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बर्निंग ट्रेन बनने से बची ईएमयू शटल
Panipat
Updated Wed, 01 Aug 2012 12:00 PM IST
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पानीपत। करनाल से पानीपत आ रही ईएमयू शटल की मोटर कार में बाबरपुर के निकट धुआं निकलने से यात्रियाें में हड़कंप मच गया। गाड़ी के पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंचने पर अधिकारियों ने फायर यंत्र से धुएं पर काबू पाया और फाल्ट को ठीक कराया। ऐसे में एक बड़ा हादसा होने से बच गया। करीब ढाई घंटे बाद मोटर कार सहित तीन डिब्बों को हटाकर ट्रेन को रवाना किया।
आंध्र प्रदेश में कोच में आग लगने के ठीक एक दिन बाद मंगलवार को पानीपत आ रही 4 केडीएम ईएमयू पैसेंजर की कार मोटर में बाबरपुर के निकट यात्रियाें ने धुआं निकलते देखा। धुआं निकलते देख यात्रियाें में अफरा-तफरी मच गई। अगले कुछ मिनट में गाड़ी पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। स्टेशन अधिकारी मौके पर पहुंचे और डिब्बे में घुसे तो डिब्बे में बैटरी को सुलगते देखा। अधिकारियों ने फायर सिस्टम से मिट्टी डालकर आग को बुझाया। इसके बाद यात्रियों ने दूसरे डिब्बे में ही बैठने में भलाई समझी। करीब 6:30 बजे स्टेशन पर ट्रेन की मोटर कार सहित तीन डिब्बों को हटाकर स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना किया।
हो सकता था बड़ा हादसा
इसी डिब्बे में सवार होकर दिल्ली जा रहे मनोज कुमार, जय सिंह और महेंद्र शर्मा ने बताया कि अगर आग भड़क जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। धुआं देखकर लोग घबरा गए।
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वर्जन
चार केडीएम की मोटर कार नंबर 30001 में बाबरपुर स्टेशन से निकलने पर धुआं निकलते देखा। पानीपत रोक कर उसके फाल्ट को दूर कर धुएं को बंद किया। ढाई घंटे ट्रेन में से मोटर कार के साथ तीन डिब्बों को हटाकर स्टेशन से रवाना किया।
वाईएस राजपूत, प्रवक्ता, उत्तर रेलवे, दिल्ली मंडल।
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आंध्र प्रदेश में कोच में आग लगने के ठीक एक दिन बाद मंगलवार को पानीपत आ रही 4 केडीएम ईएमयू पैसेंजर की कार मोटर में बाबरपुर के निकट यात्रियाें ने धुआं निकलते देखा। धुआं निकलते देख यात्रियाें में अफरा-तफरी मच गई। अगले कुछ मिनट में गाड़ी पानीपत रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। स्टेशन अधिकारी मौके पर पहुंचे और डिब्बे में घुसे तो डिब्बे में बैटरी को सुलगते देखा। अधिकारियों ने फायर सिस्टम से मिट्टी डालकर आग को बुझाया। इसके बाद यात्रियों ने दूसरे डिब्बे में ही बैठने में भलाई समझी। करीब 6:30 बजे स्टेशन पर ट्रेन की मोटर कार सहित तीन डिब्बों को हटाकर स्टेशन से दिल्ली के लिए रवाना किया।
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हो सकता था बड़ा हादसा
इसी डिब्बे में सवार होकर दिल्ली जा रहे मनोज कुमार, जय सिंह और महेंद्र शर्मा ने बताया कि अगर आग भड़क जाती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था। धुआं देखकर लोग घबरा गए।
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चार केडीएम की मोटर कार नंबर 30001 में बाबरपुर स्टेशन से निकलने पर धुआं निकलते देखा। पानीपत रोक कर उसके फाल्ट को दूर कर धुएं को बंद किया। ढाई घंटे ट्रेन में से मोटर कार के साथ तीन डिब्बों को हटाकर स्टेशन से रवाना किया।
वाईएस राजपूत, प्रवक्ता, उत्तर रेलवे, दिल्ली मंडल।