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Panipat News: नौकरी दिलाने के नाम पर छह लाख रुपये ठगने का आरोपी गिरफ्तार
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पानीपत। वधावाराम कॉलोनी युवक को बैंक में नौकरी का झांसा दिलाकर छह लाख रुपये की ठगी करने के तीसरे आरोपी को किला थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए चार साल से बाल व ढांडी बढ़ाकर कुरुक्षेत्र व राजस्थान में फरारी काट रहा था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर दो दिन के के रिमांड पर लिया है। रिमांड पर के दौरान उससे ठगी गई राशि बरामद की जाएगी। पुलिस इस मामले में पहले उसके भाई व पिता को गिरफ्तार कर चुकी है।
किला पुलिस थाना प्रभारी महाबीर सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने विजय नगर निवासी धीरज को गिरफ्तार किया है। वधावाराम कॉलोनी निवासी कृष्ण ने 17 नवंबर 2018 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह एक कंपनी में काम करता है। उसके बेटे ने सरकारी नौकरी के लिए क्लर्क व बैंक के फार्म भरे हुए है। बेटा कोचिंग लेकर तैयारी कर रहा है। कंपनी के सुपरवाइजर जावा कॉलोनी निवासी नितिन ने कहा कि वह उसके बेटे को बैंक में नौकरी दिला सकता है। नितिन ने उसे अपने जानकार विजय नगर निवासी दो सगे भाई धीरज व पंकज से मिलवाया। दोनों ने प्रधानमंत्री के पीए से जानकारी होने की बात कहकर उसे विश्वास में लेकर बेटे को नौकरी लगवाने के आठ लाख रुपये मांगे। छह लाख रुपये पहले व दो लाख रुपये काम होने के बाद देने के लिए कहा। उसने इन्हें छह लाख रुपये दे दिए। इसके बाद जुलाई 2017 में इन्होंने बेटे का ज्वाइनिंग लेटर व्हाट्सएप किया। जांच करने पर वह फर्जी पाया गया। उसने अपने पैसे वापस मांगे तो इन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी पंकज व जयकुमार को अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि में से 15800 रुपये बरामद किए थे। अब धीरज को गिरफ्तार किया गया है।
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किला पुलिस थाना प्रभारी महाबीर सिंह ने बताया कि उनकी टीम ने विजय नगर निवासी धीरज को गिरफ्तार किया है। वधावाराम कॉलोनी निवासी कृष्ण ने 17 नवंबर 2018 को पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह एक कंपनी में काम करता है। उसके बेटे ने सरकारी नौकरी के लिए क्लर्क व बैंक के फार्म भरे हुए है। बेटा कोचिंग लेकर तैयारी कर रहा है। कंपनी के सुपरवाइजर जावा कॉलोनी निवासी नितिन ने कहा कि वह उसके बेटे को बैंक में नौकरी दिला सकता है। नितिन ने उसे अपने जानकार विजय नगर निवासी दो सगे भाई धीरज व पंकज से मिलवाया। दोनों ने प्रधानमंत्री के पीए से जानकारी होने की बात कहकर उसे विश्वास में लेकर बेटे को नौकरी लगवाने के आठ लाख रुपये मांगे। छह लाख रुपये पहले व दो लाख रुपये काम होने के बाद देने के लिए कहा। उसने इन्हें छह लाख रुपये दे दिए। इसके बाद जुलाई 2017 में इन्होंने बेटे का ज्वाइनिंग लेटर व्हाट्सएप किया। जांच करने पर वह फर्जी पाया गया। उसने अपने पैसे वापस मांगे तो इन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी पंकज व जयकुमार को अप्रैल 2019 में गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि में से 15800 रुपये बरामद किए थे। अब धीरज को गिरफ्तार किया गया है।
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