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60 लाख क्विंटल गन्ने की होगी पेराई, सत्र 8 नवंबर से
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पानीपत। गोहाना रोड स्थित शुगर मिल प्रदेश की सबसे पुरानी मिल है। इसकी पेराई क्षमता 33 लाख क्विंटल तक की है। 8 नवंबर शाम सवा तीन बजे इसके 65वें पिराई सत्र का शुुुुभारंभ स्वयं सहकारिता मंत्री बनवारी लाल करेंगे। इस मौके पर करनाल सांसद संजय भाटिया, शाहबाद के विधायक एवं अध्यक्ष हरियाणा सहकारी चीनी मिल पंचकूला रामकरण, ग्रामीण विधायक महिपाल ढांडा, शहरी विधायक प्रमोद विज विशिष्ट अतिथियों के रूप में मौजूद रहेंगे।
वहीं, गांव डाहर स्थित नए शुगर मिल का काम भी तेज गति से चल रहा है। करीब साढ़े 300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए शुगर मिल की सीजन की पेराई क्षमता 15 लाख क्विंटल प्रति माह की है जो पुराने मिल से तीन गुणा ज्यादा है। संभावना है कि इस मिल को भी दिसंबर या जनवरी तक चालू कर दिया जाएगा। अगर इस गन्ना पेराई सीजन में नया मिल चालू हो जाता है तो जिले के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए ये सौगात होगी। उनको अपना गन्ना लेकर दूसरे जिलों या प्रदेशों में नहीं जाना पड़ेगा।
18,000 क्विंटल गन्ने की रोज पेराई होती है
गोहाना रोड स्थित शुगर मिल की रोजाना की पेराई क्षमता 18 हजार क्विंटल गन्ने की है। ये एक माह में करीब पांच लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर सकता है। पिछले साल पिराई सीजन में इसी मिल इतना पुराना होने के बावजूद 33 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने तक का रिकार्ड बनाया था। पिराई सीजन के लिए मिल अपने सभी ट्रायल पूरे कर चुका है। सोमवार से इसके 65वें पिराई सत्र की शुरुआत होने जा रही है।
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50,000 क्विंटल गन्ना पेराई प्रतिदिन की नई मिल की क्षमता
गांव डाहर स्थित शुगर मिल की गन्ना पेराई की क्षमता 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन की है। एक माह में 15 लाख क्विंटल गन्ना तक पेराई हो सकती है। इस बार जिले में करीब 72 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन किया गया है। इसमें से बीज के अलावा करीब 60 लाख क्विंटल गन्ना पेराई के लिए मिल में आएगा। जो नया मिल केवल चार माह में पूरा कर देगी। इसलिए शुगर मिल प्रबंधन दिसंबर जनवरी माह तक दोनों मिल को चालू करने का प्लान बना रहा है। ताकि जिले भर का गन्ना जिले के ही इन दोनों शुगर मिल में पेराई हो सके और जिले के किसानों को अपना गन्ना लेकर बाहर न जाना पड़े।
65वें पेराई सत्र होगा शुरू
शुगर मिल का 65 वां पेराई सत्र 8 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। सहकारिता मंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। दूसरी तरफ नए मिल का भी काम प्रगति पर है। इसे भी दिसंबर तक चालू करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है, ताकि जिले के किसानों को अपना गन्ना लेकर दूसरे जिले या प्रदेशों में न जाना पड़े। नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल, पानीपत।
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वहीं, गांव डाहर स्थित नए शुगर मिल का काम भी तेज गति से चल रहा है। करीब साढ़े 300 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे नए शुगर मिल की सीजन की पेराई क्षमता 15 लाख क्विंटल प्रति माह की है जो पुराने मिल से तीन गुणा ज्यादा है। संभावना है कि इस मिल को भी दिसंबर या जनवरी तक चालू कर दिया जाएगा। अगर इस गन्ना पेराई सीजन में नया मिल चालू हो जाता है तो जिले के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए ये सौगात होगी। उनको अपना गन्ना लेकर दूसरे जिलों या प्रदेशों में नहीं जाना पड़ेगा।
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18,000 क्विंटल गन्ने की रोज पेराई होती है
गोहाना रोड स्थित शुगर मिल की रोजाना की पेराई क्षमता 18 हजार क्विंटल गन्ने की है। ये एक माह में करीब पांच लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर सकता है। पिछले साल पिराई सीजन में इसी मिल इतना पुराना होने के बावजूद 33 लाख क्विंटल गन्ना पेराई करने तक का रिकार्ड बनाया था। पिराई सीजन के लिए मिल अपने सभी ट्रायल पूरे कर चुका है। सोमवार से इसके 65वें पिराई सत्र की शुरुआत होने जा रही है।
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50,000 क्विंटल गन्ना पेराई प्रतिदिन की नई मिल की क्षमता
गांव डाहर स्थित शुगर मिल की गन्ना पेराई की क्षमता 50 हजार क्विंटल प्रतिदिन की है। एक माह में 15 लाख क्विंटल गन्ना तक पेराई हो सकती है। इस बार जिले में करीब 72 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन किया गया है। इसमें से बीज के अलावा करीब 60 लाख क्विंटल गन्ना पेराई के लिए मिल में आएगा। जो नया मिल केवल चार माह में पूरा कर देगी। इसलिए शुगर मिल प्रबंधन दिसंबर जनवरी माह तक दोनों मिल को चालू करने का प्लान बना रहा है। ताकि जिले भर का गन्ना जिले के ही इन दोनों शुगर मिल में पेराई हो सके और जिले के किसानों को अपना गन्ना लेकर बाहर न जाना पड़े।
65वें पेराई सत्र होगा शुरू
शुगर मिल का 65 वां पेराई सत्र 8 नवंबर से शुरू होने जा रहा है। सहकारिता मंत्री इसका उद्घाटन करेंगे। दूसरी तरफ नए मिल का भी काम प्रगति पर है। इसे भी दिसंबर तक चालू करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है, ताकि जिले के किसानों को अपना गन्ना लेकर दूसरे जिले या प्रदेशों में न जाना पड़े। नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल, पानीपत।