{"_id":"5b48f4124f1c1b43748b4710","slug":"81531507730-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"हत्या या आत्महत्या, राज खोलेगा मैमोरी कार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हत्या या आत्महत्या, राज खोलेगा मैमोरी कार्ड
Updated Sat, 14 Jul 2018 12:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कारोबारी परिवार की मौत का राज खोलेगा मेमोरी कार्ड
-थाना चांदनी बाग पुलिस को रेखा गर्ग के होश में आने का इंतजार
-पुलिस ने रितेश के परिजनों व रेखा के मायके वालों से पूछताछ की
-आर्य समाजी है गर्ग परिवार, आडंबरों में विश्वास नहीं करता था
अमन वर्मा
पानीपत। रितेश गर्ग और उसके बच्चों की मौत का राज 16 जीबी मेमोरी कार्ड खोलेगा। परिवार ने मौत की नींद सोने से पहले कमरे के बाहर बालकनी में बहुत सी चीजों को जला कर नष्ट करने का भी प्रयास किया। इसी आग की राख में ऑफिशयल डायरी जले हुए पन्नों की राख, जले हुए मोबाइल फोन के टुकड़े, माइक्रो सिम कार्ड व एक 16 जीबी मेमोरी कार्ड बरामद हुआ है। मोबाइल सिम व मेमोरी कार्ड को गुरुग्राम साइबर सेल को सौंप दिया गया। इसके अलावा सिम नंबर पता लगा लिया गया है। अब कॉल डिटेल निकलवा कर व मेमोरी कार्ड का डाटा रिकवर कर मामले से जुड़े तथ्य सामने आएंगे। हो सकता है कि मेमोरी कार्ड में हादसे से जुुड़े तथ्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया हो।
लोहा व्यापारी रितेश गर्ग व उसके दोनों बच्चों पुत्र वंश व पुत्री पुष्टी की हत्या की गई या फिर तीनों ने आत्महत्या की, इसे लेकर पानीपत की थाना चांदनी बाग पुलिस उलझन में है। वहीं पुलिस को रितेश की पत्नी रेखा गर्ग के होश में आने का इंतजार है। रेखा घटनास्थल पर फर्श पर बेहोशी की हालत में पड़ी मिली थी। वहीं रेखा जिस स्थल पर पड़ी मिली, उसके ऊपर छत पर कुंडे में फंदे टूटी हालत में लटका मिला था और फंदे का एक हिस्सा रेखा के गले में बंधा हुआ था। रेखा ने आत्महत्या की चेष्टा की या फिर उसकी हत्या की चेष्टा की गई, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस के अधिकारियों की एक टीम पुलिस मुख्यालय की साइबर सेल में बैठी है और रितेश गर्ग, इसकी पुत्री पुष्टी व पुत्र वंश, पत्नी रेखा के मोबाइल फोन कॉल डिटेल, व्हाटस ऐप, फेसबुक अकाउंट, एसएमएस की जांच कर रही है। वहीं पुलिस ने जांच में रितेश के घर की बालकनी से जले हुए कागजात की राख भी बरामद की है। एफएसएल की टीम ने जांच कर बताया है कि कागजात में वीरवार की शाम को आग लगाई गई है। वहीं पुलिस की अभी तक की जांच व रितेश और इनके बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ चिकित्सक ने यह साफ कर दिया है कि रितेश की पुत्री व पुत्र की कपडे़ से लगा दबा कर हत्या की गई है। वहीं दोनों को किसी खाद पदार्थ में जहरीला पदार्थ या फिर बेहोशी की दवाई दी गई है। पोस्टमार्टम में यह भी पता चला कि तीनों की मौत वीरवार की रात दस बजे से पहले हुई है।
विज्ञापन
इधर, पुलिस की जांच में पता चला कि रितेश व दिनेश के पिता राजेंद्र प्रकाश गर्ग व माता सुशीला देवी आर्य समाज से जुडे़ हुए थे और परिवार पर भी आर्य समाज का पूरा प्रभाव था। गर्ग परिवार मूर्ति पूजन व आडंबरों में विश्वास नहीं करता था। वहीं राजेंद्र प्रकाश गर्ग व उनकी पत्नी सुशीला ने गृहस्थ जीवन से संन्यास ले रखा था। दोनों अधिकतर समय हरिद्वार में ही व्यतीत करते थे। गर्ग परिवार दानपुण्य में भी बढ़-चढ़कर भाग लेता था। गर्ग परिवार वैश्य एजूकेशन सोसाइटी का सदस्य था और समाज में शिक्षा की ज्योति