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जीवन में अहंकार का त्याग करें क्षमा के गुण का अपनाएं : उपेंद्र मुनि
Tue, 04 Nov 2025 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 04 Nov 2025 01:18 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। नई अनाज मंडी में सोमवार को उपेंद्र मुनि ने प्रवचन दिए। मुनि ने कहा कि एक ज्ञानी व्यक्ति की पहचान केवल उसके ज्ञान से नहीं बल्कि उसकी क्षमा करने की क्षमता से भी होती है। ज्ञान तो बहुत लोग अर्जित कर सकते हैं लेकिन क्षमा का गुण वास्तव में उस ज्ञान को पूर्ण और शोभायमान बनाता है। सच्चा ज्ञान व्यक्ति को विनम्र बनाता है। अगर किसी ज्ञानी व्यक्ति में अहंकार है और वह क्षमा नहीं कर सकता तो उसका ज्ञान अधूरा माना जाता है। क्षमा करना विनम्रता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। इसलिए जीवन में क्षमा के भाव का होना जरूरी है। अहंकार में मनुष्य अपने साथ अपनों का भी नुकसान ही करता है। अहंकार को त्याग क्षमा के गुण को जीवन में अपनाना चाहिए।
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समालखा। नई अनाज मंडी में सोमवार को उपेंद्र मुनि ने प्रवचन दिए। मुनि ने कहा कि एक ज्ञानी व्यक्ति की पहचान केवल उसके ज्ञान से नहीं बल्कि उसकी क्षमा करने की क्षमता से भी होती है। ज्ञान तो बहुत लोग अर्जित कर सकते हैं लेकिन क्षमा का गुण वास्तव में उस ज्ञान को पूर्ण और शोभायमान बनाता है। सच्चा ज्ञान व्यक्ति को विनम्र बनाता है। अगर किसी ज्ञानी व्यक्ति में अहंकार है और वह क्षमा नहीं कर सकता तो उसका ज्ञान अधूरा माना जाता है। क्षमा करना विनम्रता की सर्वोच्च अभिव्यक्ति है। इसलिए जीवन में क्षमा के भाव का होना जरूरी है। अहंकार में मनुष्य अपने साथ अपनों का भी नुकसान ही करता है। अहंकार को त्याग क्षमा के गुण को जीवन में अपनाना चाहिए।