{"_id":"687996631911bdd86d00a065","slug":"action-against-madrassas-is-wrong-maulana-haroon-panipat-news-c-244-1-pnp1007-140466-2025-07-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"मदरसों पर कार्रवाई गलत : मौलाना हारुन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मदरसों पर कार्रवाई गलत : मौलाना हारुन
विज्ञापन
- मौलाना मुफ्ती दाऊद कासमी को पानीपत जमीयत का नया सदर बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जमीयत उलेमा हिंद की बैठक वीरवार को कुटानी रोड स्थित काबूली बाग कॉलोनी स्थित मस्जिद में हुई। हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब के पूर्व सदर मौलाना हारुन की देखरेख में बैठक चली। मुख्य वक्ता महासचिव कारी मो. इलियास यमुनानगर रहे। कार्यक्रम का आयोजन जमीयत उलेमा हिंद की नए सदर (प्रधान) का चुनने के लिए किया। बैठक में सर्वसहमति से मौलाना मुफ्ती दाऊद कासमी को जमीयत उलेमा हिंद पानीपत का सदर चुना गया।
मौलाना हारुन ने कहा कि सरकार द्वारा मदरसों पर की जा रही कार्रवाई गलत है। देश में कानून और संविधान से बड़ा कुछ नहीं है लेकिन सरकार मदरसों को लेकर भेदभाव पूर्ण नीति अपना रही है। जब मदरसों के कागजात देखे जा रहे हैं तो देश में और भी धार्मिक स्थल हैं वहां भी कार्रवाई की जानी चाहिए। मुल्क में 75 वर्षों से मदरसे चल रहे हैं लेकिन सरकार साजिश के तहत मदरसों को टारगेट कर रही है। नवनियुक्त सदर मौलाना मुफ्ती दाऊद कासमी ने जमीयत के कामों को गिनाया। पूर्व सदर मौलाना इलियास ने सरकार से मांग की कि पानीपत में आबादी के हिसाब से कई स्कूल उर्दू के होने चाहिए। इस अवसर पर मौलाना सादिक साहब, दिलशाद अहमद, सैफी शाहिद खान, हाजी सत्तार सैफी, मुख्तार अली, नसीम अंसारी, मुस्तफा अंसारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। जमीयत उलेमा हिंद की बैठक वीरवार को कुटानी रोड स्थित काबूली बाग कॉलोनी स्थित मस्जिद में हुई। हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब के पूर्व सदर मौलाना हारुन की देखरेख में बैठक चली। मुख्य वक्ता महासचिव कारी मो. इलियास यमुनानगर रहे। कार्यक्रम का आयोजन जमीयत उलेमा हिंद की नए सदर (प्रधान) का चुनने के लिए किया। बैठक में सर्वसहमति से मौलाना मुफ्ती दाऊद कासमी को जमीयत उलेमा हिंद पानीपत का सदर चुना गया।
मौलाना हारुन ने कहा कि सरकार द्वारा मदरसों पर की जा रही कार्रवाई गलत है। देश में कानून और संविधान से बड़ा कुछ नहीं है लेकिन सरकार मदरसों को लेकर भेदभाव पूर्ण नीति अपना रही है। जब मदरसों के कागजात देखे जा रहे हैं तो देश में और भी धार्मिक स्थल हैं वहां भी कार्रवाई की जानी चाहिए। मुल्क में 75 वर्षों से मदरसे चल रहे हैं लेकिन सरकार साजिश के तहत मदरसों को टारगेट कर रही है। नवनियुक्त सदर मौलाना मुफ्ती दाऊद कासमी ने जमीयत के कामों को गिनाया। पूर्व सदर मौलाना इलियास ने सरकार से मांग की कि पानीपत में आबादी के हिसाब से कई स्कूल उर्दू के होने चाहिए। इस अवसर पर मौलाना सादिक साहब, दिलशाद अहमद, सैफी शाहिद खान, हाजी सत्तार सैफी, मुख्तार अली, नसीम अंसारी, मुस्तफा अंसारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन