फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Allegations of disturbances in consolidation

चकबंदी में लगाए गड़बड़ी के आरोप

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 31 Mar 2022 01:42 AM IST
विज्ञापन
Allegations of disturbances in consolidation
समालखा। गांव हथवाला की 2106 एकड़ जमीन की गलत चकबंदी करने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में ग्रामीणों ने अपनी जांच कर रिपोर्ट जांच कमेटी और एडीसी को सौंपी है। ग्रामीणों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन मिला है और इसके लिए एक कमेटी की गठित कर दी गई है।
विज्ञापन

ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 60 वर्ष पहले उर्दू में की गई चकबंदी को हिंदी में बदलने के दौरान धांधली की गई है। इससे गांव के 90 प्रतिशत किसानों की जमीन को केवल पांच प्रतिशत किसानों के नाम कर दिया है। सरकार के साथ ही कोर्ट के आदेशों का भी उल्लंघन किया गया है। ग्रामीण राम दिया ने बताया कि उन्होंने प्रशासन की ओर से गठित जांच कमेटी के समक्ष अपने गांव की इस जमीन का 150 वर्ष पुराना रिकार्ड प्रस्तुत किया है।
विज्ञापन

उनकी जमीन की चकबंदी 1965-66 में हो चुकी है तो दोबारा नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि अधिकारी 60 वर्ष पहले की गई चकबंदी को गलत नहीं साबित कर सकते हैं। इस पर कमेटी ने माना है कि चकबंदी में लापरवाही बरती गई है। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि गलत चकबंदी करने वाले अधिकारी एवं कर्मचारियों पर विजिलेंस के मुकदमे भी दर्ज हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि इस चकबंदी के समय 42 सदस्यों की कमेटी बनाई गई थी। इसमें से 36 सदस्यों ने शपथपत्र देकर आरोप लगाया था कि 90 प्रतिशत रिकॉर्ड गलत चढ़ाया गया है। बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं की गई। गांव हथवाला के किसान रामदिया त्यागी ने बताया कि जांच कमेटी के सामने उनके साथ अमरीश, नीरज त्यागी, शिव कुमार त्यागी, राजबीर त्यागी, सतीश त्यागी, रामपाल, रविदत्त आदि भी प्रस्तुत हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed