{"_id":"62115470d815a678be03e33f","slug":"after-the-punishment-the-night-of-the-killers-of-the-girl-passed-in-the-jail-panipat-news-knl995095151","type":"story","status":"publish","title_hn":"सजा के बाद जेल में करवट बदलते गुजरी बच्ची के हत्यारों की रात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सजा के बाद जेल में करवट बदलते गुजरी बच्ची के हत्यारों की रात
विज्ञापन
पानीपत। दुष्कर्म के बाद 12 वर्षीय बच्ची की हत्या और फिर उसके शव के साथ ही दुष्कर्म करने के दोषियों की शुक्रवार की रात करवट बदलते बीती। फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी आंखों से नींद गायब रही।
अदालत से जेल आने के बाद दोनों ने किसी से न तो बात की और न ही खाना ही खाया। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को उनके परिवार का कोई भी सदस्य मिलने नहीं आया, जबकि दोषियों ने अपने परिवार के हालात बताते हुए अदालत से रहम बरतने की अपील की थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी प्रदीप और सागर को पानीपत जेल ले जाया गया।
जेल में की गई दोनों की काउंसलिंग
फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से दोनों बेहद शांत रहे। आपस में भी बात नहीं की। जब दोनों ने खाना नहीं खाया तो पानीपत जेल प्रशासन ने डॉक्टर को बुलाया। प्रदीप और सागर की काउंसलिंग कराई गई। काउंसलिंग के बाद दोनों कुछ हद तक सामान्य हुए।
विज्ञापन
अलग बैरक न रखकर अन्य कैदियों के साथ रखा
प्रदीप और सागर की हालत देखते हुए जेल प्रशासन ने उन्हें अलग बैरक में नहीं रखा। दोनों को अन्य कैदियों के साथ रखा गया ताकि दोनों का ध्यान न भटके और ठीक रहें। मानसिक परेशानी से उबर सकें।
जेल प्रशासन दोनों की हर समय कर रहा निगरानी
जेल प्रशासन ने प्रदीप और सागर की हर समय निगरानी करने का फैसला लिया है। दोनों पर जेल के नंबरदार और निगरान निगाह रहेगी। जो उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। नंबरदार और निगरान जेल प्रशासन को प्रतिदिन की गतिविधि की जानकारी देंगे।
यह है मामला :
तहसील मतलौडा के एक गांव में 13 जनवरी 2018 को 12 वर्षीय बच्ची का प्रदीप और सागर ने अपहरण कर लिया था। बच्ची घर से कूड़ा डालने की लिए बाहर आई थी, इसी दौरान उसका अपहरण कर बच्ची को प्रदीप के घर लाया गया था। उसके साथ दुष्कर्म किया गया और चिल्लाने पर शॉल से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद दोनों ने बच्ची के शव के साथ दुष्कर्म किया। शव को गांव में ही एक गड्ढ़े में फेंक दिया और बच्ची के कपड़ों को जला दिया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद एएसजे सुमित गर्ग की अदालत ने शुक्रवार को दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।
विज्ञापन
अदालत से जेल आने के बाद दोनों ने किसी से न तो बात की और न ही खाना ही खाया। शुक्रवार को सजा सुनाए जाने के बाद शनिवार को उनके परिवार का कोई भी सदस्य मिलने नहीं आया, जबकि दोषियों ने अपने परिवार के हालात बताते हुए अदालत से रहम बरतने की अपील की थी। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी प्रदीप और सागर को पानीपत जेल ले जाया गया।
विज्ञापन
जेल में की गई दोनों की काउंसलिंग
फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद से दोनों बेहद शांत रहे। आपस में भी बात नहीं की। जब दोनों ने खाना नहीं खाया तो पानीपत जेल प्रशासन ने डॉक्टर को बुलाया। प्रदीप और सागर की काउंसलिंग कराई गई। काउंसलिंग के बाद दोनों कुछ हद तक सामान्य हुए।
विज्ञापन
अलग बैरक न रखकर अन्य कैदियों के साथ रखा
प्रदीप और सागर की हालत देखते हुए जेल प्रशासन ने उन्हें अलग बैरक में नहीं रखा। दोनों को अन्य कैदियों के साथ रखा गया ताकि दोनों का ध्यान न भटके और ठीक रहें। मानसिक परेशानी से उबर सकें।
जेल प्रशासन दोनों की हर समय कर रहा निगरानी
जेल प्रशासन ने प्रदीप और सागर की हर समय निगरानी करने का फैसला लिया है। दोनों पर जेल के नंबरदार और निगरान निगाह रहेगी। जो उनकी हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। नंबरदार और निगरान जेल प्रशासन को प्रतिदिन की गतिविधि की जानकारी देंगे।
यह है मामला :
तहसील मतलौडा के एक गांव में 13 जनवरी 2018 को 12 वर्षीय बच्ची का प्रदीप और सागर ने अपहरण कर लिया था। बच्ची घर से कूड़ा डालने की लिए बाहर आई थी, इसी दौरान उसका अपहरण कर बच्ची को प्रदीप के घर लाया गया था। उसके साथ दुष्कर्म किया गया और चिल्लाने पर शॉल से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई। हत्या करने के बाद दोनों ने बच्ची के शव के साथ दुष्कर्म किया। शव को गांव में ही एक गड्ढ़े में फेंक दिया और बच्ची के कपड़ों को जला दिया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद एएसजे सुमित गर्ग की अदालत ने शुक्रवार को दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।