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स्कूली बस के कुचलने से एलकेजी की छात्रा की मौत, मां गंभीर
ब्यूरो पानीपत
Updated Wed, 19 Oct 2016 12:19 AM IST
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मासूम छात्रा पावनी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के गांव वैसरी में तेज रफ्तार स्कूली बस के कुचलने से एलकेजी की एक मासूम छात्रा की मौत हो गई, जबकि बच्ची की मां बस की चपेट में आने से घायल हो गई। मां अपनी बच्ची व उसके चचेरी बहनों को बस में बैठाने आई थी। वह दोनों को एक लेकर एक अन्य स्कूल की बस के पीछे से दूसरी तरफ जा रही थी। इसी समय दूसरी दिशा में तीसरे स्कूल की बस की चपेट में आ गई। गुस्साएं ग्रामीणों ने स्कूल बस में आग लगा दी और रोड जाम कर दिया। मतलौडा थाना पुलिस ने ग्रामीणों को उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। पुलिस ने सिविल अस्पताल में बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया और बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार में मातम छाया हुआ है।
वैसरी गांव में मंगलवार को महिला रीना अपनी छह साल की बच्ची पावनी व अपनी भतीजी शिवानी व स्नेहा के साथ गांव के अड्डे पर स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी समय एक स्कूल की बस आ खड़ी हुई। रीना दोनों बच्चियों को लेकर दूसरी तरफ जाने लगी। इसी समय सनराइज पब्लिक स्कूल भालसी की बस ने महिला व बच्ची को चपेट में ले लिया। बस चालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण अड्डे पर पहुंच गए और आक्रोशित कुछ लोगों ने स्कूल बस से बच्चों को उतारकर बस में आ लगा दी और बस में तोड़फोड़ कर दी। कुछ लोगों ने बस में लगी आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने गांव के अड्डे पर जाम लगा दिया। थाना मतलौडा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित लोगों को शांत किया और बच्ची के शव को शवगृह में रखवाया। पुलिस ने परिजनों के बयानों पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
हंसती-हंसती गई थी मेरी बच्ची
पिता शेलेंद्र ने बताया कि उसकी बेटी पावनी सुबह हंसती-हंसती स्कूल गई थी। उसको नहीं पता था कि वह अपनी बेटी की हंसी आखिरी बार देख रहा है। उसने बताया कि पावनी उसके दो बच्चों में बड़ी थी। उसका छोटा बेटा रजत है। पावनी गांव लौहारी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल की एलकेजी की छात्रा थी। उसकी पत्नी रीना बेटी पावनी व भतीजी शिवानी व स्नेहा को स्कूली की बस में बैठाने के लिए गई थी। चारों बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे थे। सनराइज पब्लिक स्कूल की तेज रफ्तार बस ने पावनी को कुचल दिया। बस की चपेट में आने से रीना भी घायल हो गई। वहीं एनपीएस स्कूल प्रबंधन ने बच्ची की आत्मा की शांति को लेकर दो मिनट का मौन धारण कर दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया।
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भतीजियों को बचाया, बेटी को नहीं बचा पाई
रीना बेटी पावनी व भतीजी शिवानी व स्नेहा के साथ गांव के अड्डे पर बस का इंतजार कर रही थी। इस दौरान तेज रफ्तार बस को अपनी तरफ आते देख रीना ने भतीजी शिवानी व स्नेहा का हाथ पकड़कर पीछे कर दिया। थोड़ी दूर होने के कारण रीना अपनी बेटी पावनी को नहीं बचा सकी। पावनी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पहले भी 50 बच्चों की जान से खिलवाड़ कर चुका है चालक
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी बस चालक बस काफी लापरवाही से चलाता है। एक माह पहले आरोपी चालक ने ट्रांसफार्मर को टक्कर मार दी थी। उस वक्त बस में 50 बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि उस वक्त बिजली का कट चल रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल संचालक से की थी, लेकिन स्कूल के संचालक ने आरोपी बस चालक के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों में स्कूल संचालक व चालक के प्रति रोष व्याप्त है।
