फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   कला अध्यापक ने स्कूल के भवन को दिया शैक्षणिक रेल का रूप

कला अध्यापक ने स्कूल के भवन को दिया शैक्षणिक रेल का रूप

Sun, 08 Apr 2018 11:53 PM IST
Updated Sun, 08 Apr 2018 11:53 PM IST
विज्ञापन
कला अध्यापक ने स्कूल के भवन को दिया शैक्षणिक रेल का रूप

विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
इसराना।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के कला अध्यापक प्रदीप मलिक ने अपनी कला व कुछ अच्छा कर गुजरने के जज्बे से स्कूल के बरामदे में शिक्षा शताब्दी के नाम से शैक्षणिक रेल बनाया है। ऐसा करके वह एक महीने की मेहनत से शिक्षा विभाग के इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। स्कूल समय में ही नहीं अपितु छुट्टी के दिन भी काम करके बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने का अनूठा प्रयास किया गया है। ऐसा प्रयास करने वाला ये स्कूल हरियाणा प्रदेश का पहला स्कूल है।

सरकारी स्कूलों को ऐसे अध्यापक पर गर्व है
कला अध्यापक प्रदीप मलिक के इस अनूठे प्रयास की चौतरफा प्रशंसा हो रही है। प्रिंसिपल संजय कुमार ने बताया कि विद्यालय के लिए बड़े गौरव की बात है कि कला अध्यापक प्रदीप मलिक ने विद्यालय सौंदर्यीकरण को चार चांद लगाते हुए शिक्षा का प्रचार प्रसार करती ये शिक्षा शताब्दी शैक्षणिक रेल बनाई है। इस प्रकार की पहल हरियाणा प्रदेश के स्कूलों के लिए कारगर साबित होगी।
विज्ञापन


बच्चों का सर्वांगीण विकास ही लक्ष्य : प्रदीप मलिक
कला अध्यापक प्रदीप मलिक का कहना है कि अपने ग्रामीण अंचल के बच्चों का सर्वांगीण विकास करना ही लक्ष्य है। शैक्षणिक रेल शिक्षा शताब्दी में सब पढ़े सब बढ़े संदेश को महत्व देते हुए ज्यामितीय ज्ञान, ऋतु परिवर्तन, राज्य राजधानी, सौर मंडल, अंक गणित, बीज गणित एवं रेखा गणित के सूत्र, हरियाणा एक, हरियाणवी एक, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ व स्वच्छ भारत-स्वस्थ भारत को दिखाया गया है। बच्चों को एक छत के नीचे खेल-खेल में बहुत कुछ सीखने का मौका मिलेगा। मलिक ने बताया कि छुक छुक करती आई रेल, शिक्षा का संदेश देती रेल के भाव के साथ बच्चे देखकर जल्दी सीखते हैं। छात्रों के अंदर उत्सुकता का भाव जागृत होगा। इसके साथ ही एक पिंड ज्यामिति रेलगाड़ी में विभिन्न प्रकार की पिंड ज्यामिति को दर्शाया गया है। इसराना के सरपंच सुरेंद्र धौला ने बताया कि सरकारी स्कूल किसी प्राईवेट स्कूल से कम नहीं हैं। आज बच्चों का सर्वांगीण विकास करने में सरकारी स्कूल में अमूल चूक परिवर्तन हो रहे हैं। कला अध्यापक प्रदीप मलिक जैसे अध्यापकों की बदौलत सरकारी स्कूल चमक रहें हैं। बहुत जल्द ही ग्राम पंचायत इसराना द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाले अध्यापकों को सम्मानित किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन



कला अध्यापक ने स्कूल के भवन को दिया शैक्षणिक रेल का रूप
-प्रदीप ने अपनी कला से गांव इसराना के राजकीय स्कूल को प्रदेश में बनाया सबसे सुंदर विद्यालय
फोटो संख्या 19
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed