{"_id":"61f449db5284a9091e7344ce","slug":"8-25-lakh-revenue-of-gst-on-molasses-also-affected-panipat-news-knl9725250","type":"story","status":"publish","title_hn":"शीरे पर जीएसटी के 8.25 लाख राजस्व की भी चपत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शीरे पर जीएसटी के 8.25 लाख राजस्व की भी चपत
विज्ञापन
पानीपत। शुगर मिल से 3181 क्विंटल शीरा गायब होने से मिल को करीब तीस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, इस शीरे पर लगने वाली 28 प्रतिशत जीएसटी के हिसाब से सरकार को 8.25 लाख रुपये राजस्व की चपत भी लगी। पहले भी जब 65 हजार क्विंटल शीरा गायब हुआ था और विभाग को करीब 45 लाख रुपये की जीएसटी भरनी पड़ी थी। इसके बाद प्रकरण का खुलासा हो पाया था।
वहीं, शुगर मिल प्रबंधन की ओर से इस प्रकरण में शामिल रहे दस कर्मचारियों के खिलाफ आरोपपत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद इनसे आरोपों के विरुद्ध जवाब मांगे जाएंगे। इनके जवाबों के आधार पर जांच होगी। आरोपियों से मिल प्रबंधन वित्तीय नुकसान की रिकवरी भी करेगा। तब शीरे की निर्धारित दर के अनुसार रिकवरी की जाएगी।
शुगर मिल में पकड़े गए शीरा घोटाले के कर्मचारियों और अधिकारियों समेत जो एजेंसी शीरा फर्जीवाड़ा कर रही थी पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। इससे मिल प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। वहीं, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि घोटाला पकड़े जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न करवाना, मिलीभगत को दर्शाता है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है। मामला साफ होने के बाद एफआईआर तक दर्ज हो सकती है।
विज्ञापन
2019 से बेच रहे थे शीरा, अंडरवेट गाड़ियों में निकाला गया शीरा
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शुगर मिल जिस पार्टी को 2019 से शीरा बेच रहा है उसी एजेंसी द्वारा अंडरवेट गाड़ियों में फर्जीवाड़ा करते हुए शीरे को अवैध तरीके से चोरी किया जा रहा था। अब तक कितनी गाड़ियों में इस शीरे का निकाला गया इसकी जांच होना बाकी है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सबसे पहले रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एजेंसी के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी जो नहीं की गई।
रिकवरी बढ़े रेट के अनुसार होगी, बिल नहीं तो जीएसटी नहीं
शुगर मिल शीरे के हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से करवाई जाएगी। रिकवरी के समय जो रेट होगी रिकवरी उसी के अनुसार होगी। अगर शीरे का रेट हजार रुपये प्रति क्विंटल होता है तो हजार के हिसाब से ही रिकवरी होगी। अगर रेट 927 से नीचे जाता है तो 927 के हिसाब से ही रिकवरी होगी। हालांकि अभी रेट बढ़ रहा है। वहीं, जब तक बिलिंग नहीं होती जीएसटी चोरी नहीं बनती। ये तो शुगर मिल को शीरे का नुकसान हुआ है। इसमें जीएसटी लागू नहीं होती। - जितेंद्र कुमार, चीफ अकांउट अफसर, शुगर मिल।
विज्ञापन
वहीं, शुगर मिल प्रबंधन की ओर से इस प्रकरण में शामिल रहे दस कर्मचारियों के खिलाफ आरोपपत्र जारी किए जा चुके हैं। इसके बाद इनसे आरोपों के विरुद्ध जवाब मांगे जाएंगे। इनके जवाबों के आधार पर जांच होगी। आरोपियों से मिल प्रबंधन वित्तीय नुकसान की रिकवरी भी करेगा। तब शीरे की निर्धारित दर के अनुसार रिकवरी की जाएगी।
विज्ञापन
शुगर मिल में पकड़े गए शीरा घोटाले के कर्मचारियों और अधिकारियों समेत जो एजेंसी शीरा फर्जीवाड़ा कर रही थी पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। इससे मिल प्रबंधन पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। वहीं, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि घोटाला पकड़े जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज न करवाना, मिलीभगत को दर्शाता है। इस पर अधिकारियों का कहना है कि जांच जारी है। मामला साफ होने के बाद एफआईआर तक दर्ज हो सकती है।
विज्ञापन
2019 से बेच रहे थे शीरा, अंडरवेट गाड़ियों में निकाला गया शीरा
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि शुगर मिल जिस पार्टी को 2019 से शीरा बेच रहा है उसी एजेंसी द्वारा अंडरवेट गाड़ियों में फर्जीवाड़ा करते हुए शीरे को अवैध तरीके से चोरी किया जा रहा था। अब तक कितनी गाड़ियों में इस शीरे का निकाला गया इसकी जांच होना बाकी है। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि सबसे पहले रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद एजेंसी के खिलाफ एफआईआर होनी चाहिए थी जो नहीं की गई।
रिकवरी बढ़े रेट के अनुसार होगी, बिल नहीं तो जीएसटी नहीं
शुगर मिल शीरे के हुए नुकसान की भरपाई आरोपियों से करवाई जाएगी। रिकवरी के समय जो रेट होगी रिकवरी उसी के अनुसार होगी। अगर शीरे का रेट हजार रुपये प्रति क्विंटल होता है तो हजार के हिसाब से ही रिकवरी होगी। अगर रेट 927 से नीचे जाता है तो 927 के हिसाब से ही रिकवरी होगी। हालांकि अभी रेट बढ़ रहा है। वहीं, जब तक बिलिंग नहीं होती जीएसटी चोरी नहीं बनती। ये तो शुगर मिल को शीरे का नुकसान हुआ है। इसमें जीएसटी लागू नहीं होती। - जितेंद्र कुमार, चीफ अकांउट अफसर, शुगर मिल।