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अस्थाई कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर जताया रोष
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Wed, 20 Jan 2016 11:55 PM IST
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ऑल हरियाणा पावर कॉरपोरेशन वर्कर यूनियन ने पूरे हरियाणा में सर्कल स्तर पर प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया। पानीपत में इसकी अध्यक्षता सर्कल सचिव तेजपाल ने की।
मंच संचालन सिटी यूनिट सचिव प्रमोद शर्मा ने किया। जिसमें बिजली निगम में कच्चे कर्मचारियों का मानदेय देने की मांग की।
राज्य प्रेस सचिव ईश्वर शर्मा व राज्य कमेटी सदस्य मदन पाल ने कहा कि करीब साढ़े चार महीने से अस्थाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है।
जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में ठेकेदार व सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। पूरे राज्य में अस्थाई कर्मचारियों की संख्या करीब दस हजार है।
इनको लगे करीब एक साल हो गया है, लेकिन आज तक स्थाई नहीं किया गया। जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय सर्व कर्मचारी संघ ने आंदोलन कर इनको स्थाई करने की नीति बनवाई थी।
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पूरे राज्य में इनको वोट बैंक रूप में इस्तेमाल किया गया। उसके बाद भाजपा की वर्तमान सरकार ने इनको स्थाई करने का वायदा अपने चुनावी घोषणा पत्र में किया, लेकिन पक्का करने की बजाय इनको नौकरी से निकाला जा रहा है।
यूनियन ने मांग की है अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने, वेतन समय देने व बिजली निगम को निजी हाथों में न दिया जाए।
सर्कल सचिव तेजपाल ने बताया कि बिजली निगम को फ्रैंचाइजी निजी लाकर बेचा रहा है। इनके फीडरों को निजी हाथों में देकर इसमें मुनाफा कमाने का लाइसेंस दिए जा रहे है।
जबकि इस सारे सिस्टम को सुधार कर बिजली निगम देगा। उन्होंने बताया कि जिले में किला सब डिविजन को जापानी कंपनी निडो के हवाले किया जा रहा है।
मांग कि है कि इसमें हो रहे भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच हो। इसमें बड़े स्तर पर हो रही धांधली को रोका जाए। वहीं उन्होंने कहा कि घाटे को कम करने के लिए बार बार बिजली के दाम बढ़ाना उचित नहीं है। इस मौके पर जितेंद्र सैनी, ईश्वर सिंह, सीताराम, सुनील कुमार, राजेश कुमार, अजमेर भानाराम व नरेंद्र मौजूद रहे।
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मंच संचालन सिटी यूनिट सचिव प्रमोद शर्मा ने किया। जिसमें बिजली निगम में कच्चे कर्मचारियों का मानदेय देने की मांग की।
राज्य प्रेस सचिव ईश्वर शर्मा व राज्य कमेटी सदस्य मदन पाल ने कहा कि करीब साढ़े चार महीने से अस्थाई कर्मचारियों को वेतन नहीं दिया जा रहा है।
जिससे घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों में ठेकेदार व सरकार के प्रति रोष पनप रहा है। पूरे राज्य में अस्थाई कर्मचारियों की संख्या करीब दस हजार है।
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इनको लगे करीब एक साल हो गया है, लेकिन आज तक स्थाई नहीं किया गया। जबकि पूर्ववर्ती सरकार के समय सर्व कर्मचारी संघ ने आंदोलन कर इनको स्थाई करने की नीति बनवाई थी।
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पूरे राज्य में इनको वोट बैंक रूप में इस्तेमाल किया गया। उसके बाद भाजपा की वर्तमान सरकार ने इनको स्थाई करने का वायदा अपने चुनावी घोषणा पत्र में किया, लेकिन पक्का करने की बजाय इनको नौकरी से निकाला जा रहा है।
यूनियन ने मांग की है अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई करने, वेतन समय देने व बिजली निगम को निजी हाथों में न दिया जाए।
सर्कल सचिव तेजपाल ने बताया कि बिजली निगम को फ्रैंचाइजी निजी लाकर बेचा रहा है। इनके फीडरों को निजी हाथों में देकर इसमें मुनाफा कमाने का लाइसेंस दिए जा रहे है।
जबकि इस सारे सिस्टम को सुधार कर बिजली निगम देगा। उन्होंने बताया कि जिले में किला सब डिविजन को जापानी कंपनी निडो के हवाले किया जा रहा है।
मांग कि है कि इसमें हो रहे भ्रष्टाचार की सीबीआई जांच हो। इसमें बड़े स्तर पर हो रही धांधली को रोका जाए। वहीं उन्होंने कहा कि घाटे को कम करने के लिए बार बार बिजली के दाम बढ़ाना उचित नहीं है। इस मौके पर जितेंद्र सैनी, ईश्वर सिंह, सीताराम, सुनील कुमार, राजेश कुमार, अजमेर भानाराम व नरेंद्र मौजूद रहे।