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धर्मगढ़ सरपंच को मिला स्टे आर्डर
Panipat
Updated Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
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मतलौडा। गबन के आरोप में डीसी द्वारा सस्पेंड किए गए धर्मगढ़ गांव के सरपंच नरेश कुमार को पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से स्टे आर्डर जारी किया गया है। सरपंच नरेश कुमार ने स्टे आर्डर की एक प्रति खंड कार्यालय मतलौडा में देकर आगामी कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि उस पर लगे गबन के आरोप निराधार है। गांव की पार्टीबाजी के चलते उनको बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि समय आने पर वे अपने आपको निर्दोष साबित कर देंगे।
यह है पूरा मामला
धर्मगढ़ के सरपंच नरेश कुमार को पंचायत में गबन करने के आरोप में 9 नवंबर को डीसी ने सस्पेंड कर दिया था, लेकिन 12 नवंबर को सरपंच नरेश कुमार ने डीसी के फैसले के खिलाफ पंचायत विभाग के प्रधान सचिव कार्यालय में अपील की। जहां से सरपंच को राहत देते हुए स्टे आर्डर दिया।
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वर्जन
बीडीपीओ अजीत सिंह चहल ने बताया कि धर्मगढ़ सरपंच ने पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से जारी स्टे आर्डर की प्रति उन्हें सौंपी है। इसके बाद से कार्यवाहक सरपंच बनाने की आगामी कार्रवाई रोक दी गई है। जबकि उपायुक्त कार्यालय की ओर से अब तक उनके पास स्टे आर्डर की कोई प्रति उनके पास नही आई है।
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सरपंच नरेश कुमार ने बताया कि उस पर लगे गबन के आरोप निराधार है। गांव की पार्टीबाजी के चलते उनको बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। उन्हाेंने बताया कि समय आने पर वे अपने आपको निर्दोष साबित कर देंगे।
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यह है पूरा मामला
धर्मगढ़ के सरपंच नरेश कुमार को पंचायत में गबन करने के आरोप में 9 नवंबर को डीसी ने सस्पेंड कर दिया था, लेकिन 12 नवंबर को सरपंच नरेश कुमार ने डीसी के फैसले के खिलाफ पंचायत विभाग के प्रधान सचिव कार्यालय में अपील की। जहां से सरपंच को राहत देते हुए स्टे आर्डर दिया।
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बीडीपीओ अजीत सिंह चहल ने बताया कि धर्मगढ़ सरपंच ने पंचायत विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से जारी स्टे आर्डर की प्रति उन्हें सौंपी है। इसके बाद से कार्यवाहक सरपंच बनाने की आगामी कार्रवाई रोक दी गई है। जबकि उपायुक्त कार्यालय की ओर से अब तक उनके पास स्टे आर्डर की कोई प्रति उनके पास नही आई है।