{"_id":"5954fbfe4f1c1bdb778b4bb7","slug":"71498741758-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी ने बेटी व बेटा में नहीं माना कोई फर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
-डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी ने बेटी व बेटा में नहीं माना कोई फर्क
Updated Thu, 29 Jun 2017 06:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटियों ने पिता की अंतिम यात्रा को दिया कंधा
पानीपत। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मानवता की सेवा में अग्रणी रहते हैं। इसके साथ ही वे मरणोपरांत भी समाज में अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में पानीपत के किशनपुरा में रहने वाले भाई महेंद्र सिंह इंसा का नाम भी जुड़ गया है। उनकी बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देखकर मिसाल कायम की है। शाह सतनाम ग्रीन वेलफेयर फोर्स के जिम्मेदार पप्पू बरेजा ने बताया कि महेंद्र सिंह का कोई लड़का नहीं है। दो लड़कियां ही हैं। उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को बेटा ही माना। बेटियों ने भी अपने पिता की अंतिम विदाई में बेटे की तरह कंधा दिया। इस मौके पर धर्मपाल इंसा, ईश इंसा, सतीश इंसा, धर्मवीर इंसा व कर्मवीर इंसा मौजूद रहे।
विज्ञापन
पानीपत। डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी मानवता की सेवा में अग्रणी रहते हैं। इसके साथ ही वे मरणोपरांत भी समाज में अनुकरणीय मिसाल पेश कर रहे हैं। इसी कड़ी में पानीपत के किशनपुरा में रहने वाले भाई महेंद्र सिंह इंसा का नाम भी जुड़ गया है। उनकी बेटियों ने पिता की अर्थी को कंधा देखकर मिसाल कायम की है। शाह सतनाम ग्रीन वेलफेयर फोर्स के जिम्मेदार पप्पू बरेजा ने बताया कि महेंद्र सिंह का कोई लड़का नहीं है। दो लड़कियां ही हैं। उन्होंने हमेशा अपनी बेटियों को बेटा ही माना। बेटियों ने भी अपने पिता की अंतिम विदाई में बेटे की तरह कंधा दिया। इस मौके पर धर्मपाल इंसा, ईश इंसा, सतीश इंसा, धर्मवीर इंसा व कर्मवीर इंसा मौजूद रहे।