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Panipat News: 50 बेड के सीसीयू को मिली मंजूरी
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पानीपत। सिविल अस्पताल में बनने वाली 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) को मुख्यालय से झंडी मिल गई है। सीसीयू के सिविल अस्पताल में सिविल सर्जन के आवास के पीछे दो एकड़ जमीन तय कर ली गई है। इस जमीन पर बने स्वास्थ्य विभाग के दो पुराने भवनों को गिराने के लिए टेंडर लगाया जाएगा। सीसीयू की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट पीडब्ल्यूडी बनाएगा। स्वास्थ्य विभाग उतनी की राशि पीडब्ल्यूडी को देगा।
उल्लेखनीय है कि उपायुक्त की देखरेख में सिविल सर्जन व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की एक बैठक भी होनी है। सीसीयू बनने के बाद पानीपत का सिविल अस्पताल 350 बेड का होगा। अस्पताल में 100 बेड की मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट भी बन रही है। सिविल अस्पताल में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल, ब्रेन स्ट्रोक व फेफड़ों समेत अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का इलाज किया जाएगा। क्रिटिकल केयर यूनिट के साथ ही स्वास्थ्य जांचों के लिए लेबोरेटरी भी बनाई जाएगी। इसके लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है। क्रिटिकल केयर यूनिट की लेबोरेटरी में 60 प्रकार की स्वास्थ्य जांच हो सकेंगी।
बॉक्स
गंभीर मरीजों को करना पड़ता है रेफर
यह सेवाएं शुरू होने पर गंभीर रोगियों को सोनीपत स्थित खानपुर मेडिकल कॉलेज और रोहतक स्थित पीजीआई नहीं जाना पड़ेगा। रेफर करने पर रास्ते में होने वाली मौतों में भी कमी आएगी।
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कोरोना काल में प्रोजेक्ट पर किया था विचार
सीसीयू में बनने वाली नई लेबोरेटरी की जिम्मेदारी भी सिविल अस्पताल के ही लैब टेक्नीशियन संभालेंगे। अलग से स्टाफ की व्यवस्था करने की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नई जांचों के लिए उनके पास पहले से ही अनुभवी टेक्नीशियन हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट के बारे में कोरोना काल में विचार किया था। 2020 में कोरोना की दूसरी लहर के लिए बनाया गया पांच सौ बेड का अस्थायी अस्पताल ढहा दिया गया था। ऐसे में कोरोना संक्रमण के मरीजों के लिए भी कोई क्रिटिकल केयर यूनिट नहीं था। इसलिए प्रोजेक्ट पर काम किया गया। अब कोरोना का खतरा नहीं है, इसलिए सीसीयू में गंभीर मरीजों को रखा जाएगा। यहां पर आईसीयू व वेंटिलेटर भी होंगे। अगर कोरोना का खतरा दोबारा बढ़ता है तो सीसीयू को इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रस्ताव पास हो चुका है, जमीन भी फाइनल हो गई है- डिप्टी एमएस
सिविल सर्जन के आवास के पीछे लगभग दो एकड़ में सीसीयू बनेगी। इसके लिए जमीन फाइनल हो गई है। प्रस्ताव भी पास हो चुका है। अब इसके लिए आगे की प्रक्रिया चल रही है। सीसीयू बनने के बाद सेवाओं में विस्तार होगा।
डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस सिविल अस्पताल
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उल्लेखनीय है कि उपायुक्त की देखरेख में सिविल सर्जन व पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की एक बैठक भी होनी है। सीसीयू बनने के बाद पानीपत का सिविल अस्पताल 350 बेड का होगा। अस्पताल में 100 बेड की मदर एंड चाइल्ड केयर यूनिट भी बन रही है। सिविल अस्पताल में 50 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू) में सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल, ब्रेन स्ट्रोक व फेफड़ों समेत अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों का इलाज किया जाएगा। क्रिटिकल केयर यूनिट के साथ ही स्वास्थ्य जांचों के लिए लेबोरेटरी भी बनाई जाएगी। इसके लिए जगह चिह्नित की जा चुकी है। क्रिटिकल केयर यूनिट की लेबोरेटरी में 60 प्रकार की स्वास्थ्य जांच हो सकेंगी।
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गंभीर मरीजों को करना पड़ता है रेफर
यह सेवाएं शुरू होने पर गंभीर रोगियों को सोनीपत स्थित खानपुर मेडिकल कॉलेज और रोहतक स्थित पीजीआई नहीं जाना पड़ेगा। रेफर करने पर रास्ते में होने वाली मौतों में भी कमी आएगी।
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कोरोना काल में प्रोजेक्ट पर किया था विचार
सीसीयू में बनने वाली नई लेबोरेटरी की जिम्मेदारी भी सिविल अस्पताल के ही लैब टेक्नीशियन संभालेंगे। अलग से स्टाफ की व्यवस्था करने की दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक नई जांचों के लिए उनके पास पहले से ही अनुभवी टेक्नीशियन हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट के बारे में कोरोना काल में विचार किया था। 2020 में कोरोना की दूसरी लहर के लिए बनाया गया पांच सौ बेड का अस्थायी अस्पताल ढहा दिया गया था। ऐसे में कोरोना संक्रमण के मरीजों के लिए भी कोई क्रिटिकल केयर यूनिट नहीं था। इसलिए प्रोजेक्ट पर काम किया गया। अब कोरोना का खतरा नहीं है, इसलिए सीसीयू में गंभीर मरीजों को रखा जाएगा। यहां पर आईसीयू व वेंटिलेटर भी होंगे। अगर कोरोना का खतरा दोबारा बढ़ता है तो सीसीयू को इस्तेमाल किया जाएगा।
प्रस्ताव पास हो चुका है, जमीन भी फाइनल हो गई है- डिप्टी एमएस
सिविल सर्जन के आवास के पीछे लगभग दो एकड़ में सीसीयू बनेगी। इसके लिए जमीन फाइनल हो गई है। प्रस्ताव भी पास हो चुका है। अब इसके लिए आगे की प्रक्रिया चल रही है। सीसीयू बनने के बाद सेवाओं में विस्तार होगा।
डॉ. अमित पोरिया, डिप्टी एमएस सिविल अस्पताल