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रेलवे टिकट दलालों पर कसेगा शिकंजा
Panipat
Updated Mon, 17 Jun 2013 05:31 AM IST
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पानीपत। रेलवे मंडल ने टिकट दलालों पर शिकंजा कसने के लिए मुख्य स्टेशनों पर टिकट दलालों के पोस्टर चस्पाने की योजना बनाई है। स्टेशनों पर चस्पाए गए पोस्टर टिकट दलालों की पहचान कराने में सहायक सिद्ध होंगे। टिकट काउंटरों पर लाइनों में लगे आम आदमी भी दलालों को पहचान सकेंगे और तुरंत उनकी शिकायत थाना आरपीएफ और जीआरपी कर्मियों को देंगे।
रेलवे मंडल ने जब से तत्काल टिकटों का समय बदलकर 10 बजे किया है, तब से टिकट दलाल और भी ज्यादा सर्किय हो गए हैं। स्थानीय अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बाद भी टिकट दलालों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए रेलवे मंडल ने टिकटों की दलाली को रोकने व सुधार करने के लिए कई तरह के आवश्यक कदम उठाए हैं। जिनको सख्ती से लागू करने के आदेश दिए जा रहे हैं।
फोटो लगने से नहीं घूमेंगे
जो व्यक्ति टिकट की दलाली करते समय एक बार पकड़ा जाएगा और उसके बारे में सुबूत भी हो जाएगा कि संबंधित व्यक्ति सही में ही टिकट दलाल है तो ऐसे व्यक्ति का फोटो दीवारों पर चस्पाया जाएगा। फोटो से पहचान हो सकेगी कि स्टेशन परिसर या इसके आसपास घूमने वाला टिकट दलाल तो नहीं है। अगर स्टेशन परिसर में घूमने वाले किसी व्यक्ति का चेहरा चस्पाए गए पोस्टरों में मिल जाता है तो अन्य यात्री उसकी शिकायत तुरंत पुलिस अधिकारियों से कर सकेंगे। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को भी ऐसे दलालों को काबू करने मेें भी आसानी होगी।
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पांच सौ रुपये तक लेते हैं कमीशन
तत्काल टिकट कंफर्म कराने पर कम से कम पांच सौ रुपये तक कमीशन ले रहे हैैं। ज्यादा इमरजेंसी होने पर कमीशन की राशि ज्यादा भी बढ़ जाती है। मजबूर लोग भी बिना किसी विरोध के कमीशन की राशि दे देते हैं। इस सांठगांठ के चलते जरूरतमत टिकट पाने से रह जाते हैं, जैसे ही साइट खुलती है, उसके कुछ ही पल में तत्काल टिकटों की संख्या खत्म हो जाती है।
टिकट दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे मंडल ने कई तरह के कारगर कदम उठाए हैं। जो लोग कई बार टिकटों की दलाली में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके पोस्टर स्टेशन परिसर में चस्पाए जाएंगे, जोकि उनकी पहचान करने में सहायक सिद्ध होेंगे।
नीरज शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल
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रेलवे मंडल ने जब से तत्काल टिकटों का समय बदलकर 10 बजे किया है, तब से टिकट दलाल और भी ज्यादा सर्किय हो गए हैं। स्थानीय अधिकारियों की तमाम कोशिशों के बाद भी टिकट दलालों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। इस बात को ध्यान में रखते हुए रेलवे मंडल ने टिकटों की दलाली को रोकने व सुधार करने के लिए कई तरह के आवश्यक कदम उठाए हैं। जिनको सख्ती से लागू करने के आदेश दिए जा रहे हैं।
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फोटो लगने से नहीं घूमेंगे
जो व्यक्ति टिकट की दलाली करते समय एक बार पकड़ा जाएगा और उसके बारे में सुबूत भी हो जाएगा कि संबंधित व्यक्ति सही में ही टिकट दलाल है तो ऐसे व्यक्ति का फोटो दीवारों पर चस्पाया जाएगा। फोटो से पहचान हो सकेगी कि स्टेशन परिसर या इसके आसपास घूमने वाला टिकट दलाल तो नहीं है। अगर स्टेशन परिसर में घूमने वाले किसी व्यक्ति का चेहरा चस्पाए गए पोस्टरों में मिल जाता है तो अन्य यात्री उसकी शिकायत तुरंत पुलिस अधिकारियों से कर सकेंगे। इसके अलावा पुलिस कर्मियों को भी ऐसे दलालों को काबू करने मेें भी आसानी होगी।
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पांच सौ रुपये तक लेते हैं कमीशन
तत्काल टिकट कंफर्म कराने पर कम से कम पांच सौ रुपये तक कमीशन ले रहे हैैं। ज्यादा इमरजेंसी होने पर कमीशन की राशि ज्यादा भी बढ़ जाती है। मजबूर लोग भी बिना किसी विरोध के कमीशन की राशि दे देते हैं। इस सांठगांठ के चलते जरूरतमत टिकट पाने से रह जाते हैं, जैसे ही साइट खुलती है, उसके कुछ ही पल में तत्काल टिकटों की संख्या खत्म हो जाती है।
टिकट दलालों पर अंकुश लगाने के लिए रेलवे मंडल ने कई तरह के कारगर कदम उठाए हैं। जो लोग कई बार टिकटों की दलाली में संलिप्त पाए जाते हैं तो उनके पोस्टर स्टेशन परिसर में चस्पाए जाएंगे, जोकि उनकी पहचान करने में सहायक सिद्ध होेंगे।
नीरज शर्मा, सीपीआरओ, उत्तर रेलवे दिल्ली मंडल