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सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, ठगी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में है केस दर्ज, कार्रवाई जीओ
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सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, ठगी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में है केस दर्ज, कार्रवाई जीओ
पानीपत। वर्ष 2018 में अपराधियों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों ने भी अपराध की दुनियां में अपना नाम शामिल कर लिया। इतना ही नहीं ऐसे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, ठगी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस भी दर्ज हो चुके हैं। बावजूद इन पर कानूनी कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार अपने भ्रष्ट कर्मचारियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। महज केस दर्ज करने तक ही कानून सीमित रह गया। गौरतलब है कि शहर की पुलिस हत्या, अपहरण व अन्य कई अपराधों के तहत अपराधिक जगत में अपना नाम बना चुकी है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों लोगों से अवैध कब्जा करने के जुुर्म में मोटी रकम ऐंठते है। साथ ही ये कर्मचारी रुपये लेकर खुद ही आरोपियों को जमीन पर कब्जा करवाने में साथ देती है। ऐसे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ केस तो दर्ज है, लेकिन उन पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई।
हत्या के केस में है पुलिस पर मुकदमा दर्ज:
अनाज मंडी स्थित सीआईडी पुलिस तत्कालीन प्रभारी योगेश कटारिया व अन्य नामजद एएसआई के खिलाफ हत्या, अपहरण सहित अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है। बावजूद इसके हत्या के इन आरोपियों पर कानून व सरकार मेहरबान है। हत्या के आरोपियों को बजाएं नौकरी से सस्पेंड व निलंबित करने के, पुलिस प्रशासन उनकी ड्यूटी अलग थानों में लगा रही है। गौरतलब है कि 9 दिसंबर को हत्या के आरोपी को शरण देने के आरोप में विकास नगर निवासी राजेश को सीआईए टू पुलिस ने हिरासत में लिया था। जिसे पुलिस ने कोर्ट में भी पेश नहीं किया व 3 दिन- रात उसका रिमांड लिया। जिसके चलते उसकी 12 दिसंबर को हालत खराब हो गई। हालत खराब होने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। जिसका इलाज शहर के कई निजी अस्पताल में करवाया और 14 दिसंबर को राजेश ने रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया। राजेश के शरीर पर सिगरेट दागने के निशान भी साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। परिजनों के कई दिनों तक हंगामा करने के बाद एसपी सुमित कुमार ने आरोपी योगेश कटारिया, एएसआई रविंद्र कुंडू, धर्मवीर, परवीन व अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन यह कार्यवाही भी पुलिस की सिर्फ कागजी तौर पर ही सिमट कर रह गई। अपने विभाग के कर्मचारियों को हत्या के केस में फंसता देख एसपी सीआईए-टू प्रभारी को वहां से बदली कर मॉडल टाउन थाने में भेज दिया। साथ ही जांच स्टेट क्राइम ब्रांच के पास होने की बात कहीं।
सरकारी जमीन पर प्राइवेट कंपनियों के डायरेक्टर का कब्जा दिलवाने में हुडा विभाग के दो जेई, 1 पी एन सहित
नामी गिरामी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने व करवाने के जुर्म में आईपीसी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज है। इस संगीन आरोप में केस दर्ज हो जाने के बाद भी उक्त दोनों आरोपी जेई व पी एन ड्यूटी पर तैनात हैं। जिन पर पुलिस व विभाग इस कदर मेहरबान है कि उन्होंने इस कार्रवाई को भी कागजी तौर पर ही सिमटा दिया। इस मामले में ना ही पुलिस की जांच पूरी हो रही, ना ही विभागीय कार्यवाही की जा रही। आए दिन हुडा की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले सामने आ रहे हैं। इन कब्जों में हर बार हुड्डा के ही अधिकारी व कर्मचारियों का हाथ शामिल होता है। हर बार मामले में जांच करने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन यह जांच कभी भी पूरी नहीं हो पाती । जिसके चलते हुड्डा की अधिकांश भूमि पर कब्जा धारियों ने हुड्डा के कर्मचारियों से मिलकर कब्जा कर लिया। हुडा के जेई ओम सिंह, जयवीर, पीएन राज कुमार सहित एमएसजेए वूलन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर इश्वर चंद के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में जून माह से केस दर्ज है।
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मामले की जांच की जा रही है। कुछ भी ठोस सबूत हाथ लगते ही कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश कुमार, डीएसपी, थाना शहर।