को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहता था। रितेश जहां एक साल पहले ही अपने परिजनों व रिश्तेदारों की रजामंदी से अपने भाई दिनेश से कारोबारी रूप से अलग हुआ था, वहीं दोनों भाइयों के बीच कारोबार अलग होने के बाद भी रिश्ते सामान्य थे। रितेश दिसंबर माह में ही पानीपत आया था और उसने अनिल बत्रा का ही मकान किराये पर लिया, इस मकान में पहले उनका भाई दिनेश किराये पर रहता था। पुलिस इस बात को लेकर उलझन में है कि रितेश ने अगर आत्महत्या की तो क्यों की, परिवार में धन का किसी भी तरह का अभाव नहीं था, परिवार का समाज में अच्छा खासा सम्मान था और किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। जो कागजात जली हालत में रितेश के किराये के घर से मिले उनके अंदर क्या राज दफन था। रितेश व उनकी पत्नी रेखा और सुसराल वालों के बीच संबंधी कैसे थे आदि पहलु को ध्यान में रख कर पुलिस रितेश व उसके दो बच्चों की दर्दनाक मौत की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। वहीं पुलिस ने रितेश के भाई दिनेश गर्ग व उसके सुसराल वालों से बंद कमरे में गहन पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि रितेश के अपनी पत्नी व सुसराल वालों के साथ संबंध सामान्य नहीं थे, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। रितेश व उसके दो बच्चों की मौत के मामले में रेखा गर्ग के बयान अहम साबित होगे। उन्होंने बताया कि पुलिस रितेश, पुष्टी व वंश की मौत के मामले की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही व रेखा के होश में आने के बाद ही इस पूरे मामले का सच पता चल पाएगा।
--------
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेमोरी कार्ड को जांच के लिए साइबर सेल गुरुग्राम भेजा गया है। इस संदर्भ में डीसीपी क्राइम गुरुग्राम को जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कई सवालों का खुलासा हो जाएगा।
- नवदीप विर्क, पुलिस महानिरीक्षक करनाल
विज्ञापन
-थाना चांदनी बाग पुलिस को रेखा गर्ग के होश में आने का इंतजार
-पुलिस ने रितेश के परिजनों व रेखा के मायके वालों से पूछताछ की
-आर्य समाजी है गर्ग परिवार, आडंबरों में विश्वास नहीं करता था
अमन वर्मा
पानीपत। रितेश गर्ग और उसके बच्चों की मौत का राज 16 जीबी मेमोरी कार्ड खोलेगा। परिवार ने मौत की नींद सोने से पहले कमरे के बाहर बालकनी में बहुत सी चीजों को जला कर नष्ट करने का भी प्रयास किया। इसी आग की राख में ऑफिशयल डायरी जले हुए पन्नों की राख, जले हुए मोबाइल फोन के टुकड़े, माइक्रो सिम कार्ड व एक 16 जीबी मेमोरी कार्ड बरामद हुआ है। मोबाइल सिम व मेमोरी कार्ड को गुरुग्राम साइबर सेल को सौंप दिया गया। इसके अलावा सिम नंबर पता लगा लिया गया है। अब कॉल डिटेल निकलवा कर व मेमोरी कार्ड का डाटा रिकवर कर मामले से जुड़े तथ्य सामने आएंगे। हो सकता है कि मेमोरी कार्ड में हादसे से जुुड़े तथ्यों को नष्ट करने का प्रयास किया गया हो।
लोहा व्यापारी रितेश गर्ग व उसके दोनों बच्चों पुत्र वंश व पुत्री पुष्टी की हत्या की गई या फिर तीनों ने आत्महत्या की, इसे लेकर पानीपत की थाना चांदनी बाग पुलिस उलझन में है। वहीं पुलिस को रितेश की पत्नी रेखा गर्ग के होश में आने का इंतजार है। रेखा घटनास्थल पर फर्श पर बेहोशी की हालत में पड़ी मिली थी। वहीं रेखा जिस स्थल पर पड़ी मिली, उसके ऊपर छत पर कुंडे में फंदे टूटी हालत में लटका मिला था और फंदे का एक हिस्सा रेखा के गले में बंधा हुआ था। रेखा ने आत्महत्या की चेष्टा की या फिर उसकी हत्या की चेष्टा की गई, इसकी भी पुलिस जांच कर रही है।
