{"_id":"5c17fcc3bdec2257162f9e7c","slug":"41545075907-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ट्रेनों में ओनबोर्ड आरक्षण के लिए हैंड हेल्ड टर्मिनल की शुरूआत, टीटीई को दी जाएगी एचएचटी डिवाइस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ट्रेनों में ओनबोर्ड आरक्षण के लिए हैंड हेल्ड टर्मिनल की शुरूआत, टीटीई को दी जाएगी एचएचटी डिवाइस
Updated Tue, 18 Dec 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
ट्रेनों में ओनबोर्ड आरक्षण के लिए हैंड हेल्ड टर्मिनल की शुरूआत, टीटीई को दी जाएगी एचएचटी डिवाइस
पानीपत। ट्रेन टिकट परीक्षकों (टीटीई) को अब गाड़ियों में रिजर्वेशन चार्ट लेकर घूमने से मुक्ति मिलने जा रही है। टिकट जारी करने में पारदर्शिता लाने और टिकट परीक्षकों के बीच भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए भारतीय रेलवे ने डिजिटल पहलुओं को पेश करने के लिए ट्रेन टिकट परीक्षकों को हैंड हेल्ड टर्मिनलों (एचएचटी) देने की शुरुआत की है। हैंड हेल्ड टर्मिनल रेलवे के सर्वर से जुड़ा होगा जिसमें एक सिम होगा जिसके जरिये रेल टिकट का हर अपडेट टर्मिनल तक तुरंत पहुंच जाएगा। इससे जहां रेलवे विभाग को फायदा पहुंचेगा, वहीं यात्रियों को भी बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकेगी। एचएचटी यात्रियों से अतिरिक्त किराया, जुर्माना और अन्य शुल्क इकट्ठा करने और उनके लिए रसीद जारी करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। पहले चरण में शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में मुहैया कराई जाएगी। बाद में, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन के टीटीई को दिए जाएंगे।
उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल को कुल 180 एचएचटी सेट प्राप्त हुए हैं। दिल्ली से चलने वाली 4 शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ियों, 2 राजधानी एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस गाड़ियों में टीटीई को एचएचटी प्रदान किए गए हैं। 73 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। इसका सबसे ज्यादा फायदा वेटिंग टिकट वालों को मिलेगा। यदि कोई भी सीट खाली हुई तो वहां वेटिंग टिकट वाले यात्री को आवंटित कर दिया जाएगा। इस प्रणाली को धीरे-धीरे सभी गाड़ियों में प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए टीटीई को हैंड हेल्ड टर्मिनल उपलब्ध करवाए जाएंगे जिससे वह यात्रियों के आरक्षण स्थिति की जांच व अगले स्टेशन पर आरक्षण स्थिति की सूचना तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इससे पेपरलेस टिकटिंग, चार्टिंग और पेपर के रिमों की बचत होने के अलावा रिफंड के दावों को अंतिम रूप देने में भी तेजी लाने में सहायता मिलेगी।
नई दिल्ली-पटना राजधानी ट्रेन से हुई थी एचएचटी की शुरूआत
पहला ऐसा एचएचटी पटना-नई दिल्ली राजधानी में पेश किया गया था, जहां सभी टिकट परीक्षकों को नवीनतम गैजेट प्रदान किया गया था। आइपैड के आकार के साथ एचएचटी यात्री आरक्षण चार्ट से भरा जाएगा। चूंकि यह समय-समय पर जीपीआरएस के माध्यम से यात्री आरक्षण प्रणाली के केंद्रीय सर्वर से जुड़ा हुआ है, प्रत्येक स्टेशन जहां ट्रेन रुकती है, टिकटों की बुकिंग के विवरण अपडेट किए जाते हैं।
विज्ञापन
कागजों के आरक्षण चार्ट का टीटीई कर रहे प्रयोग
वर्तमान में टीटीई को गाड़ियों में यात्रियों की आरक्षण की जांच या बर्थ 9 टर्मिनल तुरंत अपडेट होगा। इसके जरिए टिकट बनाने के साथ ही टीटीई को आरक्षित बोगी में खाली सीटों, यात्रियों के ट्रेन में चढ़ने और उतरने की जानकारी भी मिलती रहेगी। टर्मिनल अपडेट होने से कैंसिल टिकट रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। टीटीई की ओर से खाली बर्थ आवंटित किए जाने के बाद उसकी इंट्री सर्वर में भी हो जाएगी। हैंड हेल्ड टर्मिनल की मदद से रिजर्वेशन टिकट बुकिंग में सुविधा होगी। इससे गाड़ी में खाली बर्थों की उपलब्धता और प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को निष्पक्षता से सीट मिलना सुनिश्चित हो जाएगी।
हैंड हेल्ड टर्मिनल कैसे करेगा काम?
