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यमुना खादर की शामलात जमीन को मलकियत की मांग के लिए जल्द होगी महापंचायत : रत्तन सिंह
Sat, 17 Jan 2026 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 17 Jan 2026 12:55 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सनौली। यमुना नदी से सटे सनौली, बापौली, समालखा क्षेत्र के 60 के लगभग गांवों के किसानों की यमुना खादर की शामलात जमीन को मलकियत करने की मांग को लेकर जल्द ही एक महापंचायत की जाएगी। महापंचायत को लेकर शुक्रवार को यमुना सुधार समिति प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट रत्तन सिंह रावल ने सनौली खुर्द सहित दर्जनों गांवों में दौरा कर ग्रामीणों को महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि यमुना से सटे अनेक गांवों के हजारों एकड़ जमीन शामलात देह की होने पर उन्हें बाढ़ से बर्बाद फसलों के मुआवजा सहित जमीन पर ऋण कोई सुविधाएं नहीं मिलने से किसान परेशान है, जबकि वर्षों से इस जमीन पर उनके पूर्वज खेती करते आ रहे है। उनकी इस शामलात जमीनों को मलकियत करने की सरकार से मांग को लेकर एक विशाल महापंचायत की जाएगी। इस दौरान सभी उच्चाधिकारियों से मिलकर समस्या के निवारण को लेकर बात करेंगे। अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो किसान मार्च महीने में होने वाली महापंचायत में अन्य मामलों पर भी निर्णय लिया जाएगा।
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सनौली। यमुना नदी से सटे सनौली, बापौली, समालखा क्षेत्र के 60 के लगभग गांवों के किसानों की यमुना खादर की शामलात जमीन को मलकियत करने की मांग को लेकर जल्द ही एक महापंचायत की जाएगी। महापंचायत को लेकर शुक्रवार को यमुना सुधार समिति प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट रत्तन सिंह रावल ने सनौली खुर्द सहित दर्जनों गांवों में दौरा कर ग्रामीणों को महापंचायत में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने बताया कि यमुना से सटे अनेक गांवों के हजारों एकड़ जमीन शामलात देह की होने पर उन्हें बाढ़ से बर्बाद फसलों के मुआवजा सहित जमीन पर ऋण कोई सुविधाएं नहीं मिलने से किसान परेशान है, जबकि वर्षों से इस जमीन पर उनके पूर्वज खेती करते आ रहे है। उनकी इस शामलात जमीनों को मलकियत करने की सरकार से मांग को लेकर एक विशाल महापंचायत की जाएगी। इस दौरान सभी उच्चाधिकारियों से मिलकर समस्या के निवारण को लेकर बात करेंगे। अगर मांगे पूरी नहीं हुई तो किसान मार्च महीने में होने वाली महापंचायत में अन्य मामलों पर भी निर्णय लिया जाएगा।