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पानीपत। वर्ष 2018 में अपराधियों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों ने भी अपराध की दुनियां में अपना नाम शामिल कर लिया। इतना ही नहीं ऐसे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हत्या, ठगी, धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस भी दर्ज हो चुके हैं। बावजूद इन पर कानूनी कार्यवाही नहीं की जा रही है। जिससे स्पष्ट हो रहा है कि सरकार अपने भ्रष्ट कर्मचारियों को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। महज केस दर्ज करने तक ही कानून सीमित रह गया। गौरतलब है कि शहर की पुलिस हत्या, अपहरण व अन्य कई अपराधों के तहत अपराधिक जगत में अपना नाम बना चुकी है। इसके अलावा सरकारी कर्मचारी सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों लोगों से अवैध कब्जा करने के जुुर्म में मोटी रकम ऐंठते है। साथ ही ये कर्मचारी रुपये लेकर खुद ही आरोपियों को जमीन पर कब्जा करवाने में साथ देती है। ऐसे सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ केस तो दर्ज है, लेकिन उन पर किसी तरह की कोई कार्यवाही नहीं की गई।
हत्या के केस में है पुलिस पर मुकदमा दर्ज:
अनाज मंडी स्थित सीआईडी पुलिस तत्कालीन प्रभारी योगेश कटारिया व अन्य नामजद एएसआई के खिलाफ हत्या, अपहरण सहित अन्य कई धाराओं में मुकदमा दर्ज है। बावजूद इसके हत्या के इन आरोपियों पर कानून व सरकार मेहरबान है। हत्या के आरोपियों को बजाएं नौकरी से सस्पेंड व निलंबित करने के, पुलिस प्रशासन उनकी ड्यूटी अलग थानों में लगा रही है। गौरतलब है कि 9 दिसंबर को हत्या के आरोपी को शरण देने के आरोप में विकास नगर निवासी राजेश को सीआईए टू पुलिस ने हिरासत में लिया था। जिसे पुलिस ने कोर्ट में भी पेश नहीं किया व 3 दिन- रात उसका रिमांड लिया। जिसके चलते उसकी 12 दिसंबर को हालत खराब हो गई। हालत खराब होने के बाद पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दी। जिसका इलाज शहर के कई निजी अस्पताल में करवाया और 14 दिसंबर को राजेश ने रोहतक पीजीआई में दम तोड़ दिया। राजेश के शरीर पर सिगरेट दागने के निशान भी साफ तौर पर दिखाई दे रहे थे। परिजनों के कई दिनों तक हंगामा करने के बाद एसपी सुमित कुमार ने आरोपी योगेश कटारिया, एएसआई रविंद्र कुंडू, धर्मवीर, परवीन व अन्य स्टाफ के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं में केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इस मामले में केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन यह कार्यवाही भी पुलिस की सिर्फ कागजी तौर पर ही सिमट कर रह गई। अपने विभाग के कर्मचारियों को हत्या के केस में फंसता देख एसपी सीआईए-टू प्रभारी को वहां से बदली कर मॉडल टाउन थाने में भेज दिया। साथ ही जांच स्टेट क्राइम ब्रांच के पास होने की बात कहीं।
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सरकारी जमीन पर प्राइवेट कंपनियों के डायरेक्टर का कब्जा दिलवाने में हुडा विभाग के दो जेई, 1 पी एन सहित
नामी गिरामी प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर पर सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने व करवाने के जुर्म में आईपीसी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज है। इस संगीन आरोप में केस दर्ज हो जाने के बाद भी उक्त दोनों आरोपी जेई व पी एन ड्यूटी पर तैनात हैं। जिन पर पुलिस व विभाग इस कदर मेहरबान है कि उन्होंने इस कार्रवाई को भी कागजी तौर पर ही सिमटा दिया। इस मामले में ना ही पुलिस की जांच पूरी हो रही, ना ही विभागीय कार्यवाही की जा रही। आए दिन हुडा की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा करने के मामले सामने आ रहे हैं। इन कब्जों में हर बार हुड्डा के ही अधिकारी व कर्मचारियों का हाथ शामिल होता है। हर बार मामले में जांच करने के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन यह जांच कभी भी पूरी नहीं हो पाती । जिसके चलते हुड्डा की अधिकांश भूमि पर कब्जा धारियों ने हुड्डा के कर्मचारियों से मिलकर कब्जा कर लिया। हुडा के जेई ओम सिंह, जयवीर, पीएन राज कुमार सहित एमएसजेए वूलन प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर इश्वर चंद के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 सहित अन्य धाराओं में जून माह से केस दर्ज है।
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मामले की जांच की जा रही है। कुछ भी ठोस सबूत हाथ लगते ही कार्रवाई की जाएगी।
- सतीश कुमार, डीएसपी, थाना शहर।