतिभा निखार के लिए आगे आना होगा।
आर्य वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के हिंदी प्रवक्ता डॉ. अनिल कौशिक व राजकीय वरिष्ठ मा. विद्यालय निजामपुर के सुरेंद्र राठी ने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को संस्कारित करना होगा। अच्छे संस्कार घर से ही मिलते हैं।