विज्ञापन
पुलिस के अधिकारियों की एक टीम पुलिस मुख्यालय की साइबर सेल में बैठी है और रितेश गर्ग, इसकी पुत्री पुष्टी व पुत्र वंश, पत्नी रेखा के मोबाइल फोन कॉल डिटेल, व्हाटस ऐप, फेसबुक अकाउंट, एसएमएस की जांच कर रही है। वहीं पुलिस ने जांच में रितेश के घर की बालकनी से जले हुए कागजात की राख भी बरामद की है। एफएसएल की टीम ने जांच कर बताया है कि कागजात में वीरवार की शाम को आग लगाई गई है। वहीं पुलिस की अभी तक की जांच व रितेश और इनके बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम करने वाले फोरेंसिक विशेषज्ञ चिकित्सक ने यह साफ कर दिया है कि रितेश की पुत्री व पुत्र की कपडे़ से लगा दबा कर हत्या की गई है। वहीं दोनों को किसी खाद पदार्थ में जहरीला पदार्थ या फिर बेहोशी की दवाई दी गई है। पोस्टमार्टम में यह भी पता चला कि तीनों की मौत वीरवार की रात दस बजे से पहले हुई है।
विज्ञापन
इधर, पुलिस की जांच में पता चला कि रितेश व दिनेश के पिता राजेंद्र प्रकाश गर्ग व माता सुशीला देवी आर्य समाज से जुडे़ हुए थे और परिवार पर भी आर्य समाज का पूरा प्रभाव था। गर्ग परिवार मूर्ति पूजन व आडंबरों में विश्वास नहीं करता था। वहीं राजेंद्र प्रकाश गर्ग व उनकी पत्नी सुशीला ने गृहस्थ जीवन से संन्यास ले रखा था। दोनों अधिकतर समय हरिद्वार में ही व्यतीत करते थे। गर्ग परिवार दानपुण्य में भी बढ़-चढ़कर भाग लेता था। गर्ग परिवार वैश्य एजूकेशन सोसाइटी का सदस्य था और समाज में शिक्षा की ज्योति को बढ़ावा देने के लिए हमेशा तत्पर रहता था। रितेश जहां एक साल पहले ही अपने परिजनों व रिश्तेदारों की रजामंदी से अपने भाई दिनेश से कारोबारी रूप से अलग हुआ था, वहीं दोनों भाइयों के बीच कारोबार अलग होने के बाद भी रिश्ते सामान्य थे। रितेश दिसंबर माह में ही पानीपत आया था और उसने अनिल बत्रा का ही मकान किराये पर लिया, इस मकान में पहले उनका भाई दिनेश किराये पर रहता था। पुलिस इस बात को लेकर उलझन में है कि रितेश ने अगर आत्महत्या की तो क्यों की, परिवार में धन का किसी भी तरह का अभाव नहीं था, परिवार का समाज में अच्छा खासा सम्मान था और किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं था। जो कागजात जली हालत में रितेश के किराये के घर से मिले उनके अंदर क्या राज दफन था। रितेश व उनकी पत्नी रेखा और सुसराल वालों के बीच संबंधी कैसे थे आदि पहलु को ध्यान में रख कर पुलिस रितेश व उसके दो बच्चों की दर्दनाक मौत की गुत्थी को सुलझाने में जुटी है। वहीं पुलिस ने रितेश के भाई दिनेश गर्ग व उसके सुसराल वालों से बंद कमरे में गहन पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि रितेश के अपनी पत्नी व सुसराल वालों के साथ संबंध सामान्य नहीं थे, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं की जा रही है। रितेश व उसके दो बच्चों की मौत के मामले में रेखा गर्ग के बयान अहम साबित होगे। उन्होंने बताया कि पुलिस रितेश, पुष्टी व वंश की मौत के मामले की गहन जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही व रेखा के होश में आने के बाद ही इस पूरे मामले का सच पता चल पाएगा।
--------
मामले की गंभीरता को देखते हुए मेमोरी कार्ड को जांच के लिए साइबर सेल गुरुग्राम भेजा गया है। इस संदर्भ में डीसीपी क्राइम गुरुग्राम को जल्द से जल्द रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। रिपोर्ट आने के बाद कई सवालों का खुलासा हो जाएगा।
- नवदीप विर्क, पुलिस महानिरीक्षक करनाल