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परिचालक को बस में मिला रुपयों से भरा बैग, मालिक को लोटाया
Updated Thu, 29 Nov 2018 12:37 AM IST
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परिचालक को बस में मिला रुपयों से भरा बैग, मालिक को लौटाया
पानीपत। हरियाणा रोडवेज के परिचालक कृष्ण कुमार निवासी कुराड़ ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए बस में मिला रुपयों का बैग मालिक को वापस लौटाया। परिचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि वह मंगलवार शाम सात बजे जींद से चालक रमेश के साथ पानीपत के रूट पर आ रहा था। वह जब पानीपत बस डिपो में पहुंचे तो सभी यात्री चले गये। जब उन्होंने बस को चेक किया तो बस में एक बैग रखा मिला, जिसे लेकर वह डिपो एसएस राजकुमार छोक्कर के पास लेकर गया। वहां पर उन्होंने यूनियन प्रधान रणबीर शर्मा व महाबीर देशवाल की मौजूदगी में बैग खोलकर देखा। बैग की तलाशी लेने पर उसमें तीन सौ-सौ के नोटों के बंडल थे। जो कुल मिलाकर तीस हजार रुपये थे। साथ ही बैग में एक वॉलेट, एटीमए कार्ड व अन्य जरूरी कागजात थे। वॉलेट में बैग के मालिक का पता व फोन नंबर भी था। जिसके बाद उन्होंने नंबर पर फोन करके युवक को जानकारी दी व युवक को डिपो में बुलाया। बैग का मालिक अजमेर सिंह निवासी अदियाना मिला। जिसने बताया कि वह मतलौडा से पानीपत किसी जरूरी काम के लिए आ रहा था। जल्दबाजी में वह बस में ही बैग भूल गया। उसे बाद में याद आया कि बैग कहीं रह गया है। जिसके बाद वह बहुत परेशान हुआ। फिर रोडवेज विभाग के परिचालक का फोन आया की आपका बैग बस में ही रह गया था। जिसके बाद रोडवेज विभाग के जीएम रामकुमार, एसएस राजकुमार छौक्कर, प्रधान रणबीर शर्मा व महाबीर देशवाल और चालक रमेश व परिचालक क़ृष्ण कुमार ने उनको पैसे लोटा दिए। उन्होंने कहा कि रोडवेज परिचालक की इमानदारी देखकर वह बहुत खुश हुआ। उन्हें इन रुपयों की बहुत ज्यादा जरूरत थी।
परिचालक को पहले भी मिले थे 23 लाख रुपये, गौशाला में किए थे दान :
डिपो एसएस राजकुमार छौक्कर व यूनियन प्रधानों ने बताया कि कृष्ण कुमार को 16 साल पहले भी ड्यूटी से घर लौटते समय रास्ते में एक सौ सौ के नोटों से भरा बौरा मिला था, जिसमे 23 लाख रुपये थे। रुपयों पर कोई मालिकाना हक जताने वाला ना मिलने के कारण उसने रुपयों को गौशाला में दान कर दिया था।
पैसे लोटाकर ड्यूटी के साथ साथ किया मानवता का फर्ज अदा : शर्मा
यूनियन प्रधान रणबीर शर्मा ने कहा कि वैसे तो हर कर्मचारी की ड्यूटी बनती है कि वह बस में पड़ा हर सामान विभाग में जमा करवाए या फिर उसके मालिक को सौंपे। परंतु आज के समय में पैसों के उपर कोई किसी भी हद तक चला जाता है। उनके परिचालक ने पैसे लोटाकर ड्यूटी के साथ साथ मानवता का संदेश दिया है।
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कर्मचारियों की इमानदारी देखकर हुई खुशी : जीएम
रोडवेज जीएम रामकुमार ने कहा कि उन्हें खुशी हुई कि उनके कर्मचारी इतने ईमानदार है। ईमानदार व्यक्ति हमेशा अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। यह पैसे किसी के विकट समय का सहारा हो सकते हैं, जिन्हें लोटाकर कृष्ण ने पुण्य का काम किया है।
