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हत्या के मामले में जेल गए युवक के बेटे ने गवाही देने की रंजिश में दो पर किया हमला
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पानीपत। भतीजे की हत्या में जेल गए अभियुक्त के बेटे ने गवाही देने की रंजिश में दो लोगों पर जानलेवा हमला किया। साथ ही जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गया। सदर थाने की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
धर्मगढ़ निवासी राजबीर ने बताया कि उसकी पत्नी कृष्णा और बेटा राजू, दीपक हत्याकांड में गवाह थे। छह माह पहले दोनों ने गवाही दी थी, जिसमें आरोपी ओमप्रकाश जेल गया था। 28 मई को ओमप्रकाश का बेटा आशीष शराब पीकर उनके घर आया और गवाही देने की रंजिश में मजा चखाने की धमकी देने लगा। उस समय वह गालीगलौज कर चला गया। बेटे ने उसे सारी बात बताई। वह रात करीब साढ़े आठ बजे अपने चाचा जगत सिंह के घर पर बैठकर हुक्का पी रहा था। इसी बीच आशीष, अक्षय और उसके तीन दोस्त अपने हाथों में लाठी डंडे लेकर आए और उन पर हमला कर दिया। सदर थाने की पुलिस ने उपरोक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
दीपक हत्याकांड में मृतक की पत्नी सुमन की शिकायत पर ओमप्रकाश, उसके बेटे आशीष, राजवंती, पिंकी, रेनू और साक्षी के खिलाफ मतलौडा थाने में 22 जुलाई 2018 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सुमन ने आरोप लगाया था कि पति के चाचा ओमप्रकाश ने धोखे से उनकी जमीन हड़प ली। वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देते थे। वह दिल्ली गई थी। इसी बीच पीछे से पति की मौत हो गई। वह लौटी तो ओमप्रकाश ने कहा कि उसकी हृदय गति रुकने से मौत हुई है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर आठ घाव मिले। उसने ओमप्रकाश से घाव के बारे में पूछा तो उन्होंने उसे भी ठिकाने लगाने की धमकी दी थी।
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धर्मगढ़ निवासी राजबीर ने बताया कि उसकी पत्नी कृष्णा और बेटा राजू, दीपक हत्याकांड में गवाह थे। छह माह पहले दोनों ने गवाही दी थी, जिसमें आरोपी ओमप्रकाश जेल गया था। 28 मई को ओमप्रकाश का बेटा आशीष शराब पीकर उनके घर आया और गवाही देने की रंजिश में मजा चखाने की धमकी देने लगा। उस समय वह गालीगलौज कर चला गया। बेटे ने उसे सारी बात बताई। वह रात करीब साढ़े आठ बजे अपने चाचा जगत सिंह के घर पर बैठकर हुक्का पी रहा था। इसी बीच आशीष, अक्षय और उसके तीन दोस्त अपने हाथों में लाठी डंडे लेकर आए और उन पर हमला कर दिया। सदर थाने की पुलिस ने उपरोक्त मामले में रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
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दीपक हत्याकांड में मृतक की पत्नी सुमन की शिकायत पर ओमप्रकाश, उसके बेटे आशीष, राजवंती, पिंकी, रेनू और साक्षी के खिलाफ मतलौडा थाने में 22 जुलाई 2018 को रिपोर्ट दर्ज हुई थी। सुमन ने आरोप लगाया था कि पति के चाचा ओमप्रकाश ने धोखे से उनकी जमीन हड़प ली। वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देते थे। वह दिल्ली गई थी। इसी बीच पीछे से पति की मौत हो गई। वह लौटी तो ओमप्रकाश ने कहा कि उसकी हृदय गति रुकने से मौत हुई है, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर आठ घाव मिले। उसने ओमप्रकाश से घाव के बारे में पूछा तो उन्होंने उसे भी ठिकाने लगाने की धमकी दी थी।
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