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Panipat News: जापान में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की अद्यतन तकनीकों से परिचित होंगे 56 विद्यार्थी
Sat, 17 Jan 2026 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Sat, 17 Jan 2026 01:14 AM IST
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रवींद्र नैन
पानीपत। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जापान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एजेंसी (जेएसटी) के सहयोग से जापान विज्ञान हाई स्कूल कार्यक्रम (साकुरा विज्ञान कार्यक्रम) के तहत वर्ष 2026 में छात्रों को जापान भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में अतिरिक्त सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी द्वारा सभी संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह कार्यक्रम 24 से 30 मई तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत देश के 15 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 56 मेधावी छात्रों और 4 पर्यवेक्षकों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से चयनित छात्रों की संख्या 2 से 4 तक निर्धारित है। पर्यवेक्षक विज्ञान विषय के शिक्षक होंगे, जिनकी जिम्मेदारी छात्रों की देखभाल और कार्यक्रम के दौरान मार्गदर्शन करना है। विद्यार्थियों चयनित छात्रों को जापान की आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं, तकनीकी संस्थानों और प्रख्यात वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल विज्ञान संकाय में अध्ययनरत कक्षा 11वीं के वे छात्र पात्र होंगे, जिन्हें एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति प्राप्त हो और जिन्होंने कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। छात्रों का चयन केवल सरकारी विद्यालयों से किया जाएगा तथा एक विद्यालय या जिले से एक ही छात्र का चयन किया जाएगा। लड़के और लड़कियों की समान भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
मंत्रालय ने राज्यों से आग्रह किया है कि पात्र छात्रों की सूची तय समय तक अनिवार्य रूप से भेजी जाए ताकि आगे की चयन प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और पासपोर्ट होना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया में अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि भारत-जापान शैक्षिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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यह कार्यक्रम हमारे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर विज्ञान को समझने और नवाचार से जुड़ने का सुनहरा अवसर है, इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच, आत्मविश्वास और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित होगा।
- संदीप कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।
जिला शिक्षा विभाग जिले के सभी सरकारी विद्यालयों से योग्य विद्यार्थियों की पहचान कर समय पर नामांकन सुनिश्चित करेगा। यह पहल छात्रों के शैक्षणिक और कॅरिअर विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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पानीपत। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जापान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी एजेंसी (जेएसटी) के सहयोग से जापान विज्ञान हाई स्कूल कार्यक्रम (साकुरा विज्ञान कार्यक्रम) के तहत वर्ष 2026 में छात्रों को जापान भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में अतिरिक्त सचिव अर्चना शर्मा अवस्थी द्वारा सभी संबंधित राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश जारी किए गए हैं।
यह कार्यक्रम 24 से 30 मई तक आयोजित किया जाएगा, जिसके अंतर्गत देश के 15 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों से कुल 56 मेधावी छात्रों और 4 पर्यवेक्षकों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से चयनित छात्रों की संख्या 2 से 4 तक निर्धारित है। पर्यवेक्षक विज्ञान विषय के शिक्षक होंगे, जिनकी जिम्मेदारी छात्रों की देखभाल और कार्यक्रम के दौरान मार्गदर्शन करना है। विद्यार्थियों चयनित छात्रों को जापान की आधुनिक वैज्ञानिक प्रयोगशालाओं, तकनीकी संस्थानों और प्रख्यात वैज्ञानिकों से संवाद का अवसर मिलेगा। शिक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि केवल विज्ञान संकाय में अध्ययनरत कक्षा 11वीं के वे छात्र पात्र होंगे, जिन्हें एनएमएमएसएस छात्रवृत्ति प्राप्त हो और जिन्होंने कक्षा 10वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया हो। छात्रों का चयन केवल सरकारी विद्यालयों से किया जाएगा तथा एक विद्यालय या जिले से एक ही छात्र का चयन किया जाएगा। लड़के और लड़कियों की समान भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
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मंत्रालय ने राज्यों से आग्रह किया है कि पात्र छात्रों की सूची तय समय तक अनिवार्य रूप से भेजी जाए ताकि आगे की चयन प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। विद्यार्थियों को शारीरिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए और पासपोर्ट होना आवश्यक है। चयन प्रक्रिया में अभिभावकों की सहमति अनिवार्य है। यह कार्यक्रम न केवल छात्रों के लिए बल्कि भारत-जापान शैक्षिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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यह कार्यक्रम हमारे विद्यार्थियों के लिए वैश्विक स्तर पर विज्ञान को समझने और नवाचार से जुड़ने का सुनहरा अवसर है, इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच, आत्मविश्वास और अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण विकसित होगा।
- संदीप कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ।
जिला शिक्षा विभाग जिले के सभी सरकारी विद्यालयों से योग्य विद्यार्थियों की पहचान कर समय पर नामांकन सुनिश्चित करेगा। यह पहल छात्रों के शैक्षणिक और कॅरिअर विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।