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Panipat News: प्रशासन को निर्देश यमुना को कैमिकल युक्त पानी से बचाने के लिए उठाए कदम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 14 Jan 2023 09:00 AM IST
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Administration took steps to save Yamuna from chemical-rich water
पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यमुना में बढ़ी अमोनिया की मात्रा का जिम्मेदार प्रदेश के उद्योगों को माना है, जहां से अनट्रीटेड पानी यमुना में आता है। अब यमुुना को प्रदूषण से बचाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड भी सख्त हो गया है। सीपीसीबी की रिपोर्ट आने के बाद शुक्रवार को एचएसपीसीबी के चेयरमैन पी. राघवेंद्र राव पानीपत पहुंच गए। यहां उन्होंने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एक्शन प्लान की प्रजेंटेशन मांगी और जिम्मेदार छह विभागों के अधिकारियों से चर्चा की। चेयरमैन ने निर्देश दिया कि नगर निगम, सिंचाई विभाग, एचएसआईआईडीसी, एचएसवीपी, जिला पंचायती राज विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड तालमेल से काम करें। ड्रेन में अनट्रीटेड पानी जाने से रोकें। शहर के नगर निगम, सेक्टरों पर एचएसवीपी, एचएसआईआईडीसी, नहर-नालों के पास सिंचाई विभाग व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग को ड्रेन में प्रदूषित पानी जाने से रोकना है। इसके लिए एक्शन प्लान तैयार करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
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चेयरमैन पी. राघवेंद्र राव ने ददलाना से खोजगीपुर गांव तक ड्रेन का निरीक्षण किया। वह ड्रेन का हाल देखकर गुस्सा हो गए। उन्होंने अधकारियों को फटकार भी लगा दी। उन्होंने नगर निगम अधिकारियों को जल्द ड्रेन की सफाई करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उनके साथ उपायुक्त सुशील सारवान भी मौजूद रहे।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने यमुना के प्रदूषित होने पर अपनी रिपोर्ट पेश की है। सीपीसीबी ने यमुना को प्रदूषित होने के लिए प्रदेश की 413 इंडस्ट्री को ही कसूरवार माना है। इसमें पानीपत की सबसे ज्यादा 181 इंडस्ट्री शामिल है। गुरुग्राम की 96, फरीदाबाद की 38, सोनीपत की 53, झज्जर की 19, रोहतक की 12 , करनाल की चार व भिवानी की तीन इंडस्ट्री शामिल हैं। सीपीसीबी को 2021-22 में प्रदेश के 924 उद्योगों की लिस्ट मिली थी। सीपीसीबी ने इन इंडस्ट्री का निरीक्षण किया। इनमें 413 में काफी अनियमिताएं मिली। यहां से पानी अनट्रीट ड्रेन में गिरते पाया गया। इनका ईटीपी भी सही काम करते नहीं मिला था। अब सीपीसीबी ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से केमिकलयुक्त पानी को ड्रेन व यमुना में कैसे रोके इसका 30 दिन में एक्शन प्लान मांगा है। बोर्ड की ओर से प्रदेश सरकार को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
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अपनी शिकायत के आधार पर सोनीपत व गुरुग्राम में हजारों अवैध डाइंग यूनिट बंद करवा चुके हूं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास सिर्फ वैध उद्योगों का ही डाटा है। पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम व फरीदाबाद में हजारों अवैध उद्योग चल रहे हैं। रिहायशी क्षेत्रों में चल रहे उद्योगों का बोर्ड के पास डाटा ही नहीं है। उद्योगों से अमोनिया यमुना में जा रही है।

- वरुण गुलाटी, पर्यावरणविद
यमुना को लेकर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गंभीर है। चेयरमैन ने सभी विभागों से उनका एक्शन प्लान मांगा है। विभागों की अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी तय की गई है। चेयरमैन ने नगर निगम को ड्रेन की सफाई करने का निर्देश दिया है।
- कमलजीत सैनी, आरओ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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