{"_id":"6926153a9e2e42069605d460","slug":"air-pollution-is-worsening-health-children-are-suffocating-panipat-news-c-36-1-amb1002-153681-2025-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: वायु प्रदूषण से बिगड़ रही सेहत, फूल रहा बच्चों का दम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: वायु प्रदूषण से बिगड़ रही सेहत, फूल रहा बच्चों का दम
विज्ञापन
सिटी के नागरिक अस्पताल में ओपीडी के बाहर उपचार के लिए बैठे मरीज। संवाद
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला सिटी। हवा में वायु प्रदूषण ने बच्चों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण में पीएम 2.5 की मात्रा अधिक रही। वायु प्रदूषण में शामिल यह छोटे कण बच्चों को काफी मुश्किल में डाल रहे हैं।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आम तौर पर अस्थमा के एक दो ही मरीज रोजाना नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आते थे, कई बार तो एक भी अस्थमा पीड़ित बच्चा नहीं होता था। पर अब रोजाना 8 से 10 केस ऐसे आ रहे हैं। इन बच्चों को चिकित्सक इन्हेलर दे रहे हैं। लंबे समय तक रह रही खांसी : बच्चों के चिकित्सक डॉ. शुभज्योति प्रकाश ने बताया कि अस्थमा पीड़ित बच्चों को अधिक दिन तक खांसी देखने को मिल रही है। हम बच्चों को यही सलाह दे रहे हैं कि वह घर के भीतर अधिक समय तक रहें। घर की खिड़कियां भी बंद रखें। क्योंकि इस समय चल रही हवा काफी नुकसान पहुंचा रही है। इसी प्रकार ईएनटी चिकित्सक डॉ. नेहा गोयल ने बताया कि उनके पास सर्दी बुखार के जो मरीज ओपीडी में आ रहे हैं उनमें खांसी से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक है। वैसे एक सप्ताह में खांसी ठीक हो जाती है पर प्रदूषण के कारण खांसी दो से तीन सप्ताह में ठीक हो रही है। ऐसे में 25 मरीज रोजाना आ रहे हैं।
विज्ञापन
अंबाला सिटी। हवा में वायु प्रदूषण ने बच्चों के लिए संकट खड़ा कर दिया है। मंगलवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 माइक्रोग्राम प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। वायु प्रदूषण में पीएम 2.5 की मात्रा अधिक रही। वायु प्रदूषण में शामिल यह छोटे कण बच्चों को काफी मुश्किल में डाल रहे हैं।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आम तौर पर अस्थमा के एक दो ही मरीज रोजाना नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए आते थे, कई बार तो एक भी अस्थमा पीड़ित बच्चा नहीं होता था। पर अब रोजाना 8 से 10 केस ऐसे आ रहे हैं। इन बच्चों को चिकित्सक इन्हेलर दे रहे हैं। लंबे समय तक रह रही खांसी : बच्चों के चिकित्सक डॉ. शुभज्योति प्रकाश ने बताया कि अस्थमा पीड़ित बच्चों को अधिक दिन तक खांसी देखने को मिल रही है। हम बच्चों को यही सलाह दे रहे हैं कि वह घर के भीतर अधिक समय तक रहें। घर की खिड़कियां भी बंद रखें। क्योंकि इस समय चल रही हवा काफी नुकसान पहुंचा रही है। इसी प्रकार ईएनटी चिकित्सक डॉ. नेहा गोयल ने बताया कि उनके पास सर्दी बुखार के जो मरीज ओपीडी में आ रहे हैं उनमें खांसी से ग्रसित मरीजों की संख्या अधिक है। वैसे एक सप्ताह में खांसी ठीक हो जाती है पर प्रदूषण के कारण खांसी दो से तीन सप्ताह में ठीक हो रही है। ऐसे में 25 मरीज रोजाना आ रहे हैं।
विज्ञापन