{"_id":"84-57162","slug":"Panipat-57162-84","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहरवासियाें के स्वास्थ्य पर लटकी दूषित पानी की तलवार!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहरवासियाें के स्वास्थ्य पर लटकी दूषित पानी की तलवार!
Panipat
Updated Sun, 16 Jun 2013 05:31 AM IST
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पानीपत। शहरवासियों के स्वास्थ्य पर दूषित पानी की सप्लाई की तलवार लटकी हुई है। शहर मेें कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर घरों में गंदे पानी की सप्लाई आ रही है। गंदे पानी की सप्लाई आने का मुख्य कारण गंदी नालियों व सीवरेज में से होकर गुजरने वाली पेयजल सप्लाई की पाइप है। पानी की सप्लाई बदलने वाले कई प्वाइंट भी नालियों के गंदे पानी में डूबे रहते हैं। जन स्वास्थ्य विभाग कर्मियों को भी सप्लाई बदलने के लिए गंदे पानी में ही हाथ डालने पड़ते हैं। इसके बाद भी विभाग इसकी कोई चिंता नहीं है। इतनी अनियमितताएं होने के बाद भी जिला प्रशासन व जन स्वास्थ्य विभाग कुंभकर्णी नींद में सोया है। विभाग भी शायद इंतजार में हैं कि कब कोई बड़ी अनहोनी हो और तभी जाकर देखा जाएगा?
जगह-जगह से टूटी पड़ी है लाइप
विभाग की मुख्य पाइप लाइन से घर तक आने वाली लोहे की पाइप लाइनें जगह-जगह से टूटी हुर्ह हैं और गंदे पानी में डूबी हुई हैं। जब पानी की सप्लाई चली जाती है तो नालियों का गंदा पानी इनके अंदर चला जाता है। सप्लाई आने के बाद वह गंदा पानी साफ पानी के साथ घरों में आ जाता है।
विभाग नहीं चलाता विशेष अभियान
गंदी नालियों व सीवरेज से होकर निकलने वाले पाइपों व प्वाइंटों को बदलवाने के लिए विभाग किसी भी तरह से प्रतिबद्ध नहीं है। विभागीय अधिकारियों की माने तो उनके पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसके तहत ऐसे कनेक्शनों को हटाया जाए व कोई कार्यवाही की जाएगी। बारिश का सीजन शुरू हो चुका है, जबकि विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अधिकारी तो सिर्फ एक ही रटा-रटाया जवाब दे देते हैं कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, अगर कोई लिखिल दे तो कुछ आशयक कदम उठाए जा सकते हैं।
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कई कालोनियाें की स्थिति है खराब
शहर के बीचों बीच खारा कुआं राजपूताना बाजार में लंबे समय से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। यहां पर कई पाइप लाइन गंदे पानी से ही होकर जाती हैं। क्षेत्रवासी घनश्याम, मनमोहन व सुशील ने बताया कि मोहल्ले के ज्यादातर घरोें के पेयजल के कनेक्शन गंदे पानी की नालियों से होकर जाते हैं। इनमेें से ज्यादातर पाइप गंदे पानी में डूब चुकी हैं। जंग लगने के कारण ज्यादातर पाइप कमजोर होकर जगह-जगह टूट चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जो पानी घरों में सप्लाई होकर आता है, वह इतना खराब है कि उसे पीना तो दूर नहाया भी ना जाए। कई बार पानी में कीड़े भी आते हैं। जन स्वास्थ्य विभाग को इसकी शिकायत की तो जवाब मिला की यह खुद ही ठीक कराने होंगे। इसके अलावा जैन मोहल्ला, वीवर्स कालोनी, इंदिरा कालोनी, आदर्श नगर, गांधी कालोनी, वधावा राम कालोनी, गंगाराम कालोनी, शिव नगर, कृष्णपुरा, गंगापुरी रोड, वार्ड-आठ व नौ की कई कालोनियां, धारीवाल चौक, हलवाई हट्टा, किला मैदान इलाका, वार्ड नंबर-दो में नूरवाला की कई कालोनियों में दूषित पानी की सप्लाई मिल रही है। लोगाें का कहना है कि पेयजल सप्लाई वाली पाइप लाइन गंदे पानी की नालियां से गुजरती है। कई स्थानाें पर सप्लाई बदलने वाले प्वाइंट ही गड्ढ़ाें में बने हैं और उनमें अकसर गंदा पानी खड़ा रहता है। सप्लाई शुरू होते ही दूषित पानी घराें में पहुंच जाता है।
