{"_id":"5af1f17a4f1c1bb56a8b8714","slug":"61525805434-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी दरबार पहुंचा दंपति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर एसपी दरबार पहुंचा दंपति
Updated Wed, 09 May 2018 12:20 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग लेकर एसपी दरबार पहुंचा दंपति
मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा इलाज के दौरान गर्भवती के ऑपरेशन करने पर बच्चादानी फटने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा इलाज के दौरान गर्भवती के ऑपरेशन करने पर फटी बच्चादानी के मामले में डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दंपति मंगलवार को एसपी से मिलने गए। लेकिन एसपी के साथ उनकी मीटिंग फिक्स न होने के कारण वो नहीं मिल सके। इसके बाद दंपति ईएसआई अस्पताल गए। जहां उन्होंने एमएस डॉ. रविंद्र भट्टी से मुलाकात कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें पद से हटाने की मांग की। जिस पर डॉ. ने कहा कि ये मामला सीएमओ के संज्ञान में है। मामले की जांच चल रही है। मामले में आरोपी डॉक्टर ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
बता दें कि पीड़ित सुनील पत्नी निशा का इलाज कराने ईएसआई के अस्पताल पहुंचा था। जहां डॉक्टरों ने उसकी पत्नी का गर्भवती बताया और कहा कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन कमजोर है। वे मां या बच्चे में से किसी एक को ही बचा सकते हैं। इसके बाद डॉक्टर ने पत्नी का ऑपरेशन किया। इसके बाद से पत्नी को पेट में दर्द रहने पर उसने पीजीआई रोहतक लेकर आया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पत्नी की बच्चेदानी फटी हुई है। इसके बाद से वह इएसआई के डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। इसी के तहत वह मंगलवार को एसपी ऑफिस में पहुंचा, जहां भीड़ होने के कारण उसे बुधवार का समय दिया गया।
विज्ञापन
मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा इलाज के दौरान गर्भवती के ऑपरेशन करने पर बच्चादानी फटने का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। मनोरोग विशेषज्ञ डॉक्टर द्वारा इलाज के दौरान गर्भवती के ऑपरेशन करने पर फटी बच्चादानी के मामले में डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई को लेकर दंपति मंगलवार को एसपी से मिलने गए। लेकिन एसपी के साथ उनकी मीटिंग फिक्स न होने के कारण वो नहीं मिल सके। इसके बाद दंपति ईएसआई अस्पताल गए। जहां उन्होंने एमएस डॉ. रविंद्र भट्टी से मुलाकात कर आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें पद से हटाने की मांग की। जिस पर डॉ. ने कहा कि ये मामला सीएमओ के संज्ञान में है। मामले की जांच चल रही है। मामले में आरोपी डॉक्टर ने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया।
बता दें कि पीड़ित सुनील पत्नी निशा का इलाज कराने ईएसआई के अस्पताल पहुंचा था। जहां डॉक्टरों ने उसकी पत्नी का गर्भवती बताया और कहा कि गर्भ में पल रहे बच्चे की धड़कन कमजोर है। वे मां या बच्चे में से किसी एक को ही बचा सकते हैं। इसके बाद डॉक्टर ने पत्नी का ऑपरेशन किया। इसके बाद से पत्नी को पेट में दर्द रहने पर उसने पीजीआई रोहतक लेकर आया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पत्नी की बच्चेदानी फटी हुई है। इसके बाद से वह इएसआई के डॉक्टर पर कार्रवाई के लिए अधिकारियों से गुहार लगा रहा है। इसी के तहत वह मंगलवार को एसपी ऑफिस में पहुंचा, जहां भीड़ होने के कारण उसे बुधवार का समय दिया गया।
विज्ञापन