एचएचटी प्रणाली एक अग्रेषित प्रणाली है और कुछ ट्रेनों के लिए एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई है। टीटीई के लिए एचएचटी पूरी ट्रेन की यात्री सूची की स्थिति अपडेट करने में मदद करेगा। ट्रेन में टिकटों की जांच के दौरान यात्री नॉट टर्न अप अर्थात सफर न करने वाले होते हैं तो टीटीई एचएचटी के जरिए पीआरएस अर्थात पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में खाली बर्थ की सूचना दर्ज करा देंगे। अभी ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसमें सफर न करने वाले यात्री और अगले स्टेशन के कोटे की खाली सीटों की सूचना चलती ट्रेन में मिल सके। इस सिस्टम से यह सब आसान हो जाएगा और चलती ट्रेन में ही प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को बर्थ आवंटित हो जाएगा। इससे यात्रियों को सीट खाली रहते हुए भी बिना सीट के यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
इन ट्रेनों में शुरू हुई एचएचटी प्रणाली
ट्रेन संख्या ट्रेन का नाम
12029-12030 अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस
12037-12038 लुधियाना शताब्दी एक्सप्रेस
12039-12040 काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस
12017-12018 देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस
12050-12049 गतिमान एक्सप्रेस
22414-22413 गोवा राजधानी एक्सप्रेस
12434-12433 चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस
एचएचटी सर्विस के क्या होंगे फायदे?
- इससे यात्री आरक्षण प्रणाली में सुधार होगा।
- ट्रेनों में बर्थ आवंटन में पारदर्शिता बढ़ेगी व भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
- आरक्षण चार्ट प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जा रहे कागज की बचत होगी।
- वेटिंग टिकट यात्रियों को चलती गाड़ी में सीट उपलब्धता की पुष्टि हो सकेगी।
- रिफंड के दावे तेजी से निपटान करने में भी सहायता मिलेगी।
एचएचटी से यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा : आरएन सिंह
हैंड हेल्ड टर्मिनल प्रणाली से जहां यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान की जा सकेगी, वहीं इससे रेलवे को फायदा पहुंचेगा। ट्रेनों के अंदर ही वेटिंग टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों की सीटें उपलब्ध हो सकेंगी। आरक्षण चार्ट प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जा रहे ट्रेनों कागजों की भी बचत होगी। फिलहाल यह प्रणाली 4 शताब्दी एक्सप्रेस व 2 राजधानी एक्सप्रेस तथा एक गतिमान एक्सप्रेस ट्रेन में शुरू की गई है। इस प्रणाली को धीरे-धीरे सभी गाड़ियों में प्रारंभ किया जाएगा।
आरएन सिंह, रेल प्रबंधक, दिल्ली मंडल।
पानीपत। ट्रेन टिकट परीक्षकों (टीटीई) को अब गाड़ियों में रिजर्वेशन चार्ट लेकर घूमने से मुक्ति मिलने जा रही है। टिकट जारी करने में पारदर्शिता लाने और टिकट परीक्षकों के बीच भ्रष्टाचार की जांच करने के लिए भारतीय रेलवे ने डिजिटल पहलुओं को पेश करने के लिए ट्रेन टिकट परीक्षकों को हैंड हेल्ड टर्मिनलों (एचएचटी) देने की शुरुआत की है। हैंड हेल्ड टर्मिनल रेलवे के सर्वर से जुड़ा होगा जिसमें एक सिम होगा जिसके जरिये रेल टिकट का हर अपडेट टर्मिनल तक तुरंत पहुंच जाएगा। इससे जहां रेलवे विभाग को फायदा पहुंचेगा, वहीं यात्रियों को भी बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध करवाई जा सकेगी। एचएचटी यात्रियों से अतिरिक्त किराया, जुर्माना और अन्य शुल्क इकट्ठा करने और उनके लिए रसीद जारी करने के लिए भी उपयोग किया जा सकता है। पहले चरण में शताब्दी एक्सप्रेस, राजधानी एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में मुहैया कराई जाएगी। बाद में, मेल और एक्सप्रेस ट्रेन के टीटीई को दिए जाएंगे।
उत्तर रेलवे के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि उत्तर रेलवे के दिल्ली मंडल को कुल 180 एचएचटी सेट प्राप्त हुए हैं। दिल्ली से चलने वाली 4 शताब्दी एक्सप्रेस गाड़ियों, 2 राजधानी एक्सप्रेस और गतिमान एक्सप्रेस गाड़ियों में टीटीई को एचएचटी प्रदान किए गए हैं। 73 मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों में यह सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। इसका सबसे ज्यादा फायदा वेटिंग टिकट वालों को मिलेगा। यदि कोई भी सीट खाली हुई तो वहां वेटिंग टिकट वाले यात्री को आवंटित कर दिया जाएगा। इस प्रणाली को धीरे-धीरे सभी गाड़ियों में प्रारंभ किया जाएगा। इसके लिए टीटीई को हैंड हेल्ड टर्मिनल उपलब्ध करवाए जाएंगे जिससे वह यात्रियों के आरक्षण स्थिति की जांच व अगले स्टेशन पर आरक्षण स्थिति की सूचना तुरंत प्राप्त कर सकेंगे। इससे पेपरलेस टिकटिंग, चार्टिंग और पेपर के रिमों की बचत होने के अलावा रिफंड के दावों को अंतिम रूप देने में भी तेजी लाने में सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
