{"_id":"6278279786f09e220926a191","slug":"after-47-days-maximum-seven-cases-of-corona-were-found-panipat-news-knl1075419164","type":"story","status":"publish","title_hn":"47 दिन बाद कोरोना के सबसे अधिक सात केस मिले, खतरा बढ़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
47 दिन बाद कोरोना के सबसे अधिक सात केस मिले, खतरा बढ़ा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पानीपत। जिले में 47 दिन बाद कोरोना के सबसे अधिक सात केस मिले हैं। इससे पहले 19 फरवरी को आठ मामले मिले थे। एक दिन में इतने केस मिलने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी चिंतित हैं। सिविल सर्जन ने डॉक्टरों को सैंपलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अब जिले में कोरोना के एक्टिव रोगियों की संख्या 12 हो चुकी है। मई में लगातार कोरोना के मरीज मिले हैं। इन आठ दिनों में अब तक 14 मरीज मिल चुके हैं। सभी रोगियों को स्वास्थ्य विभाग ने होम आइसोलेट कर दिया है। रविवार को महज 12 लोगों की कोरोना जांच कराई गई। स्टाफ के अभाव में एक माह से रोज 40-50 लोगों के ही सैंपल लिए जा रहे हैं। तीन से चार दिन में लोगों को उनकी रिपोर्ट मिल रही है। जिले में अब कोरोना रोगियों की संख्या 36070 हो चुकी है। 35383 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। अब तक 676 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग के नए निर्देशों के अनुसार अब प्रिकॉशन डोज सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में फ्री में लग रही है।
कोरोना के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग अब तक सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था नहीं कर सका है और न ही बच्चों के लिए हाई डिपेंडेसी यूनिट तैयार की गई है।
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने लोगों से अपील की है कि वह कोरोना को हल्के में न लें। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन जारी रखें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोरोना के खतरे के बीच स्वास्थ्य विभाग अब तक सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था नहीं कर सका है और न ही बच्चों के लिए हाई डिपेंडेसी यूनिट तैयार की गई है।
विज्ञापन
सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान ने लोगों से अपील की है कि वह कोरोना को हल्के में न लें। सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन जारी रखें और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
विज्ञापन