अमर उजाला ने पहले भी उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने हादसे से मात्र तीन दिन पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। अमर उजाला में प्रकाशित अंक में स्कूल संचालकों की लापरवाही को उजागर किया था। स्कूल संचालक छात्रों के अभिभावकों को ट्रांसपोर्ट सुविधा देने के नाम पर ठग रहे हैं। बस को अनट्रेंड चालक सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। स्कूली बसों के इंडीकेटर व ब्रेक खराब रहती है। अधिकतर बसों का परमिट खत्म हो चुका है। इन सब मुद्दों को उठाने के बाद भी स्कूल के संचालकों ने लापरवाही बरती। इसी लापरवाही के कारण एक छह वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई।
स्कूल की बस की चपेट में आने से एक बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मबीर सिंह खर्ब, प्रभारी थाना मतलौडा पानीपत।
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वैसरी गांव में मंगलवार को महिला रीना अपनी छह साल की बच्ची पावनी व अपनी भतीजी शिवानी व स्नेहा के साथ गांव के अड्डे पर स्कूल जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। इसी समय एक स्कूल की बस आ खड़ी हुई। रीना दोनों बच्चियों को लेकर दूसरी तरफ जाने लगी। इसी समय सनराइज पब्लिक स्कूल भालसी की बस ने महिला व बच्ची को चपेट में ले लिया। बस चालक बस छोड़कर मौके से फरार हो गया। हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण अड्डे पर पहुंच गए और आक्रोशित कुछ लोगों ने स्कूल बस से बच्चों को उतारकर बस में आ लगा दी और बस में तोड़फोड़ कर दी। कुछ लोगों ने बस में लगी आग पर काबू पाया। ग्रामीणों ने गांव के अड्डे पर जाम लगा दिया। थाना मतलौडा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित लोगों को शांत किया और बच्ची के शव को शवगृह में रखवाया। पुलिस ने परिजनों के बयानों पर बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और बच्ची के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
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हंसती-हंसती गई थी मेरी बच्ची
पिता शेलेंद्र ने बताया कि उसकी बेटी पावनी सुबह हंसती-हंसती स्कूल गई थी। उसको नहीं पता था कि वह अपनी बेटी की हंसी आखिरी बार देख रहा है। उसने बताया कि पावनी उसके दो बच्चों में बड़ी थी। उसका छोटा बेटा रजत है। पावनी गांव लौहारी स्थित नेशनल पब्लिक स्कूल की एलकेजी की छात्रा थी। उसकी पत्नी रीना बेटी पावनी व भतीजी शिवानी व स्नेहा को स्कूली की बस में बैठाने के लिए गई थी। चारों बस स्टॉप पर बस का इंतजार कर रहे थे। सनराइज पब्लिक स्कूल की तेज रफ्तार बस ने पावनी को कुचल दिया। बस की चपेट में आने से रीना भी घायल हो गई। वहीं एनपीएस स्कूल प्रबंधन ने बच्ची की आत्मा की शांति को लेकर दो मिनट का मौन धारण कर दो दिन का अवकाश घोषित कर दिया।
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भतीजियों को बचाया, बेटी को नहीं बचा पाई
रीना बेटी पावनी व भतीजी शिवानी व स्नेहा के साथ गांव के अड्डे पर बस का इंतजार कर रही थी। इस दौरान तेज रफ्तार बस को अपनी तरफ आते देख रीना ने भतीजी शिवानी व स्नेहा का हाथ पकड़कर पीछे कर दिया। थोड़ी दूर होने के कारण रीना अपनी बेटी पावनी को नहीं बचा सकी। पावनी की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पहले भी 50 बच्चों की जान से खिलवाड़ कर चुका है चालक
ग्रामीणों ने बताया कि आरोपी बस चालक बस काफी लापरवाही से चलाता है। एक माह पहले आरोपी चालक ने ट्रांसफार्मर को टक्कर मार दी थी। उस वक्त बस में 50 बच्चे सवार थे। गनीमत रही कि उस वक्त बिजली का कट चल रहा था। उन्होंने इसकी शिकायत स्कूल संचालक से की थी, लेकिन स्कूल के संचालक ने आरोपी बस चालक के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया। ग्रामीणों में स्कूल संचालक व चालक के प्रति रोष व्याप्त है।
अमर उजाला ने पहले भी उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने हादसे से मात्र तीन दिन पहले स्कूली बच्चों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। अमर उजाला में प्रकाशित अंक में स्कूल संचालकों की लापरवाही को उजागर किया था। स्कूल संचालक छात्रों के अभिभावकों को ट्रांसपोर्ट सुविधा देने के नाम पर ठग रहे हैं। बस को अनट्रेंड चालक सड़कों पर दौड़ा रहे हैं। स्कूली बसों के इंडीकेटर व ब्रेक खराब रहती है। अधिकतर बसों का परमिट खत्म हो चुका है। इन सब मुद्दों को उठाने के बाद भी स्कूल के संचालकों ने लापरवाही बरती। इसी लापरवाही के कारण एक छह वर्षीय मासूम बच्ची की जान चली गई।
स्कूल की बस की चपेट में आने से एक बच्ची की मौत हो गई है। पुलिस ने बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
धर्मबीर सिंह खर्ब, प्रभारी थाना मतलौडा पानीपत।