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Panipat News: 20 साल बाद मानसून से पहले यमुना नदी में उफान
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सनौली। हर साल ज्येष्ठ माह की तपती गर्मी में जहां यमुना नदी की धार सूख जाती थी, लेकिन इस बार 20 साल बाद मानसून से पहले यमुना नदी में उफान पर चल रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा का असर यमुना नदी के जलस्तर पर बढ़ रहा है। इसके चलते बाढ़ प्रभावित सनौली क्षेत्र में मानसून से पहले ही यमुना नदी उफान पर आ गई है। यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से खादर क्षेत्र के किसान चिंतित नजर आ रहे हैं, हालांकि फिलहाल नुकसान की कोई सूचना नहीं है। प्रशासन की ओर से बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है।
मानसून अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे पहले ही पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा हो रही है। जिस कारण हथिनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बढा है। इसके बाद यमुना नदी में पानी प्रवाहित किया जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 10522 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद 24 घंटे बाद सनौली यमुना क्षेत्र में यमुना नदी के जलस्तर में एकाएक वृद्धि हुई।
गांव सनौली, राणा माजरा, पत्थरगढ, तामसाबाद, रिशपूर, नन्हेडा, गोयला, खोजकीपूर, हथवाला आदि में जहां कहीं यमुना नदी सूखी हुई थी, वहां भी यमुना की धारा पहुंच गई। सनौली यमुना पुल के निकट यमुना में पहले से पानी था लेकिन अब जलस्तर में करीब 80 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार सुबह करीब आठ बजे यमुना ब्रिज पर सूचकांक पर पानी का बहाव 227.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां से चेतावनी बिंदु 231 मीटर और खतरे का निशान 231.50 मीटर पर है।
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चार बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई, किया अलर्ट
यमुना का जलस्तर बढ़ने के चलते स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल सनौली यमुना पुल, रामडा, राणा माजरा, नंगला राई और मोहम्मदपुर राई में बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित कर दी गई हैं, जहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और यमुना नदी पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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मानसून अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे पहले ही पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा हो रही है। जिस कारण हथिनीकुंड बैराज पर पानी का दबाव बढा है। इसके बाद यमुना नदी में पानी प्रवाहित किया जा रहा है। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे हथिनीकुंड बैराज से यमुना नदी में 10522 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया था। इसके बाद 24 घंटे बाद सनौली यमुना क्षेत्र में यमुना नदी के जलस्तर में एकाएक वृद्धि हुई।
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गांव सनौली, राणा माजरा, पत्थरगढ, तामसाबाद, रिशपूर, नन्हेडा, गोयला, खोजकीपूर, हथवाला आदि में जहां कहीं यमुना नदी सूखी हुई थी, वहां भी यमुना की धारा पहुंच गई। सनौली यमुना पुल के निकट यमुना में पहले से पानी था लेकिन अब जलस्तर में करीब 80 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई। शनिवार सुबह करीब आठ बजे यमुना ब्रिज पर सूचकांक पर पानी का बहाव 227.50 मीटर रिकॉर्ड किया गया। यहां से चेतावनी बिंदु 231 मीटर और खतरे का निशान 231.50 मीटर पर है।
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चार बाढ़ नियंत्रण चौकियां बनाई, किया अलर्ट
यमुना का जलस्तर बढ़ने के चलते स्थानीय प्रशासन अलर्ट हो गया है। प्रशासन की ओर से फिलहाल सनौली यमुना पुल, रामडा, राणा माजरा, नंगला राई और मोहम्मदपुर राई में बाढ़ नियंत्रण चौकियां स्थापित कर दी गई हैं, जहां कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है और यमुना नदी पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।