पानीपत। शहर में एक ही लाइब्रेरी है, वह भी खामियों से भरपूर है। इसका पता चलते ही शहर के दौरे पर निकले आयुक्त ने अपनी गाड़ी लाइब्रेरी की ओर मुड़वा दी। मौके पर अपनी टीम के साथ पहुंचे आयुक्त ने लाइब्रेरी का दौरा कर यहां पढ़ाई कर रहे बच्चों से उनकी समस्याएं पूछी और लाइब्रेरी को सुधारने के लिए सुझाव भी मांगे। इसके बाद विद्यार्थियों ने आयुक्त के सामने समस्याओं और सुझावों की झड़ी लगा दी, जिस पर आयुक्त ने एक-एक समस्या और सुझाव को ध्यान से सुना। अधिकारियों को नोट कराया और इस्टीमेट बनाने के आदेश दिए। आयुक्त ने कहा कि लाइब्रेरी को काफी बेहतर बनाया जाएगा।
आयुक्त ने देखा कि लाइब्रेरी में बने लाखों रुपये के फव्वारे बंद पड़े हैं। लाइब्रेरी की छत से पीओपी झड़ रही है। बच्चे ज्यादा हैं, लेकिन फर्नीचर कम है। लाइब्रेरी में रोशनी और पानी की भी समस्या है। उन्होंने स्टॉफ से पूछा तो बताया कि लाइब्रेरी में आज तक केवल दो बार ही किताबें आई हैं। आयुक्त ने विद्यार्थियों से सुझाव मांगा तो उन्होंने कहा कि उन्हें वे किताबें चाहिए जो उनकी प्रतियोगी परिक्षाओं के लिए काम आ सकें। इन किताबों को वे घर पर भी ले जा सकें। उनके आईकार्ड बनाए जाएं और लाइब्रेरी का समय सुबह आठ से शाम छह बजे तक किया जाए। रविवार को भी इसे खुला रखें और यहां बिजली, पानी और फर्नीचर की सुविधा दें। इस पर आयुक्त ने हामी भरी और कहा कि जल्द ही सभी सुविधाएं दी जाएंगी।