कई साल पहले महामारी ने दिखाएं थे रंग
गंदे पानी का प्रयोग करने से शहर में कई साल पहले महामारी फैल चुकी है। उस समय शहर की बत्रा कालोनी में गंदे पानी के प्रयोग के कारण डायरिया फैल गया था। जिसकी चपेट मेें आने से पांच लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग बीमार हो गए थे। इस महामामारी फैलने के बार सुधार को बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन समय के साथ सब फीके पड़ते चले गए।
चिकित्सक भी बताते हैं खतरनाक
गंदे पानी का सेवन करना चिकित्सक भी खतरनाक बताते हैं। चिकित्सकों की माने तो गंदा पानी पीने से कई तरह की महामारियां व बीमारियों अपना पांव पसारती हैं। सिविल अस्पताल के एमएस डा. भूपेश चौधरी ने बताया कि गंदा पानी का प्रयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए हर तरह से खतरनाक है। इसके प्रयोग से सबसे ज्यादा पेट के संक्रमण होते हैं। मुख्य रूप से पीलिया, टाईफाइड, गैस्ट्रोएनलाइसिस, हैजा आदि बीमारियां बहुत जल्द ही अपनी पकड़ में लेती हैं। उन्होंने बताया कि अगर किसी भी क्षेत्र में गंद पानी आना शरू हो जाता है कि तो उसका तुरंत समाधान होना चाहिए। जब तक समस्या का समाधान न हो, तब तक पानी को या तो उबालकर या फिर उसमें क्लोरिन की गोलियां डालकर प्रयोग करें। अगर लापरवाही होगी तो बीमारियां आपको जरूर घेरेंगी।
वर्जन
अगर कोई शिकायत आती है तो मौके पर जाकर कनेक्शन को काट दिया जाता है। इसके लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया जाता। विभाग की जिम्मेदारी मुख्य लाइन तक होती है। इसके आगे की जिम्मेदारी खुद उपभोक्ता की होती है। मुख्य लाइन से घर तक अगर पानी सप्लाई वाला पाइप नालियों से होकर जाता है तो उसे वे खुद ही हटवाएं।
विकास सिंग्रोहा, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, पानीपत
नरेश-हरेंद्र
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जगह-जगह से टूटी पड़ी है लाइप
विभाग की मुख्य पाइप लाइन से घर तक आने वाली लोहे की पाइप लाइनें जगह-जगह से टूटी हुर्ह हैं और गंदे पानी में डूबी हुई हैं। जब पानी की सप्लाई चली जाती है तो नालियों का गंदा पानी इनके अंदर चला जाता है। सप्लाई आने के बाद वह गंदा पानी साफ पानी के साथ घरों में आ जाता है।
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विभाग नहीं चलाता विशेष अभियान
गंदी नालियों व सीवरेज से होकर निकलने वाले पाइपों व प्वाइंटों को बदलवाने के लिए विभाग किसी भी तरह से प्रतिबद्ध नहीं है। विभागीय अधिकारियों की माने तो उनके पास ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसके तहत ऐसे कनेक्शनों को हटाया जाए व कोई कार्यवाही की जाएगी। बारिश का सीजन शुरू हो चुका है, जबकि विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अधिकारी तो सिर्फ एक ही रटा-रटाया जवाब दे देते हैं कि ऐसी कोई शिकायत नहीं आई है, अगर कोई लिखिल दे तो कुछ आशयक कदम उठाए जा सकते हैं।
