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दो साल में 70 हजार बढ़े बिजली के उपभोक्ता, इस बार यूनिट लागत 100 लाख पार होने की संभावना, लेकिन बिजली स्ट्रक्चर ज्यौं का त्यौं,
Updated Sun, 25 Mar 2018 12:00 AM IST
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संदीप भौरिया
पानीपत। जिले के साढ़े 12 लाख लोगों को इस साल भी गर्मी में बिजली के कट झेलने पड़ेंगे। बिजली निगम ने मई व जून के माह के मद्देनजर कोई प्लानिंग तैयार नहीं की है। जबकि इन दो सालों में जिले में बिजली के 70 हजार उपभोक्ता बढ़ चुके हैं। अब जिले में सवा तीन लाख बिजली उपभोक्ता हैं। फिलहाल जिले में 60 हजार बिजली यूनिट की लागत है। ये लागत इस बार 110 से 120 लाख यूनिट होने की संभावनाएं है। इतने लोड को कंट्रोल करना बिजली निगम के लिए आसान नहीं होगा। इस बार भी बिजली निगम अपने पुराने स्ट्रक्चर से बिजली परेशानियों से निपटने का दम भर रहा है। मार्च माह में ही लोगों को रात को डेढ़ से दो घंटे के कटे झेलने पड़ रहे हैं। बिजली निगम की हालत को देखते हुए कहा जा रहा है कि इस बार भी शहर को गर्मी में बिजली कटों से दुखी होना पड़ेगा।
ये है बिजली का स्ट्रक्चर:
पानीपत में दो डिविजन व 9 सब डिविजन है। सभी सब डिवीजनों पर एसडीओ बैठते हैं। हाईटेंशन तारों की लंबाई 3900 किलोमीटर है। जबकि लो टेंशन तारों की लंबाई 5500 किलोमीटर है। इनमें से काफी तारे पुरानी हैं, जोकि गर्मियों में पंक्चर हो जाते हैं। जिस कारण कई-कई घंटे लोगों को बिजली का इंतजार करना पड़ता है। बिजली निगम ने बिजली फाल्ट ठीक करने के लिए 100 कर्मचारियों को ठेके पर भर्ती किया है। इनके अलावा बिजली निगम के 395 पक्के कर्मचारी है।
शहर में 18 हजार ट्रांसफार्मर, इसमें से लगभग 10 हजार पुराने:
शहर में 18 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसमें से 10 हजार ट्रांसफार्मर 5 साल से अधिक पुराने हैं। इन्हीं ट्रांसफार्मरों में अकसर खराबी आती है। कई बार इन ट्रांसफार्मरों में फाल्ट के कारण आग भी लग जाती है। जिस कारण बड़ा हादसा होने का भय बना रहता है। सर्कल में 10 से 63 केवीए के 13 हजार 852, 160 के 41, 200 केवीए के 835, 250 के 67,300 के 97, 400 के 69, 500 के 6, 630 के 71, 900 से 1 हजार तक 40, 1200 से 14 व 2 हजार केवीए के 6 ट्रांसफार्मर है।
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ट्रांसफार्मर के तेल की जांच 6 माह में व लाइन की जांच 2 साल में करने का नियम:
बिजली निगम को हर 6 माह में ट्रांसफार्मर की जांच करने के लिए नियम तय है। कर्मचारियों को हर 6 माह में ट्रांसफार्मर की जांच करनी होती है। नियमानुसार साल में एक बार लाइन की जांच करने का नियम है। लेकिन कर्मचारी कई कई साल लाइन की जांच नहीं करते। जिस कारण बिजली की व्यवस्था सही नहीं हो पाती।
एक फाल्ट ठीक करने में आता है 25 से 30 हजार रुपये खर्चा:
राजू महेंदी रत्ता निवासी मॉडल टाउन, देव कुमार गर्ग, अंसल निवासी, कोमल जैन, आशा निवासी शुगर मिल ने बताया कि गर्मियों में अकसर केबल पंक्चर होती है। इस फाल्ट के कारण कई कई घंटे तक लाइट कट रहता है। बिजली की तारें तक बदलनी पड़ती है। एक पंक्चर ठीक करने में निगम का 25 से 30 हजार रुपये खर्चा आता है।
हेल्प लाइन नंबर पर नहीं मिलता रिसपांस:
लोगों की अकसर ये भी शिकायत रहती है कि बिजली निगम से हेल्प लाइन नंबर से कोई रिसपांस नहीं मिलता। लोगों का आरोप है कि वो रात को लाइन में फाल्ट आने के बाद हेल्प लाइन नंबर पर कोई फोन नहीं उठाता।
गर्मियों को देखते हुए सारी व्यवस्था की गई है। बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों की मीटिंग लेकर खास निर्देश दिए गए हैं। सभी ट्रांसफार्मरों व लाइनों की समय पर जांच होगी। हर शिकायत पर बिजली कर्मी मौके पर पहुंचेंगे।
बीएस मान, एससी बिजली निगम पानीपत।
दो साल में 70 हजार बढ़े बिजली उपभोक्ता, स्ट्रक्चर ज्यों का त्यों, फिर कट झेलेंगे लोग
-मार्च माह में बिजली की लागत है 60 हजार यूनिट, यह मई व जून में 110 व 120 लाख यूनिट तक पहुंच सकती है
