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दिनों के अनुसार एजेंसियां करेंगी गेंहू खरीद
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समालखा। प्रदेश की मंडियों में एक अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू हो गई है लेकिन समालखा नई अनाज मंडी में अभी किसान अपना ‘पीला सोना’ बोले तो गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। उम्मीद है कि अगले सप्ताह मंडी में गेहूं आना शुरू हो जाएगा। सरकारी एजेसियों के लिए दिन तय कर दिए गए हैं और अपने तय दिन पर ही सरकारी एजेंसी खरीद करेगी। दूसरी ओर अबकी आढ़तियों ने निजी एजेंसियों की ओर से अधिक खरीद की संभावना भी जताई है।
गर्मी बढ़ने के साथ ही खेतों में किसानों का गेहूं पक कर तैयार है। इसकी कटाई भी शुरू हो चुकी है। अभी हाथों से कटाई की जा रही है और जैसे सीजन आगे बढ़ेगा तो कंबाइन से कटी गेहूं भी मंडी में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। समर्थन मूल्य भी 2015 रुपये है जबकि गत वर्ष यह 1975 रुपये था। सरकारी एजेंसियों को खरीद के लिए दिनों के अनुसार शेड्यूल दिया गया है। इसे जारी कर दिया गया।
सरकार की ओर से हैफेड, डीएफएससी, वेयर हाउस के माध्यम से खरीद की जाएगी। वर्तमान में हैफेड के पास करीब डेढ़ लाख कट्टों का बारदाना पड़ा है और सीजन बढ़ने के साथ इसे और भी मंगाया जाएगा। वहीं वेयर हाउस के पास भी दस हजार कट्टों का बारदाना समालखा तथा उसके अतिरिक्त पानीपत में भी बारदाना है।
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ये है शेड्यूल
हैफेड मंगलवार एवं वीरवार, डीएफएससी सोमवार एवं शुक्रवार और वेयर हाउस बुधवार और शनिवार को खरीद करेगी। रविवार को सामान्यत: खरीद बंद रहती है, इसके बावजूद कोई भी एजेंसी खरीद कर सकती है।
झरना लगाने को लेकर बना संशय :
गेहूं में झरना लगाने को लेकर संशय बना हुआ है। निजी एजेंसियां खरीद करती हैं तो अधिक मूल्य देने पर उन्हें साफ गेहूं देने के लिए झरना लगाया जा सकता है। सरकारी खरीद की ढेरियों पर आढ़ती झरना लगाने के पक्ष में नहीं हैं।
आवक में बढ़ोतरी की उम्मीद पर खरीद में निजी एजेंसी मार सकती है बाजी
गेहूं की पैदावार लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2020 में मंडी में सात लाख 30 हजार 222 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी जबकि वर्ष 2021 में आठ लाख 91 हजार 885 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। इस बार भी इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद अधिकारी व आढ़ती कर रहे हैं। हालांकि नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट एजेंसियां इस बार ज्यादा खरीद कर सकती हैं। कुछ एक जगह से सरकार की ओर से निर्धारित समर्थन मूल्य से अधिक पर निजी एजेंसियां खरीद कर रही हैं। आढ़ती भी चाह रहे हैं कि निजी एजेंसी खरीद करें ताकि जल्द भुगतान के साथ ही उठान भी हो।
जिम्मेदार बोले
हैफेड के मैनेजर आजाद देशवाल ने बताया कि बारदाना कम नहीं है। फिलहाल डेढ़ लाख कट्टा पास हैं। जैसे खरीद होगी उसी के अनुरूप और बारदाना मंगा लिया जाएगा। वेयर हाउस के मैनेजर धीरपाल ने बताया कि करीब दस हजार कट्टों का बारदान यहां है। इसके अतिरिक्त पानीपत में भी स्टॉक है। बारदाना कम न पड़े, इसकी व्यवस्था की जाएगी।
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गर्मी बढ़ने के साथ ही खेतों में किसानों का गेहूं पक कर तैयार है। इसकी कटाई भी शुरू हो चुकी है। अभी हाथों से कटाई की जा रही है और जैसे सीजन आगे बढ़ेगा तो कंबाइन से कटी गेहूं भी मंडी में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। समर्थन मूल्य भी 2015 रुपये है जबकि गत वर्ष यह 1975 रुपये था। सरकारी एजेंसियों को खरीद के लिए दिनों के अनुसार शेड्यूल दिया गया है। इसे जारी कर दिया गया।
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सरकार की ओर से हैफेड, डीएफएससी, वेयर हाउस के माध्यम से खरीद की जाएगी। वर्तमान में हैफेड के पास करीब डेढ़ लाख कट्टों का बारदाना पड़ा है और सीजन बढ़ने के साथ इसे और भी मंगाया जाएगा। वहीं वेयर हाउस के पास भी दस हजार कट्टों का बारदाना समालखा तथा उसके अतिरिक्त पानीपत में भी बारदाना है।
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ये है शेड्यूल
हैफेड मंगलवार एवं वीरवार, डीएफएससी सोमवार एवं शुक्रवार और वेयर हाउस बुधवार और शनिवार को खरीद करेगी। रविवार को सामान्यत: खरीद बंद रहती है, इसके बावजूद कोई भी एजेंसी खरीद कर सकती है।
झरना लगाने को लेकर बना संशय :
गेहूं में झरना लगाने को लेकर संशय बना हुआ है। निजी एजेंसियां खरीद करती हैं तो अधिक मूल्य देने पर उन्हें साफ गेहूं देने के लिए झरना लगाया जा सकता है। सरकारी खरीद की ढेरियों पर आढ़ती झरना लगाने के पक्ष में नहीं हैं।
आवक में बढ़ोतरी की उम्मीद पर खरीद में निजी एजेंसी मार सकती है बाजी
गेहूं की पैदावार लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2020 में मंडी में सात लाख 30 हजार 222 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी जबकि वर्ष 2021 में आठ लाख 91 हजार 885 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। इस बार भी इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद अधिकारी व आढ़ती कर रहे हैं। हालांकि नाम न छापने की शर्त पर अधिकारियों का कहना है कि प्राइवेट एजेंसियां इस बार ज्यादा खरीद कर सकती हैं। कुछ एक जगह से सरकार की ओर से निर्धारित समर्थन मूल्य से अधिक पर निजी एजेंसियां खरीद कर रही हैं। आढ़ती भी चाह रहे हैं कि निजी एजेंसी खरीद करें ताकि जल्द भुगतान के साथ ही उठान भी हो।
जिम्मेदार बोले
हैफेड के मैनेजर आजाद देशवाल ने बताया कि बारदाना कम नहीं है। फिलहाल डेढ़ लाख कट्टा पास हैं। जैसे खरीद होगी उसी के अनुरूप और बारदाना मंगा लिया जाएगा। वेयर हाउस के मैनेजर धीरपाल ने बताया कि करीब दस हजार कट्टों का बारदान यहां है। इसके अतिरिक्त पानीपत में भी स्टॉक है। बारदाना कम न पड़े, इसकी व्यवस्था की जाएगी।