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कई कालोनियाें की स्थिति है खराब
शहर के बीचों बीच खारा कुआं राजपूताना बाजार में लंबे समय से गंदे पानी की सप्लाई हो रही है। यहां पर कई पाइप लाइन गंदे पानी से ही होकर जाती हैं। क्षेत्रवासी घनश्याम, मनमोहन व सुशील ने बताया कि मोहल्ले के ज्यादातर घरोें के पेयजल के कनेक्शन गंदे पानी की नालियों से होकर जाते हैं। इनमेें से ज्यादातर पाइप गंदे पानी में डूब चुकी हैं। जंग लगने के कारण ज्यादातर पाइप कमजोर होकर जगह-जगह टूट चुकी हैं। उन्होंने बताया कि जो पानी घरों में सप्लाई होकर आता है, वह इतना खराब है कि उसे पीना तो दूर नहाया भी ना जाए। कई बार पानी में कीड़े भी आते हैं। जन स्वास्थ्य विभाग को इसकी शिकायत की तो जवाब मिला की यह खुद ही ठीक कराने होंगे। इसके अलावा जैन मोहल्ला, वीवर्स कालोनी, इंदिरा कालोनी, आदर्श नगर, गांधी कालोनी, वधावा राम कालोनी, गंगाराम कालोनी, शिव नगर, कृष्णपुरा, गंगापुरी रोड, वार्ड-आठ व नौ की कई कालोनियां, धारीवाल चौक, हलवाई हट्टा, किला मैदान इलाका, वार्ड नंबर-दो में नूरवाला की कई कालोनियों में दूषित पानी की सप्लाई मिल रही है। लोगाें का कहना है कि पेयजल सप्लाई वाली पाइप लाइन गंदे पानी की नालियां से गुजरती है। कई स्थानाें पर सप्लाई बदलने वाले प्वाइंट ही गड्ढ़ाें में बने हैं और उनमें अकसर गंदा पानी खड़ा रहता है। सप्लाई शुरू होते ही दूषित पानी घराें में पहुंच जाता है।
कई साल पहले महामारी ने दिखाएं थे रंग
गंदे पानी का प्रयोग करने से शहर में कई साल पहले महामारी फैल चुकी है। उस समय शहर की बत्रा कालोनी में गंदे पानी के प्रयोग के कारण डायरिया फैल गया था। जिसकी चपेट मेें आने से पांच लोगों की मौत हो गई थी और सैकड़ों लोग बीमार हो गए थे। इस महामामारी फैलने के बार सुधार को बड़े-बड़े दावे किए गए थे, लेकिन समय के साथ सब फीके पड़ते चले गए।
चिकित्सक भी बताते हैं खतरनाक
गंदे पानी का सेवन करना चिकित्सक भी खतरनाक बताते हैं। चिकित्सकों की माने तो गंदा पानी पीने से कई तरह की महामारियां व बीमारियों अपना पांव पसारती हैं। सिविल अस्पताल के एमएस डा. भूपेश चौधरी ने बताया कि गंदा पानी का प्रयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए हर तरह से खतरनाक है। इसके प्रयोग से सबसे ज्यादा पेट के संक्रमण होते हैं। मुख्य रूप से पीलिया, टाईफाइड, गैस्ट्रोएनलाइसिस, हैजा आदि बीमारियां बहुत जल्द ही अपनी पकड़ में लेती हैं। उन्होंने बताया कि अगर किसी भी क्षेत्र में गंद पानी आना शरू हो जाता है कि तो उसका तुरंत समाधान होना चाहिए। जब तक समस्या का समाधान न हो, तब तक पानी को या तो उबालकर या फिर उसमें क्लोरिन की गोलियां डालकर प्रयोग करें। अगर लापरवाही होगी तो बीमारियां आपको जरूर घेरेंगी।
वर्जन
अगर कोई शिकायत आती है तो मौके पर जाकर कनेक्शन को काट दिया जाता है। इसके लिए कोई विशेष अभियान नहीं चलाया जाता। विभाग की जिम्मेदारी मुख्य लाइन तक होती है। इसके आगे की जिम्मेदारी खुद उपभोक्ता की होती है। मुख्य लाइन से घर तक अगर पानी सप्लाई वाला पाइप नालियों से होकर जाता है तो उसे वे खुद ही हटवाएं।
विकास सिंग्रोहा, एक्सईएन, जन स्वास्थ्य विभाग, पानीपत
नरेश-हरेंद्र