-18 हजार में से 10 हजार ट्रांसफर पुराने, इसलिए शहर के लोग इस बार भी 8 से 10 घंटे बिजली कट के लिए रहे तैयार
फोटो संख्या 16 से 20
पानीपत। जिले के साढ़े 12 लाख लोगों को इस साल भी गर्मी में बिजली के कट झेलने पड़ेंगे। बिजली निगम ने मई व जून के माह के मद्देनजर कोई प्लानिंग तैयार नहीं की है। जबकि इन दो सालों में जिले में बिजली के 70 हजार उपभोक्ता बढ़ चुके हैं। अब जिले में सवा तीन लाख बिजली उपभोक्ता हैं। फिलहाल जिले में 60 हजार बिजली यूनिट की लागत है। ये लागत इस बार 110 से 120 लाख यूनिट होने की संभावनाएं है। इतने लोड को कंट्रोल करना बिजली निगम के लिए आसान नहीं होगा। इस बार भी बिजली निगम अपने पुराने स्ट्रक्चर से बिजली परेशानियों से निपटने का दम भर रहा है। मार्च माह में ही लोगों को रात को डेढ़ से दो घंटे के कटे झेलने पड़ रहे हैं। बिजली निगम की हालत को देखते हुए कहा जा रहा है कि इस बार भी शहर को गर्मी में बिजली कटों से दुखी होना पड़ेगा।
ये है बिजली का स्ट्रक्चर:
पानीपत में दो डिविजन व 9 सब डिविजन है। सभी सब डिवीजनों पर एसडीओ बैठते हैं। हाईटेंशन तारों की लंबाई 3900 किलोमीटर है। जबकि लो टेंशन तारों की लंबाई 5500 किलोमीटर है। इनमें से काफी तारे पुरानी हैं, जोकि गर्मियों में पंक्चर हो जाते हैं। जिस कारण कई-कई घंटे लोगों को बिजली का इंतजार करना पड़ता है। बिजली निगम ने बिजली फाल्ट ठीक करने के लिए 100 कर्मचारियों को ठेके पर भर्ती किया है। इनके अलावा बिजली निगम के 395 पक्के कर्मचारी है।
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शहर में 18 हजार ट्रांसफार्मर, इसमें से लगभग 10 हजार पुराने:
शहर में 18 हजार ट्रांसफार्मर लगाए गए हैं। इसमें से 10 हजार ट्रांसफार्मर 5 साल से अधिक पुराने हैं। इन्हीं ट्रांसफार्मरों में अकसर खराबी आती है। कई बार इन ट्रांसफार्मरों में फाल्ट के कारण आग भी लग जाती है। जिस कारण बड़ा हादसा होने का भय बना रहता है। सर्कल में 10 से 63 केवीए के 13 हजार 852, 160 के 41, 200 केवीए के 835, 250 के 67,300 के 97, 400 के 69, 500 के 6, 630 के 71, 900 से 1 हजार तक 40, 1200 से 14 व 2 हजार केवीए के 6 ट्रांसफार्मर है।
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ट्रांसफार्मर के तेल की जांच 6 माह में व लाइन की जांच 2 साल में करने का नियम:
बिजली निगम को हर 6 माह में ट्रांसफार्मर की जांच करने के लिए नियम तय है। कर्मचारियों को हर 6 माह में ट्रांसफार्मर की जांच करनी होती है। नियमानुसार साल में एक बार लाइन की जांच करने का नियम है। लेकिन कर्मचारी कई कई साल लाइन की जांच नहीं करते। जिस कारण बिजली की व्यवस्था सही नहीं हो पाती।
एक फाल्ट ठीक करने में आता है 25 से 30 हजार रुपये खर्चा:
राजू महेंदी रत्ता निवासी मॉडल टाउन, देव कुमार गर्ग, अंसल निवासी, कोमल जैन, आशा निवासी शुगर मिल ने बताया कि गर्मियों में अकसर केबल पंक्चर होती है। इस फाल्ट के कारण कई कई घंटे तक लाइट कट रहता है। बिजली की तारें तक बदलनी पड़ती है। एक पंक्चर ठीक करने में निगम का 25 से 30 हजार रुपये खर्चा आता है।
हेल्प लाइन नंबर पर नहीं मिलता रिसपांस:
लोगों की अकसर ये भी शिकायत रहती है कि बिजली निगम से हेल्प लाइन नंबर से कोई रिसपांस नहीं मिलता। लोगों का आरोप है कि वो रात को लाइन में फाल्ट आने के बाद हेल्प लाइन नंबर पर कोई फोन नहीं उठाता।
गर्मियों को देखते हुए सारी व्यवस्था की गई है। बिजली अधिकारियों व कर्मचारियों की मीटिंग लेकर खास निर्देश दिए गए हैं। सभी ट्रांसफार्मरों व लाइनों की समय पर जांच होगी। हर शिकायत पर बिजली कर्मी मौके पर पहुंचेंगे।
बीएस मान, एससी बिजली निगम पानीपत।
दो साल में 70 हजार बढ़े बिजली उपभोक्ता, स्ट्रक्चर ज्यों का त्यों, फिर कट झेलेंगे लोग
-मार्च माह में बिजली की लागत है 60 हजार यूनिट, यह मई व जून में 110 व 120 लाख यूनिट तक पहुंच सकती है
-18 हजार में से 10 हजार ट्रांसफर पुराने, इसलिए शहर के लोग इस बार भी 8 से 10 घंटे बिजली कट के लिए रहे तैयार
फोटो संख्या 16 से 20