नई दिल्ली-पटना राजधानी ट्रेन से हुई थी एचएचटी की शुरूआत
पहला ऐसा एचएचटी पटना-नई दिल्ली राजधानी में पेश किया गया था, जहां सभी टिकट परीक्षकों को नवीनतम गैजेट प्रदान किया गया था। आइपैड के आकार के साथ एचएचटी यात्री आरक्षण चार्ट से भरा जाएगा। चूंकि यह समय-समय पर जीपीआरएस के माध्यम से यात्री आरक्षण प्रणाली के केंद्रीय सर्वर से जुड़ा हुआ है, प्रत्येक स्टेशन जहां ट्रेन रुकती है, टिकटों की बुकिंग के विवरण अपडेट किए जाते हैं।
विज्ञापन
कागजों के आरक्षण चार्ट का टीटीई कर रहे प्रयोग
वर्तमान में टीटीई को गाड़ियों में यात्रियों की आरक्षण की जांच या बर्थ 9 टर्मिनल तुरंत अपडेट होगा। इसके जरिए टिकट बनाने के साथ ही टीटीई को आरक्षित बोगी में खाली सीटों, यात्रियों के ट्रेन में चढ़ने और उतरने की जानकारी भी मिलती रहेगी। टर्मिनल अपडेट होने से कैंसिल टिकट रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। टीटीई की ओर से खाली बर्थ आवंटित किए जाने के बाद उसकी इंट्री सर्वर में भी हो जाएगी। हैंड हेल्ड टर्मिनल की मदद से रिजर्वेशन टिकट बुकिंग में सुविधा होगी। इससे गाड़ी में खाली बर्थों की उपलब्धता और प्रतीक्षा सूची वाले यात्रियों को निष्पक्षता से सीट मिलना सुनिश्चित हो जाएगी।
हैंड हेल्ड टर्मिनल कैसे करेगा काम?
एचएचटी प्रणाली एक अग्रेषित प्रणाली है और कुछ ट्रेनों के लिए एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू की गई है। टीटीई के लिए एचएचटी पूरी ट्रेन की यात्री सूची की स्थिति अपडेट करने में मदद करेगा। ट्रेन में टिकटों की जांच के दौरान यात्री नॉट टर्न अप अर्थात सफर न करने वाले होते हैं तो टीटीई एचएचटी के जरिए पीआरएस अर्थात पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम में खाली बर्थ की सूचना दर्ज करा देंगे। अभी ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है जिसमें सफर न करने वाले यात्री और अगले स्टेशन के कोटे की खाली सीटों की सूचना चलती ट्रेन में मिल सके। इस सिस्टम से यह सब आसान हो जाएगा और चलती ट्रेन में ही प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को बर्थ आवंटित हो जाएगा। इससे यात्रियों को सीट खाली रहते हुए भी बिना सीट के यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।
इन ट्रेनों में शुरू हुई एचएचटी प्रणाली
ट्रेन संख्या ट्रेन का नाम
12029-12030 अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस
12037-12038 लुधियाना शताब्दी एक्सप्रेस
12039-12040 काठगोदाम शताब्दी एक्सप्रेस
12017-12018 देहरादून शताब्दी एक्सप्रेस
12050-12049 गतिमान एक्सप्रेस
22414-22413 गोवा राजधानी एक्सप्रेस
12434-12433 चेन्नई राजधानी एक्सप्रेस
एचएचटी सर्विस के क्या होंगे फायदे?
- इससे यात्री आरक्षण प्रणाली में सुधार होगा।
- ट्रेनों में बर्थ आवंटन में पारदर्शिता बढ़ेगी व भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।
- आरक्षण चार्ट प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जा रहे कागज की बचत होगी।
- वेटिंग टिकट यात्रियों को चलती गाड़ी में सीट उपलब्धता की पुष्टि हो सकेगी।
- रिफंड के दावे तेजी से निपटान करने में भी सहायता मिलेगी।
एचएचटी से यात्रियों को मिलेगी बेहतर सुविधा : आरएन सिंह
हैंड हेल्ड टर्मिनल प्रणाली से जहां यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान की जा सकेगी, वहीं इससे रेलवे को फायदा पहुंचेगा। ट्रेनों के अंदर ही वेटिंग टिकट पर सफर करने वाले यात्रियों की सीटें उपलब्ध हो सकेंगी। आरक्षण चार्ट प्रिंट करने के लिए प्रयोग किए जा रहे ट्रेनों कागजों की भी बचत होगी। फिलहाल यह प्रणाली 4 शताब्दी एक्सप्रेस व 2 राजधानी एक्सप्रेस तथा एक गतिमान एक्सप्रेस ट्रेन में शुरू की गई है। इस प्रणाली को धीरे-धीरे सभी गाड़ियों में प्रारंभ किया जाएगा।
आरएन सिंह, रेल प्रबंधक, दिल्ली मंडल।