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पानीपत। हरियाणा रोडवेज के परिचालक कृष्ण कुमार निवासी कुराड़ ने अपनी ईमानदारी का परिचय देते हुए बस में मिला रुपयों का बैग मालिक को वापस लौटाया। परिचालक कृष्ण कुमार ने बताया कि वह मंगलवार शाम सात बजे जींद से चालक रमेश के साथ पानीपत के रूट पर आ रहा था। वह जब पानीपत बस डिपो में पहुंचे तो सभी यात्री चले गये। जब उन्होंने बस को चेक किया तो बस में एक बैग रखा मिला, जिसे लेकर वह डिपो एसएस राजकुमार छोक्कर के पास लेकर गया। वहां पर उन्होंने यूनियन प्रधान रणबीर शर्मा व महाबीर देशवाल की मौजूदगी में बैग खोलकर देखा। बैग की तलाशी लेने पर उसमें तीन सौ-सौ के नोटों के बंडल थे। जो कुल मिलाकर तीस हजार रुपये थे। साथ ही बैग में एक वॉलेट, एटीमए कार्ड व अन्य जरूरी कागजात थे। वॉलेट में बैग के मालिक का पता व फोन नंबर भी था। जिसके बाद उन्होंने नंबर पर फोन करके युवक को जानकारी दी व युवक को डिपो में बुलाया। बैग का मालिक अजमेर सिंह निवासी अदियाना मिला। जिसने बताया कि वह मतलौडा से पानीपत किसी जरूरी काम के लिए आ रहा था। जल्दबाजी में वह बस में ही बैग भूल गया। उसे बाद में याद आया कि बैग कहीं रह गया है। जिसके बाद वह बहुत परेशान हुआ। फिर रोडवेज विभाग के परिचालक का फोन आया की आपका बैग बस में ही रह गया था। जिसके बाद रोडवेज विभाग के जीएम रामकुमार, एसएस राजकुमार छौक्कर, प्रधान रणबीर शर्मा व महाबीर देशवाल और चालक रमेश व परिचालक क़ृष्ण कुमार ने उनको पैसे लोटा दिए। उन्होंने कहा कि रोडवेज परिचालक की इमानदारी देखकर वह बहुत खुश हुआ। उन्हें इन रुपयों की बहुत ज्यादा जरूरत थी।
परिचालक को पहले भी मिले थे 23 लाख रुपये, गौशाला में किए थे दान :
डिपो एसएस राजकुमार छौक्कर व यूनियन प्रधानों ने बताया कि कृष्ण कुमार को 16 साल पहले भी ड्यूटी से घर लौटते समय रास्ते में एक सौ सौ के नोटों से भरा बौरा मिला था, जिसमे 23 लाख रुपये थे। रुपयों पर कोई मालिकाना हक जताने वाला ना मिलने के कारण उसने रुपयों को गौशाला में दान कर दिया था।
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पैसे लोटाकर ड्यूटी के साथ साथ किया मानवता का फर्ज अदा : शर्मा
यूनियन प्रधान रणबीर शर्मा ने कहा कि वैसे तो हर कर्मचारी की ड्यूटी बनती है कि वह बस में पड़ा हर सामान विभाग में जमा करवाए या फिर उसके मालिक को सौंपे। परंतु आज के समय में पैसों के उपर कोई किसी भी हद तक चला जाता है। उनके परिचालक ने पैसे लोटाकर ड्यूटी के साथ साथ मानवता का संदेश दिया है।
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कर्मचारियों की इमानदारी देखकर हुई खुशी : जीएम
रोडवेज जीएम रामकुमार ने कहा कि उन्हें खुशी हुई कि उनके कर्मचारी इतने ईमानदार है। ईमानदार व्यक्ति हमेशा अपने लक्ष्य को प्राप्त करता है। यह पैसे किसी के विकट समय का सहारा हो सकते हैं, जिन्हें लोटाकर कृष्ण ने पुण्य का काम किया है।